दिहाड़ी मजदूरों की चमकी किस्मत! पन्ना की खदान में मिला 17.96 कैरेट का हीरा
मध्य प्रदेश के पन्ना में सात दिहाड़ी मजदूरों की किस्मत बारिश के बाद चमक उठी। पुरानी खदान में मिला 17.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा अब सरकारी नीलामी में जाएगा। 50 लाख रुपये से ज्यादा कीमत वाले इस हीरे ने मजदूरों के अधूरे सपनों को पूरा करने की नई उम्मीद जगा दी है।

In Short
- बारिश के बाद पन्ना की पुरानी खदान में मिला 17.96 कैरेट का जेम क्वालिटी हीरा
- सरकारी नीलामी में हीरे की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा पहुंचने का अनुमान
- सात दिहाड़ी मजदूरों की बदलेगी जिंदगी घर और बच्चों की पढ़ाई के लिए करेंगे इस्तेमाल
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में सात दिहाड़ी मजदूरों की जिंदगी एक हीरे की खोज से बदलने वाली है। सरकोहा गांव की एक छोटी खदान में मिले 17.96 कैरेट के इस हीरे की कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। यह खोज ऐसे समय हुई जब मजदूरों ने बारिश के बाद पुरानी खदान की जांच की और मिट्टी के ऊपर कुछ चमकता हुआ देखा। यही चमक उनके लिए नई उम्मीद लेकर आई।
बारिश के बाद पुरानी खदान में मिला चमकता पत्थर
सरकोहा गांव में अखिलेश पाल और उनके छह साथियों ने करीब दो साल पहले एक खदान लीज पर ली थी। लंबे समय तक कोशिश करने के बाद भी उन्हें कोई सफलता नहीं मिली, जिसके बाद उन्होंने उस खदान को एक साल के लिए बंद कर दिया था। इसके बाद उन्होंने पास में ही दूसरी खदान शुरू कर दी थी।
बारिश के बाद जब सभी मजदूर पुरानी खदान को देखने पहुंचे तो अखिलेश पाल की नजर मिट्टी के ऊपर चमक रही एक चीज पर पड़ी। जांच करने पर पता चला कि वह एक असली हीरा है। इस खबर के फैलते ही गांव और आसपास के इलाकों में खुशी का माहौल बन गया।
सरकारी नीलामी से तय होगी हीरे की असली कीमत
पन्ना डायमंड ऑफिस के अधिकारी रवि पटेल के मुताबिक यह 17.96 कैरेट का जेम क्वालिटी डायमंड है, जिसका इस्तेमाल ज्वेलरी बनाने में किया जा सकता है। विशेषज्ञों ने इसकी कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा आंकी है, लेकिन इसकी अंतिम कीमत सरकारी नीलामी के बाद ही तय होगी।
यह नीलामी अक्टूबर के पहले हिस्से में होने की उम्मीद है। नियमों के मुताबिक नीलामी से मिलने वाली रकम में से करीब 12 प्रतिशत रॉयल्टी और टैक्स के रूप में काटा जाएगा। इसके बाद बची हुई रकम मजदूरों को दी जाएगी।
सातों मजदूरों में बराबर बांटी जाएगी रकम
हीरे की खोज करने वाले सभी सात मजदूर दिहाड़ी पर काम करते थे और इसी कमाई से अपना घर चलाते थे। अब मिलने वाली रकम को सभी लोग बराबर हिस्से में बांटेंगे। उनके लिए यह पैसा सिर्फ एक रकम नहीं बल्कि लंबे समय से रुके सपनों को पूरा करने का मौका है।
संतोष शर्मा और अरुण समेत तीन मजदूरों की उम्र करीब 30 से 38 साल के बीच है। पैसों की कमी के कारण उनकी शादी भी नहीं हो पाई थी। अब उन्हें उम्मीद है कि यह पैसा उनकी जिंदगी में नई शुरुआत लेकर आएगा।
घर और बच्चों की पढ़ाई के लिए करेंगे इस्तेमाल
मजदूरों ने बताया कि वे इस पैसे से अपने पुराने घरों को बेहतर बनाना चाहते हैं और बच्चों की पढ़ाई पर भी खर्च करना चाहते हैं। उनका मानना है कि यह सफलता अकेले किसी एक की नहीं बल्कि सभी सात साथियों की मेहनत का नतीजा है।
17.96 कैरेट के इस हीरे को सुरक्षा के लिए पन्ना के सरकारी डायमंड ऑफिस में जमा करा दिया गया है। अब जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इसकी नीलामी की जाएगी और इसके बाद ही मजदूरों को उनकी मेहनत का इनाम मिलेगा।