राम मंदिर दान मामले में आखिर क्या हुआ? FIR के कुछ घंटों में क्यों गिरफ्तार हुए 8 आरोपी?

अयोध्या के राम मंदिर में दान के कथित गबन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर FIR दर्ज होने के कुछ घंटों के भीतर हुई इस कार्रवाई के बाद मामले की जांच और तेज हो गई है।

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राम मंदिर चंदे को लेकर विवाद
राम मंदिर चंदा विवाद में गिरफ्तार आठ लोगों में से पांच. (नीचे बाईं ओर से घड़ी की दिशा में) अनुकल्प मिश्रा, राम शंकर यादव, करुणेश पांडे, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और लवकुश मिश्रा. (फोटो: ITGD)

In Short

  • राम मंदिर दान मामले में बड़ा एक्शन, FIR के कुछ घंटों में सभी 8 आरोपी गिरफ्तार
  • राम मंदिर दान चोरी केस में 8 लोगों की गिरफ्तारी, क्या है पूरा मामला?
  • राम मंदिर दान केस में 8 आरोपी गिरफ्तार, अब आगे क्या होगा?
  • राम मंदिर दान चोरी केस में यूपी पुलिस का बड़ा एक्शन, 8 आरोपी गिरफ्तार

By Franklin Nigam:

अयोध्या के राम मंदिर में भक्तों के दान के कथित गबन मामले में उत्तर प्रदेश पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सभी आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। यह कार्रवाई श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की शिकायत पर दर्ज पहली FIR के बाद की गई। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और मामले की जांच जारी है। यह मामला श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के ट्रस्टी कृष्ण मोहन की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर दर्ज की गई। FIR में अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू समेत अन्य अज्ञात लोगों को नामजद किया गया है।

कई धाराओं में दर्ज हुआ मामला

आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 305, 306, 316(5), 317(4), 317(5), 61 और 3(5) के साथ-साथ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(a) के तहत केस दर्ज किया गया है। इनमें चोरी, आपराधिक विश्वासघात, आपराधिक साजिश और चोरी की संपत्ति रखने जैसे आरोप शामिल हैं।

13 जून को बनी थी SIT

राम मंदिर में दान और चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच के लिए उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को SIT का गठन किया था। यह मामला तब चर्चा में आया जब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने दान में गड़बड़ी के आरोपों का हवाला देते हुए अदालतों से संज्ञान लेने की मांग की थी। FIR दर्ज होने के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर जांच प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि छोटी मछलियों पर कार्रवाई होगी। जबकि बड़ी मछलियों को बचाया जाएगा। वहीं विश्व हिंदू परिषद के अध्यक्ष आलोक कुमार पहले ही इस मुद्दे पर विपक्ष पर राजनीतिक लाभ लेने का आरोप लगा चुके हैं।

अयोध्या राम मंदिर दान गबन मामले में FIR दर्ज होने के कुछ घंटों बाद यूपी पुलिस ने सभी 8 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जानिए पूरा मामला।

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