प्रेम कीटाणु मूवी रिव्यू: वीर पहाड़िया और आफिया सैयद ने जवानी के प्यार को दिल और मस्ती भरा सफर बनाया

वीर पहाड़िया की 'प्रेम कीटाणु' सिर्फ एक लव स्टोरी नहीं है। फिल्म में प्यार के साथ दोस्ती, परिवार, करियर और जिंदगी के बड़े फैसलों की उलझन भी है। क्या विशाल सुहानी के लिए अपना भविष्य बदल देगा? 'प्रेम कीटाणु' में रोमांस, कॉमेडी और इमोशन्स का कैसा है मेल, पढ़ें पूरा रिव्यू।

Advertisement

In Short

  • 'प्रेम कीटाणु' में वीर पहाड़िया का सहज अभिनय और आफिया सैयद का डेब्यू रोमांस को बनाते हैं दिलचस्प।
  • अपारशक्ति खुराना की कॉमेडी और राकेश बेदी के भावुक सीन फिल्म में हंसी के साथ इमोशन्स भी जोड़ते हैं।
  • लव ट्रायंगल से शुरू होकर दोस्ती, परिवार और करियर की उलझनों तक पहुंचती है फिल्म की कहानी, जो बड़े होने का मतलब समझाती है।

By Sonam:

Prem Kitanu Movie Review: जवानी में प्यार होना जितना खूबसूरत लगता है, उतना ही उलझनों से भरा भी होता है। दिल की धड़कनें, जलन, दोस्तों की सलाह और भविष्य को लेकर सवाल, इन सबके बीच इंसान कई बार खुद को समझ नहीं पाता। फिल्म 'प्रेम कीटाणु' इसी एहसास को कॉमेडी, रोमांस और इमोशन्स के साथ पर्दे पर पेश करती है। वीर पहाड़िया और आफिया सैयद की यह फिल्म सिर्फ प्यार की कहानी नहीं है, बल्कि दोस्ती, परिवार और बड़े होने की जिम्मेदारियों को समझने का सफर भी है।

क्या है फिल्म की कहानी?

फिल्म में वीर पहाड़िया ने विशाल का किरदार निभाया है, जो कॉलेज का एक मस्तमौला लड़का है। उसे न भविष्य की ज्यादा चिंता है और न ही बड़े होने की कोई जल्दी। अपने रूममेट और पक्के दोस्त के साथ उसकी जिंदगी आराम से चल रही होती है। तभी उसकी मुलाकात सुहानी से होती है।

आफिया सैयद ने सुहानी का किरदार निभाया है, जो समझदार, व्यावहारिक और अपने लक्ष्य को लेकर फोकस्ड है। विशाल को पहली नजर में उससे प्यार हो जाता है, लेकिन कहानी में रंजीत की एंट्री के बाद मामला दिलचस्प हो जाता है।

लव ट्रायंगल में कॉमेडी और इमोशन्स

अपारशक्ति खुराना रंजीत के किरदार में नजर आते हैं। फिल्म का लव ट्रायंगल केवल दो लड़कों के बीच लड़की को पाने की कहानी नहीं है। सुहानी के अपने फैसले हैं और विशाल को भी अपनी भावनाओं को समझना पड़ता है।

वीर पहाड़िया अपने किरदार में सहज लगते हैं। उनकी कॉमेडी और रोमांटिक सीन कहानी को हल्का-फुल्का बनाए रखते हैं। वहीं आफिया सैयद ने अपने डेब्यू में आत्मविश्वास दिखाया है। दोनों की केमिस्ट्री भी अच्छी लगती है।

(Photo Credit: The Lallantop)

दोस्ती और परिवार बनाते हैं कहानी को खास

विशाल और उसके रूममेट की दोस्ती फिल्म के मजेदार हिस्सों में से एक है। उसका दोस्त हर मुश्किल में उसके साथ खड़ा रहता है। रिश्तों को लेकर उसका मजाकिया नजरिया भी हंसाता है।

राकेश बेदी सुहानी के पिता के किरदार में अपनापन लाते हैं। वहीं विशाल और उसके पिता के बीच फोन पर हुई बातचीत फिल्म का भावुक पल बन जाती है। पिता का यह पूछना कि 'क्या चाहिए तुझे?' हंसाने के साथ भारतीय परिवारों में प्यार जताने के तरीके को भी दिखाता है।

अमेरिका का वीजा बदल देता है विशाल की जिंदगी

कहानी में विशाल को अमेरिका का वीजा मिलना एक बड़ा मोड़ लेकर आता है। अब उसके सामने सवाल है कि वह अपने भविष्य के मौके को चुने या सुहानी के लिए रुक जाए। यहीं से उसे समझ आता है कि बड़े होने का मतलब सिर्फ उम्र बढ़ना नहीं, बल्कि अपने फैसलों की जिम्मेदारी लेना भी है।

संगीत और निर्देशन कैसा है?

फिल्म के गाने 'कहो तो', 'तू मेरा रय्यो' और 'इश्क का गुलाम' इसकी युवा ऊर्जा को बढ़ाते हैं। रंगीन दृश्य और कोरियोग्राफी भी बॉलीवुड रोमांस का माहौल बनाते हैं।अपूर्व सिंह कार्की का निर्देशन फिल्म को सहज गति देता है, जबकि दीपक किंगरानी की पटकथा रोमांस, कॉमेडी, दोस्ती और परिवार के बीच संतुलन बनाए रखती है।

कैसी है 'प्रेम कीटाणु'?

कुल मिलाकर 'प्रेम कीटाणु' एक ऐसी प्रेम कहानी है जो हंसाने के साथ भावुक भी करती है। वीर पहाड़िया का सहज अंदाज, आफिया सैयद का डेब्यू, अपारशक्ति खुराना की कॉमेडी और राकेश बेदी की गर्माहट फिल्म को खास बनाते हैं। यह फिल्म बताती है कि प्यार के साथ दोस्ती, परिवार, करियर और जिम्मेदारियां भी जिंदगी का हिस्सा हैं।

निर्देशक : अपूर्व सिंह कार्की
कलाकार:  वीर पहाड़िया, आफिया सैयद, अपारशक्ति खुराना, राकेश बेदी, निखिल विजय
अवधि : 2 घंटे 18 मिनट
रेटिंग : 4

Read more!
Advertisement