भारत के पास 53 लाख मीट्रिक टन रणनीतिक तेल भंडार, 41 देशों से हो रहा है आयात: होर्मुज संकट पर बोले पीएम मोदी
पीएम ने बताया कि भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन का 'रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व' (SBR) मौजूद है, जिसे किसी भी बड़े संकट के समय इस्तेमाल किया जा सकता है।

In Short
- PM मोदी ने कहा- भारत के पास 53 लाख MT रणनीतिक तेल भंडार, संकट में इस्तेमाल के लिए तैयार
- 27 से बढ़ाकर 41 देशों से तेल आयात, ऊर्जा सुरक्षा को किया मजबूत
- हॉर्मुज संकट के बीच भी सप्लाई सुरक्षित रखने के लिए सरकार सतर्क
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) से तेल की सप्लाई रुकने की आशंकाओं के बीच आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को बड़ी राहत दी है। सोमवार को लोकसभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने साफ किया कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा पूरी तरह मजबूत है। उन्होंने बताया कि भारत के पास वर्तमान में 53 लाख मीट्रिक टन का 'रणनीतिक पेट्रोलियम रिजर्व' (SBR) मौजूद है, जिसे किसी भी बड़े संकट के समय इस्तेमाल किया जा सकता है।
आयात के लिए 41 देशों से हाथ मिलाया
प्रधानमंत्री ने सदन को जानकारी दी कि पिछले 11 वर्षों में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी एक क्षेत्र पर निर्भर रहना छोड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पहले हम सिर्फ 27 देशों से तेल आयात करते थे, लेकिन आज हम 41 देशों से अपनी जरूरतें पूरी कर रहे हैं। इस डायवर्सिफिकेशन की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी एक रास्ते के बंद होने का असर भारत पर कम पड़ेगा। पीएम ने यह भी बताया कि सरकार इस रिजर्व को और बढ़ाने पर काम कर रही है और इसे 65 लाख मीट्रिक टन तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।
हॉर्मुज संकट और घरेलू तैयारी
ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को ब्लॉक किए जाने और कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार जाने पर पीएम ने चिंता तो जताई, लेकिन तैयारियों पर भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया का करीब पांचवां हिस्सा तेल और गैस इसी रास्ते से आता है, लेकिन भारत वैकल्पिक इंतजामों और रिफाइनिंग क्षमता को बढ़ाकर अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है।
रसोई गैस (LPG) का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि हम अपनी 60 प्रतिशत जरूरतें आयात करते हैं, और आम आदमी के घरों तक इसकी सप्लाई हमारी पहली प्राथमिकता बनी हुई है।
क्या है मौजूदा चुनौती?
ईरान ने हॉर्मुज के रास्ते को अमेरिका और उसके सहयोगियों के लिए बंद करने का ऐलान किया है, जिससे इस रूट पर ट्रैफिक लगभग शून्य हो गया है। तेल की कीमतों में 75 डॉलर से 100 डॉलर तक का उछाल आ चुका है और इसके 200 डॉलर तक पहुंचने की चेतावनी दी जा रही है। ऐसे में पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत सरकार लगातार वैश्विक भागीदारों के संपर्क में है ताकि तेल और गैस की सप्लाई नियमित बनी रहे।