मूसलाधार बारिश से नोएडा एयरपोर्ट पर भरा पानी, 30 मिनट में रास्ता साफ; फ्लाइट और यात्रियों की आवाजाही सामान्य
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मूसलाधार बारिश के बाद टर्मिनल और पार्किंग को जोड़ने वाले रास्ते पर पानी भर गया। एयरपोर्ट टीम तुरंत एक्टिव हुई और सिर्फ 30 मिनट में पानी निकालकर आवाजाही सामान्य कर दी। राहत की बात यह रही कि फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर असर नहीं पड़ा।

In Short
- बीते मंगलवार मूसलाधार बारिश से टर्मिनल और पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले रास्ते पर पानी जमा हो गया था
- एयरपोर्ट टीम ने करीब 30 मिनट में जमा पानी निकालकर रास्ते पर आवाजाही सामान्य कर दी थी
- जलभराव के बावजूद फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही सुचारु रूप से जारी रही थी
उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बीते मंगलवार मूसलाधार बारिश के दौरान टर्मिनल से पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले रास्ते पर कुछ समय के लिए पानी भर गया था। एयरपोर्ट की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए हालात को संभाल लिया था। इस दौरान फ्लाइट ऑपरेशन और यात्रियों की आवाजाही पर कोई असर नहीं पड़ा था। आखिर एयरपोर्ट टीम ने जलभराव को कितनी जल्दी हटाया और इसके बाद एयरपोर्ट पर क्या स्थिति रही, इसे आगे समझते हैं।
30 मिनट में साफ किया गया जलभराव
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक तेज बारिश के कारण टर्मिनल से पार्किंग एरिया को जोड़ने वाले मार्ग पर कुछ समय के लिए बारिश का पानी भर गया था। इसकी जानकारी मिलते ही एयरपोर्ट की टीम ने तत्काल कार्रवाई शुरू की और 30 मिनट के अंदर जलभराव को पूरी तरह साफ कर दिया था। इसके बाद इस रास्ते पर आवाजाही सामान्य हो गई थी।
उड़ानों और दूसरी व्यवस्थाओं पर नहीं पड़ा असर
एयरपोर्ट प्रबंधन ने बताया कि इस जलभराव का उड़ान संचालन या एयरपोर्ट की दूसरी व्यवस्थाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा था। फ्लाइट्स का ऑपरेशन सामान्य तरीके से जारी रहा और यात्रियों की आवाजाही भी सुचारु बनी रही थी। एयरपोर्ट की टीम स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए थी और यात्रियों की आवाजाही में किसी तरह की रुकावट न आए, इसके लिए पूरी तरह तैयार थी।
28 मार्च 2026 को हुआ था पहले चरण का उद्घाटन
उत्तर प्रदेश के जेवर में बनकर तैयार हुए नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया था। प्रधानमंत्री मोदी ने ही 25 नवंबर 2021 को इस एयरपोर्ट की आधारशिला रखी थी। यह एयरपोर्ट दिल्ली-एनसीआर के लिए हवाई कनेक्टिविटी का एक नया बड़ा केंद्र बन चुका है।
पहले चरण पर करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले चरण को करीब 11,200 करोड़ रुपये के निवेश से विकसित किया गया है। इसका विकास पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप यानी PPP मॉडल के तहत किया गया है। पहले चरण में आधुनिक टर्मिनल, रनवे और जरूरी एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया है।
15 जून से शुरू हुई थीं नियमित कमर्शियल फ्लाइट्स
एयरपोर्ट का उद्घाटन 28 मार्च 2026 को हो गया था, लेकिन यहां से नियमित कमर्शियल फ्लाइट्स का संचालन 15 जून 2026 से शुरू हुआ था। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक इंडिगो ने यहां से पहली कमर्शियल फ्लाइट ऑपरेट की थी। पहली उड़ान लखनऊ से आई थी। इसके बाद दूसरी एयरलाइंस ने भी यहां से अपनी सेवाएं शुरू कर दी थीं।