'भारत अब बदल चुका है': अमेरिका गए NRI ने युवाओं को विदेश जाने से पहले सोचने की सलाह दी
अमेरिका में रहने वाले दो भारतीयों ने युवाओं को विदेश जाने से पहले सोचने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जिस समय वे अमेरिका गए थे तब भारत में मौके कम थे, लेकिन अब देश में नौकरी, कारोबार और निवेश के अवसर तेजी से बढ़ रहे हैं।

In Short
- अमेरिका में रहने वाले सुहास और प्रियंका ने युवाओं से विदेश जाने से पहले भारत के अवसरों को भी देखने की सलाह दी।
- सुहास ने कहा कि पहले भारत में अच्छी नौकरी और बेहतर जीवनशैली पाना मुश्किल था लेकिन अब हालात बदल चुके हैं।
- उन्होंने विदेश में परिवार और दोस्तों से दूरी जैसी भावनात्मक चुनौतियों को भी युवाओं के सामने रखा।
अमेरिका में रहने वाले दो भारतीयों ने युवाओं को विदेश जाने के फैसले पर दोबारा विचार करने की सलाह दी है। उनका कहना है कि जब वे अमेरिका गए थे तब भारत में अच्छे नौकरी के मौके और बेहतर जीवनशैली पाना मुश्किल था, लेकिन अब देश में तेजी से बदलाव आया है और यहां भी नए अवसर बढ़ रहे हैं।
कभी अमेरिका जाना आसान रास्ता लगता था
कंटेंट बनाने वाली दर्शना के साथ एक इंस्टाग्राम वीडियो में अमेरिका में रहने वाले भारतीय सुहास और प्रियंका ने विदेश जाने के अपने अनुभव साझा किए। सुहास ने बताया कि जब वह अमेरिका गए थे तब भारत में अच्छी नौकरी पाना और अच्छी जीवनशैली हासिल करना काफी मुश्किल था।
उन्होंने कहा कि उस समय अमेरिका जाना एक आसान विकल्प लगता था। वहां जाकर मास्टर्स की पढ़ाई करना, नौकरी पाना और करियर बनाना एक तय रास्ते जैसा दिखाई देता था। लेकिन अब भारत में भी हालात काफी बदल गए हैं और युवाओं के लिए कई नए मौके उपलब्ध हैं।
भारत में बढ़ रहे हैं करियर के अवसर
सुहास का कहना है कि आज भारत में भी वह सब किया जा सकता है जो अमेरिका में किया जाता है। उनके अनुसार देश में कारोबार, स्टार्टअप और पेशेवर क्षेत्रों में तेजी से अवसर बढ़ रहे हैं।
प्रियंका ने भी कहा कि भारत को लेकर निवेशकों और कारोबारियों का भरोसा बढ़ा है। देश में बढ़ रहे निवेश से पेशेवर लोगों और कारोबार शुरू करने वालों के लिए नए रास्ते खुल रहे हैं। उनका मानना है कि युवाओं को विदेश जाने से पहले भारत में मौजूद अवसरों को भी समझना चाहिए।
विदेश जाने की कीमत सिर्फ करियर नहीं होती
सुहास ने कहा कि दूसरे देश में जाकर रहना केवल करियर का फैसला नहीं होता बल्कि इसके साथ कई भावनात्मक चुनौतियां भी जुड़ी होती हैं। परिवार और दोस्तों से दूर रहना, नई जगह पर नए लोगों के बीच अपनी पहचान बनाना आसान नहीं होता।
उन्होंने बताया कि अमेरिका में कई साल रहने के बाद भी उन्हें पूरी तरह स्वीकार किए जाने का एहसास नहीं होता। उनके मुताबिक विदेश में रहने की एक बड़ी कीमत अपने परिवार और करीबी लोगों से दूरी भी होती है।
दोबारा मौका मिले तो भारत में रहना पसंद करेंगे
सुहास ने कहा कि अगर उन्हें दोबारा चुनाव करने का मौका मिले तो वह भारत में रहना पसंद करेंगे। उनका मानना है कि आज का भारत पहले से काफी बदल चुका है और यहां भी बेहतर जीवन और करियर के अच्छे विकल्प मौजूद हैं।
इन अमेरिका में रहने वाले भारतीयों की बातों ने उन युवाओं के बीच चर्चा शुरू कर दी है जो पढ़ाई या नौकरी के लिए अमेरिका जाने की तैयारी कर रहे हैं। अमेरिका अभी भी भारतीय छात्रों और पेशेवर लोगों के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र है, लेकिन अब फैसला लेने से पहले भारत और विदेश दोनों जगहों के अवसरों को समझना जरूरी हो गया है।