राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO का काम शुरू, जीतेंद्र मिश्रा के अधिकार और जिम्मेदारियों के लिए बनेगी SOP

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा ने अयोध्या पहुंचकर अपनी जिम्मेदारी संभालने की शुरुआत कर दी है। पहली बैठक में उन्हें ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासन की जानकारी दी गई। अब उनके अधिकार और जिम्मेदारियां तय करने के लिए SOP तैयार की जाएगी।

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In Short

  • राम मंदिर ट्रस्ट के पहले CEO जीतेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे और ट्रस्ट सदस्यों के साथ अपनी पहली बैठक की।
  • नए CEO की जिम्मेदारियां और अधिकार तय करने के लिए ट्रस्ट की ओर से SOP तैयार की जाएगी।
  • ट्रस्ट में हालिया बदलावों के बीच प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को ज्यादा मजबूत और व्यवस्थित करने पर जोर है।

By Manita:

राम मंदिर ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानी CEO एयर मार्शल (रिटायर्ड) जीतेंद्र मिश्रा गुरुवार सुबह दिल्ली से फ्लाइट के जरिए अयोध्या पहुंचे। अयोध्या पहुंचने के बाद उन्होंने सबसे पहले राम मंदिर जाकर भगवान राम के दर्शन किए और पूजा-अर्चना की। इसके बाद वह रामघाट स्थित श्री राम जन्मभूमि क्षेत्र ट्रस्ट के कार्यालय पहुंचे।

पहली बैठक में ट्रस्ट के कामकाज की जानकारी

ट्रस्ट कार्यालय पहुंचने के बाद जीतेंद्र मिश्रा ने सदस्यों और पदाधिकारियों के साथ अपनी पहली बैठक में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्हें ट्रस्ट के कामकाज, लेखा व्यवस्था और प्रशासनिक व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी दी गई।

बैठक को मुख्य रूप से परिचयात्मक बताया गया। इसमें नए CEO का ट्रस्ट के दूसरे सदस्यों से औपचारिक परिचय कराया गया।

बैठक के बाद मिश्रा ने कहा कि यह परिचयात्मक बैठक थी और उन्होंने ट्रस्ट के दूसरे सदस्यों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि अपनी भूमिका और जिम्मेदारियों को पूरी तरह समझने में उन्हें कुछ और दिन लगेंगे।

CEO के लिए तैयार होगी SOP

ट्रस्ट के महासचिव गोविंद देव गिरि ने बताया कि नए CEO के लिए SOP तैयार की जाएगी। इसमें उनकी जिम्मेदारियों और अधिकारों को साफ किया जाएगा।

आने वाले दिनों में इस प्रक्रिया को पूरा किए जाने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक जीतेंद्र मिश्रा दिन में ट्रस्ट की कुछ और बैठकों में भी शामिल हो सकते हैं। फिलहाल वह मंदिर ट्रस्ट के कार्यालय में ही ठहरे हुए हैं।

कौन हैं जीतेंद्र मिश्रा?

62 वर्षीय पूर्व एयर मार्शल जीतेंद्र मिश्रा इससे पहले पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने वेस्टर्न एयर कमांड का नेतृत्व किया था।

Image Credit : Aaj Tak

राम मंदिर ट्रस्ट की जिम्मेदारी मिलने पर मिश्रा ने इसे अपने लिए सौभाग्य बताया था। उन्होंने कहा था कि वह चयन समिति के आभारी हैं और अपनी नियुक्ति को भगवान राम का आशीर्वाद मानते हैं।

उन्होंने कहा था कि जीवन में उन्हें दो महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। पहली देश की सेवा और अब राम मंदिर तथा राम भक्तों के संगठन और प्रशासन की जिम्मेदारी।

ट्रस्ट में क्यों हो रहे बदलाव?

CEO की नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब ट्रस्ट की प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है। मंदिर में मिले कथित चंदा गबन के विवाद के बाद आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी।

इसके बाद चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था। ट्रस्ट ने गोविंद देव गिरि को महासचिव और महेश भगचंदका को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया। मदन मोहन पांडेय और निर्मला यादव समेत नए ट्रस्टियों को भी शामिल किया गया।

चंपत राय से मिले गोविंद देव गिरि

गुरुवार को गोविंद देव गिरि ने कारसेवक पुरम स्थित भारत कुटी में पूर्व महासचिव चंपत राय से भी मुलाकात की। दोनों के बीच बंद कमरे में करीब एक घंटे से ज्यादा समय तक बातचीत हुई।

इस दौरान पूर्व ट्रस्ट सदस्य अनिल मिश्रा और विशेष आमंत्रित सदस्य दिनेश जी भी मौजूद रहे। फिलहाल ट्रस्ट का जोर प्रशासनिक और वित्तीय व्यवस्था को मजबूत करने और बढ़ती जिम्मेदारियों को व्यवस्थित तरीके से संभालने पर है।

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