16 साल में रेल मंत्रियों ने 33 बार लिया चार्टर्ड विमान! ₹8.90 करोड़ खर्च; RTI से सामने आया पूरा ब्योरा
इंडिया टुडे की RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, 2007 से अब तक रेल मंत्रालय ने मंत्रियों की 33 चार्टर्ड उड़ानों पर करीब 8.90 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ये उड़ानें आपात स्थिति, दुर्घटना स्थलों के दौरे और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल की गईं।

In Short
- 2007 से अब तक रेल मंत्रियों की 33 चार्टर्ड उड़ानों पर करीब 8.90 करोड़ रुपये खर्च हुए, RTI से खुलासा हुआ।
- लालू प्रसाद यादव ने सबसे ज्यादा 12 बार चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल किया, लेकिन सबसे ज्यादा खर्च सुरेश प्रभु के नाम दर्ज है।
- 2023 बालासोर ट्रेन हादसे के बाद अश्विनी वैष्णव ने चार्टर्ड विमान लिया, जिस पर 25 लाख रुपये खर्च हुए।
भारत के रेल मंत्रियों के लिए पिछले 16 साल से चार्टर्ड विमान की सुविधा उपलब्ध रही है। इंडिया टुडे की RTI से मिली जानकारी के मुताबिक, 2007 से अब तक रेल मंत्रालय ने मंत्रियों की 33 चार्टर्ड उड़ानों पर करीब 8.90 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। ये उड़ानें आपात स्थिति, दुर्घटना स्थलों के दौरे और आधिकारिक कार्यक्रमों के लिए इस्तेमाल की गईं।
लालू प्रसाद ने सबसे ज्यादा उड़ानें भरीं, लेकिन खर्च में पीछे रहे
RTI रिकॉर्ड के अनुसार, पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव ने सबसे ज्यादा 12 बार चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल किया। हालांकि सबसे ज्यादा खर्च पूर्व रेल मंत्री सुरेश प्रभु के नाम दर्ज है।
सुरेश प्रभु ने चार मौकों पर चार्टर्ड सुविधा ली, लेकिन इन उड़ानों पर करीब 3.01 करोड़ रुपये खर्च हुए। यह सभी मंत्रियों में सबसे ज्यादा औसत खर्च था। वहीं, मौजूदा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2021 से पद संभालने के बाद अब तक सिर्फ एक बार चार्टर्ड विमान का इस्तेमाल किया। 2023 बालासोर ट्रेन हादसे के बाद दुर्घटना स्थल पहुंचने के लिए ली गई इस उड़ान पर 25 लाख रुपये खर्च हुए।
हादसों और आपदाओं के दौरान हुआ ज्यादा इस्तेमाल
चार्टर्ड उड़ानों का इस्तेमाल ज्यादातर रेल हादसों, बाढ़ और सरकारी कार्यक्रमों के दौरान हुआ। कई रेल मंत्रियों ने दुर्घटना स्थलों का दौरा करने के लिए विमान लिया।2008 की बिहार बाढ़ के दौरान लालू प्रसाद यादव ने कई बार चार्टर्ड विमान से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वे किया। RTI रिकॉर्ड में इन यात्राओं में पटना, जोगबनी, सुपौल, अररिया और मधेपुरा जैसे स्थानों का जिक्र है।
रिकॉर्ड में आया बदलाव, जानकारी हुई कम
RTI दस्तावेजों में समय के साथ एक बदलाव नजर आता है। लालू प्रसाद के कार्यकाल में यात्राओं का विवरण काफी विस्तार से दर्ज किया गया था, जिसमें जगह, कारण और कार्यक्रमों की जानकारी शामिल थी।बाद के वर्षों में कई यात्राओं के कारण सिर्फ “आधिकारिक कार्यक्रम” या “विभिन्न आधिकारिक कार्यक्रम” लिखे गए। सुरेश प्रभु की कई महंगी यात्राओं में भी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।
IAF विमान से IRCTC बुकिंग तक बदला तरीका
शुरुआती वर्षों में ज्यादातर चार्टर्ड उड़ानें भारतीय वायुसेना (IAF) के विमानों से हुईं। लेकिन 2018 के बाद तस्वीर बदली और IRCTC के जरिए चार्टर्ड विमान बुक किए जाने लगे।कुल मिलाकर 2007 से अब तक 11 रेल मंत्रियों और राज्य मंत्रियों की 33 चार्टर्ड उड़ानों पर करीब 8.90 करोड़ रुपये का सार्वजनिक धन खर्च हुआ है।