राम मंदिर को लेकर क्या बोले नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्र? आगे के प्लान पर दिया ये जवाब
राम मंदिर के नए CEO बनने जा रहे पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र से जब उनकी नई जिम्मेदारी को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने तीन पॉइंट्स में जवाब दिया। उन्होंने अभी पदभार नहीं संभाला है। ऐसे में राम मंदिर को लेकर उनका आगे का प्लान क्या होगा और इस पर उन्होंने क्या कहा, जानिए।

In Short
- राम मंदिर के नवनियुक्त CEO जितेंद्र मिश्र ने कहा कि उन्होंने अभी आधिकारिक तौर पर पद नहीं संभाला है।
- राम मंदिर पर सवाल के जवाब में उन्होंने तीन शब्द कहे—‘जय श्री राम’।
- ऑपरेशन सिंदूर को उन्होंने वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और वायुसेना की वर्षों की मेहनत का नतीजा बताया।
राम मंदिर के नवनियुक्त CEO और पूर्व एयर मार्शल जितेंद्र मिश्र सोमवार को दिल्ली में आजतक के मंच पर पहुंचे। सुरक्षा सभा के ‘आसमान के रखवाले’ सेशन में उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर से लेकर राम मंदिर की नई जिम्मेदारी तक कई सवालों के जवाब दिए।
राम मंदिर पर बोले जितेंद्र मिश्र
सेशन के दौरान जितेंद्र मिश्र से पूछा गया कि राम मंदिर के CEO के तौर पर वह आगे की जिम्मेदारी को कैसे देखते हैं और क्या उन्होंने इसके लिए कोई रोडमैप तय किया है।
इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह इस सवाल पर सिर्फ तीन पॉइंट्स रखना चाहेंगे। पहला, उन्हें जो निमंत्रण मिला था वह ऑपरेशन सिंदूर पर बात करने के लिए था। दूसरा, उन्होंने अभी आधिकारिक तौर पर राम मंदिर के CEO का पद नहीं संभाला है।
उन्होंने कहा कि अगर यही सवाल एक महीने बाद पूछा जाए तो वह शायद बेहतर जवाब दे पाएंगे।
‘तीन शब्द बोलता हूं- जय श्री राम’
जब उनसे राम मंदिर को लेकर दो शब्द कहने के लिए कहा गया तो जितेंद्र मिश्र ने कहा कि वह दो नहीं बल्कि तीन शब्द बोलेंगे- ‘जय श्री राम’। इसी के साथ उन्होंने सेशन का समापन किया।
ऑपरेशन सिंदूर पर क्या बोले?
जितेंद्र मिश्र ने ऑपरेशन सिंदूर को कई वर्षों की मेहनत का नतीजा बताया। उन्होंने कहा कि इसमें वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और वायुसेना के संयुक्त प्रयास की बड़ी भूमिका रही।
उनके मुताबिक, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत के स्पेस की रक्षा करने वाले और दुश्मन को निशाना बनाने वाले उपकरण वर्षों की मेहनत का परिणाम थे। उन्होंने कहा कि किसी भी परिपक्व सिस्टम को तैयार करने में कई पीढ़ियां लगती हैं।
ब्रह्मोस और सुखोई-30 का दिया उदाहरण
पूर्व एयर मार्शल ने ब्रह्मोस एयर लॉन्च क्रूज मिसाइल और सुखोई-30 का उदाहरण दिया। उन्होंने कहा कि 250 से 300 किलोमीटर दूर मौजूद लक्ष्य को करीब दो मीटर की सटीकता से निशाना बनाना भारतीय तकनीक की बड़ी उपलब्धि है।
AI को लेकर भी किया आगाह
जितेंद्र मिश्र ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आने के बाद तकनीक की रफ्तार और तेज हो गई है। अगर भारत इस बदलाव के साथ कदमताल नहीं करेगा तो आने वाले चार-पांच वर्षों में बड़ा फर्क देखने को मिल सकता है।