विदेश में घर खरीदने की होड़! 85% भारतीय लाखों डॉलर लगाने को तैयार, सर्वे में सामने आई बड़ी वजह
विदेश में घर खरीदने का क्रेज भारतीयों के बीच तेजी से बढ़ रहा है। नाइट फ्रैंक और आईआरईएक्स के सर्वे में निवेश को लेकर कई दिलचस्प बातें सामने आई हैं। आखिर भारतीय किन देशों में प्रॉपर्टी खरीदना चाहते हैं, कितना पैसा लगाने की तैयारी है और इसके पीछे क्या बड़ी वजहें हैं?

In Short
- 85% भारतीय विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए लाखों डॉलर लगाने को तैयार।
- विदेशी प्रॉपर्टी के लिए भारत से भेजी गई रकम में 64% की बढ़ोतरी।
- 69% खरीदारों की पहली पसंद अपार्टमेंट और कॉन्डोमिनियम।
भारतीयों के बीच विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने का रुझान बढ़ रहा है। कोई किराये से कमाई करना चाहता है, तो कोई प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने से फायदा उठाना चाहता है। नाइट फ्रैंक इंडिया और आईआरईएक्स के संयुक्त सर्वे के मुताबिक, 61% उत्तरदाता किराये की कमाई और प्रॉपर्टी की कीमत बढ़ने की उम्मीद को निवेश की अहम वजह मानते हैं।
विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भेजे ज्यादा पैसे
'कीज बियॉन्ड बॉर्डर्स' रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय निवासियों ने विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 52.87 करोड़ डॉलर भेजे। यह पिछले साल के 32.282 करोड़ डॉलर से 64% ज्यादा है।
इसी दौरान एलआरएस के तहत विदेश भेजी गई कुल रकम में करीब 2% की गिरावट आई। विदेशी प्रॉपर्टी के लिए भेजी गई रकम कुल एलआरएस आउटफ्लो का लगभग 1.8% रही।
कितनी विदेशी प्रॉपर्टी रखते हैं भारतीय?
सर्वे में शामिल लोगों की कुल संपत्ति में रियल एस्टेट की औसत हिस्सेदारी 45% है। इसमें 32% घरेलू और 13% विदेशी प्रॉपर्टी शामिल है।
करीब दस साल पहले विदेशी प्रॉपर्टी की हिस्सेदारी सिर्फ 5% थी। सर्वे में 84% उत्तरदाता पहले से विदेश में प्रॉपर्टी के मालिक हैं, जबकि 16% पहली बार खरीदने की योजना बना रहे हैं।
किन देशों में घर खरीदना चाहते हैं भारतीय?
भारतीय खरीदारों की पसंद में यूएई, ग्रीस, थाईलैंड, पुर्तगाल, ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका, ब्रिटेन, बाली, कनाडा और मलेशिया शामिल हैं।
किराये से कमाई के अलावा गोल्डन वीजा, बच्चों की पढ़ाई, बेहतर लाइफस्टाइल, टैक्स बेनिफिट और कारोबार बढ़ाना भी प्रॉपर्टी खरीदने की वजहें हैं।
कितने डॉलर लगाने की तैयारी?
सर्वे के मुताबिक, 85% उत्तरदाता विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए 2.5 लाख से 10 लाख डॉलर तक निवेश करना चाहते हैं।
करीब 69% लोगों की पसंद अपार्टमेंट और कॉन्डोमिनियम हैं, जबकि 26% विला और टाउनहाउस खरीदना चाहते हैं।
वहीं, 76% उत्तरदाता 1,500 से 2,500 वर्ग फुट के घरों पर विचार कर रहे हैं।
विदेशी प्रॉपर्टी में किसकी ज्यादा दिलचस्पी?
सर्वे में 53% उत्तरदाता कारोबारी, ट्रेडर और उद्योगपति हैं। वहीं, 30% कॉरपोरेट कर्मचारी और पेशेवर हैं। करीब 76% लोगों की उम्र 35 से 50 साल है।
प्रॉपर्टी खरीदने से पहले नियम समझें
विदेश में प्रॉपर्टी खरीदने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक की एलआरएस, फेमा और संबंधित देशों के टैक्स नियमों का पालन जरूरी है।
रिपोर्ट साफ करती है कि ये आंकड़े लोगों की खरीदारी की योजना दिखाते हैं। जरूरी नहीं कि सभी वास्तव में प्रॉपर्टी खरीदें। सर्वे सभी भारतीय निवेशकों का प्रतिनिधित्व भी नहीं करता।