दान चोरी के बाद राम मंदिर ट्रस्ट का बड़ा फैसला, अब सिर्फ SBI करेगा चढ़ावे की गिनती, 36 कर्मचारी हटाए गए

राम मंदिर में कथित दान चोरी के बाद ट्रस्ट ने चढ़ावे की गिनती का पूरा सिस्टम बदल दिया है। एक साथ 36 कर्मचारियों को हटा दिया गया, जबकि गिरफ्तार आठ आरोपी इस टीम का हिस्सा नहीं थे। अब नकदी SBI स्टाफ गिनेगा। पढ़ें पूरी खबर।

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Image Credit: Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra X handle

In Short

  • राम मंदिर में चढ़ावे की गिनती करने वाले सभी 36 कर्मचारियों को हटा दिया गया है।
  • अब राम मंदिर में चढ़ावे की नकदी की गिनती SBI के नियमित कर्मचारी करेंगे।
  • दान चोरी के मामले में गिरफ्तार आठ आरोपी हटाए गए 36 कर्मचारियों में शामिल नहीं थे।

By Gaurav Kumar:

Ram Mandir Donation Counting: अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चोरी का मामला सामने आने के बाद श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने चढ़ावे की गिनती से जुड़ी पूरी व्यवस्था बदल दी है। अब मंदिर में आने वाली नकदी की गिनती निजी एजेंसी के कर्मचारियों से नहीं कराई जाएगी। यह जिम्मेदारी पूरी तरह स्टेट बैंक ऑफ इंडिया यानी SBI के नियमित कर्मचारियों को दे दी गई है।

दान गिनने वाले सभी 36 कर्मचारी हटाए गए

सूत्रों के मुताबिक, चढ़ावे की गिनती के काम में लगे सभी 36 कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया गया है। पहले 23 कर्मचारियों को कार्यमुक्त किया गया था और अब बाकी 13 कर्मचारियों को भी हटा दिया गया है। इसके साथ ही लंबे समय से दान की गिनती कर रही पुरानी टीम का काम पूरी तरह समाप्त हो गया है।

हालांकि, दान चोरी के मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपी इन 36 कर्मचारियों में शामिल नहीं थे। यानी गिरफ्तारी वाले आरोपी और नौकरी से हटाए गए कर्मचारी अलग-अलग हैं। इसके बावजूद ट्रस्ट ने कुछ कर्मचारियों तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय पूरी व्यवस्था बदलने का फैसला किया है।

SBI के नियमित कर्मचारी करेंगे नकदी की गिनती

अब राम मंदिर में आने वाले नकद चढ़ावे की गिनती केवल SBI के नियमित कर्मचारी करेंगे। इसके लिए बैंक की अलग-अलग शाखाओं से कर्मचारियों को तैनात किया गया है। इस बदलाव के बाद दान की गिनती और उससे जुड़ी जवाबदेही सीधे बैंकिंग व्यवस्था के तहत रहेगी।

हटाए गए 36 कर्मचारी सीधे ट्रस्ट या SBI के कर्मचारी नहीं थे। उन्हें वाराणसी की एक निजी एजेंसी के जरिए हाउसकीपिंग स्टाफ के रूप में रखा गया था। बाद में उन्हें चढ़ावे की नकदी गिनने का काम भी सौंप दिया गया था।

कर्मचारियों ने बिना नोटिस हटाने का लगाया आरोप

काम से हटाए गए कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें फैसले का साफ कारण नहीं बताया गया। उनका दावा है कि निजी एजेंसी को प्रति कर्मचारी करीब 26 हजार रुपये दिए जाते थे, जबकि उन्हें हर महीने केवल 15 हजार रुपये वेतन मिलता था।

कर्मचारियों के मुताबिक, उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कोई गलती नहीं की, फिर भी उन्हें बिना नोटिस के हटा दिया गया। उन्हें आइडेंटिटी कार्ड और यूनिफॉर्म जमा करने को कहा गया है और अगले दिन से ड्यूटी पर नहीं आने के निर्देश दिए गए हैं।

सूत्रों का कहना है कि इन कर्मचारियों को मंदिर परिसर में कोई दूसरी जिम्मेदारी भी नहीं दी जाएगी। इसके अलावा सफाई, रखरखाव और दूसरी सेवाओं से जुड़े कई पुराने ठेकेदारों को भी हटाया जा रहा है।

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