पुणे मिठाई दुकान मामले में नया मोड़, कोर्ट के फैसले से हैरान FDA अब लेगा आगे का फैसला
पुणे मिठाई दुकान मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र FDA ने हैरानी जताई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग अपनी कार्रवाई पर कायम है और कोर्ट के लिखित आदेश की समीक्षा के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला लिया जाएगा।

In Short
- बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे मिठाई दुकान का लाइसेंस बहाल करने का दिया आदेश
- FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे बोले कार्रवाई फूड पॉइजनिंग मामले में सही थी
- महाराष्ट्र FDA ने राज्यभर में फूड सेफ्टी अभियान के तहत कई कार्रवाई की
Maharashtra FDA: महाराष्ट्र के पुणे स्थित मिठाई दुकान मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट के फैसले के बाद महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA ने हैरानी जताई है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि विभाग कोर्ट के लिखित आदेश का इंतजार करेगा और उसके बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर फैसला लिया जाएगा।
मुंडे ने कहा कि FDA ने जो कार्रवाई की थी, वह सही थी क्योंकि दुकान की मिठाई खाने के बाद कुछ लोग बीमार हुए थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
कोर्ट ने दुकान का लाइसेंस बहाल करने का दिया आदेश
इस मामले में बॉम्बे हाई कोर्ट ने पुणे की मिठाई दुकान का फूड लाइसेंस लगातार निलंबित रखने पर सवाल उठाए थे। कोर्ट ने कहा कि बाद की जांच में दुकान ने फूड सेफ्टी नियमों का काफी हद तक पालन किया था।
इसके बाद कोर्ट ने लाइसेंस निलंबन जारी रखने के फैसले को हटाते हुए दुकान को दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दी। साथ ही महाराष्ट्र FDA को दुकान मालिक को 5 लाख रुपये देने का निर्देश दिया। यह राशि 30 दिनों के अंदर देने को कहा गया।
FDA बोला कार्रवाई थी सही
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे ने कहा कि यह मामला फूड पॉइजनिंग से जुड़ा था और मिठाई खाने वाले लोगों को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में सामान को असुरक्षित बताया गया था, इसलिए विभाग की कार्रवाई सही थी।
मुंडे ने कहा कि कोर्ट का पूरा लिखित आदेश मिलने के बाद विभाग उसका अध्ययन करेगा और आगे की कानूनी प्रक्रिया पर फैसला लेगा।
कैसे शुरू हुआ था पूरा मामला
मामले की शुरुआत 12 जून को हुई थी, जब जांच के दौरान दुकान में साफ-सफाई और हाइजीन से जुड़ी कई कमियां मिली थीं। इसके बाद दुकान का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया था।
दुकान की ओर से सुधार रिपोर्ट जमा करने के बाद 13 जुलाई को दोबारा जांच की गई। इस जांच में 36 में से 35 मानकों पर दुकान सही पाई गई और करीब 98 प्रतिशत नियमों का पालन मिला। इसके बावजूद लाइसेंस निलंबित रहा, जिसके बाद दुकान मालिक ने हाई कोर्ट का रुख किया।
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई जारी
महाराष्ट्र FDA ने 13 अगस्त को ऑनलाइन फूड डिलीवरी से जुड़े प्रतिष्ठानों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया। इस दौरान राज्यभर में 86 प्रतिष्ठानों की जांच की गई।
इस कार्रवाई में एक प्रतिष्ठान को तुरंत काम रोकने का आदेश दिया गया, 60 सुधार नोटिस जारी किए गए और 14 फूड बिजनेस लाइसेंस तुरंत निलंबित किए गए। इसके अलावा FDA ने दूध और डेयरी उत्पादों पर भी कार्रवाई की। विभाग ने 698 किलो डेयरी स्टॉक जब्त किया, जिसकी कीमत 34,302 रुपये बताई गई।
FDA ने प्रतिबंधित पान मसाला और गुटखा की बिक्री, वितरण और परिवहन के मामले में 10 एफआईआर दर्ज कीं। इन मामलों में 9 लोगों को गिरफ्तार किया गया और 46,76,631 रुपये का सामान जब्त किया गया। तुकाराम मुंडे ने लोगों से भी फूड और दवा सुरक्षा से जुड़े मामलों में आगे आने की अपील की और कहा कि सुरक्षित भोजन और दवाओं के लिए जनता की भागीदारी जरूरी है।