राम मंदिर चढ़ावा केस में 50 खाते रडार पर, आयकर विभाग की मदद से मनी ट्रेल खंगालेगी पुलिस

अयोध्या में चढ़ावे की कथित चोरी की जांच अब पैसों के पूरे रास्ते तक पहुंच गई है। पुलिस 50 बैंक खातों की पड़ताल कर रही है और आयकर विभाग से मदद मांगी गई है। पढ़ें पूरी खबर।

Advertisement

In Short

  • राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आठ आरोपियों और उनके परिवार से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच कर रही है।
  • यह पता लगाया जा रहा है कि पैसा शेयर बाजार म्यूचुअल फंड या प्रॉपर्टी में लगाया गया या नहीं।
  • जांच में छिपी संपत्ति मिलने पर उसकी जब्ती रकम की रिकवरी और नई गिरफ्तारियां हो सकती हैं।

By Gaurav Kumar:

Ram Mandir donation theft case: अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि कथित रूप से गायब हुई रकम आखिर कहां-कहां पहुंची और उसका इस्तेमाल किस काम में किया गया। पैसे का पूरा रास्ता पता लगाने के लिए पुलिस ने आयकर विभाग से भी मदद मांगी है।

50 बैंक खातों की हो रही जांच

पुलिस ने इस मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों और उनके परिवार के लोगों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच शुरू की है। इन खातों में साल 2022 से अब तक हुए लेन-देन को देखा जा रहा है।

जांच अधिकारी यह जानने की कोशिश कर रहे हैं कि रकम सीधे आरोपियों के खातों में रखी गई या रिश्तेदारों और दूसरे लोगों के खातों के जरिए इधर-उधर भेजी गई। इसके लिए बैंक खातों में जमा नकदी बड़ी निकासी और एक खाते से दूसरे खाते में हुए ट्रांसफर की जानकारी जुटाई जा रही है।

बैंक स्टेटमेंट और KYC रिकॉर्ड मांगे

पुलिस ने बैंकों से खातों के पूरे स्टेटमेंट KYC रिकॉर्ड नॉमिनी की जानकारी और लेन-देन का इतिहास मांगा है। जांच टीम यह भी देख रही है कि किसी खाते में अचानक बड़ी रकम जमा हुई या बिना साफ वजह के पैसे निकाले गए।

ये खबर पढ़ना ना भूलें: राम मंदिर चढ़ावा विवाद के बाद ट्रस्ट सख्त, बैंकिंग सिस्टम से दान गिनती तक तक बदले नियम

आरोपियों और उनके करीबी लोगों के नाम पर हुए निवेश की भी जांच की जा रही है। इसका मकसद ऐसी संपत्ति या रकम का पता लगाना है जिसका सही हिसाब उपलब्ध नहीं है।

शेयर बाजार और प्रॉपर्टी में निवेश की जांच

आयकर विभाग की मदद से यह पता लगाया जाएगा कि कथित रकम शेयर बाजार म्यूचुअल फंड फिक्स्ड इनकम योजनाओं या रियल एस्टेट में लगाई गई या नहीं।

जांच अधिकारी यह भी देख रहे हैं कि कई छोटे लेन-देन के जरिए रकम का असली स्रोत छिपाने की कोशिश तो नहीं की गई। जांच की अवधि में खरीदी गई चल और अचल संपत्तियों की जानकारी भी जुटाई जा रही है।

रिश्तेदारों और दूसरे लोगों की भूमिका पर नजर

पुलिस को शक है कि कथित गबन की रकम केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं रही होगी। इसलिए उन रिश्तेदारों और सहयोगियों की भूमिका भी जांची जा रही है जिनके खातों या नाम पर पैसा और संपत्ति रखी गई हो सकती है।

संपत्ति जब्त करने में मिल सकती है मदद

वित्तीय जांच से रकम के पूरे लेन-देन का पता लगाने और कथित रूप से हासिल पैसे का हिसाब तैयार करने में मदद मिलेगी। जांच में दूसरे लोगों की भूमिका सामने आने पर नई गिरफ्तारियां भी हो सकती हैं।

अधिकारियों के मुताबिक बैंक रिकॉर्ड की फोरेंसिक जांच पूरी होने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई संपत्ति की रिकवरी और जब्ती से जुड़े फैसले लिए जाएंगे।

Read more!
Advertisement