गुलाबी नहीं अब सफेद दिख रहा बुढ्ढी के बाल, महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई के बाद बदला स्ट्रीट फूड का रंग
महाराष्ट्र FDA की आर्टिफिशियल फूड कलर के खिलाफ कार्रवाई के बाद मुंबई की सड़कों पर मिलने वाला मशहूर बुढ्ढी के बाल अब सफेद रंग में नजर आ रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो ने लोगों का ध्यान खींचा, जहां कई यूजर्स ने इसे असली बुढ्ढी के बाल की वापसी बताया।

In Short
- महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई के बाद मुंबई में बिना आर्टिफिशियल रंग वाली सफेद कॉटन कैंडी दिखी।
- सोशल मीडिया यूजर्स ने इसे बचपन वाली असली बुढ्ढी के बाल की वापसी बताया।
- FDA कमिश्नर तुकाराम मुंडे की निगरानी में फूड सेफ्टी जांच और सख्त हुई है।
मुंबई की सड़कों पर मिलने वाला लोगों का पसंदीदा बुढ्ढी के बाल अब पहले जैसा गुलाबी नहीं दिख रहा है। महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA की आर्टिफिशियल फूड कलर के इस्तेमाल पर सख्ती के बाद यह मिठाई अपने नेचुरल रंग में नजर आ रही है। सोशल मीडिया पर इसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कॉटन कैंडी सफेद रंग की दिखाई दे रही है।
इस बदलाव के बाद लोगों का ध्यान खाने की चीजों में इस्तेमाल होने वाले रंगों और उनकी सुरक्षा को लेकर बढ़ गया है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा असली बुढ्ढी के बाल वापस आया
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कॉटन कैंडी अपने सामान्य सफेद रंग में दिखाई दे रही है। आमतौर पर बुढ्ढी के बाल को आकर्षक दिखाने के लिए गुलाबी या दूसरे चमकीले रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, लेकिन अब यह बिना रंग वाली नजर आ रही है।
इस बदलाव को देखकर कई यूजर्स ने मजेदार प्रतिक्रिया दी। एक यूजर ने लिखा, "Original Buddhi Ke Baal is back" यानी असली बुढ्ढी के बाल वापस आ गया। वहीं कुछ लोगों ने इसे बचपन की यादों से जोड़ते हुए खुशी जताई।
चीनी से बनती है कॉटन कैंडी, रंग बाद में जोड़ा जाता है
कॉटन कैंडी बनाने के लिए चीनी को घुमाकर बहुत पतले रेशों में बदला जाता है। इसका असली रंग सफेद होता है। गुलाबी या दूसरे रंग इसमें बाद में मिलाए जाते हैं ताकि यह ज्यादा आकर्षक दिखे।
FDA की कार्रवाई के बाद अब कई जगहों पर इसे बिना आर्टिफिशियल रंग के बेचा जा रहा है। इससे लोगों के बीच खाने में मिलाए जाने वाले रंगों को लेकर चर्चा भी बढ़ गई है।
तुकाराम मुंडे की निगरानी में बढ़ी फूड सेफ्टी जांच
यह बदलाव मुंबई में बढ़ी फूड सेफ्टी जांच के बीच सामने आया है। महाराष्ट्र FDA कमिश्नर के तौर पर IAS अधिकारी तुकाराम मुंडे की नियुक्ति के बाद खाने-पीने की दुकानों और फूड स्टॉल की जांच तेज की गई है।
इस अभियान के तहत हाइजीन, फूड सेफ्टी नियमों के उल्लंघन और बिना अनुमति वाले एडिटिव्स के इस्तेमाल की जांच की जा रही है। इसके बाद कई ऐसे फूड आइटम भी चर्चा में आए हैं, जिनमें पहले चमकीले रंगों का इस्तेमाल किया जाता था।
मंचूरियन और शेजवान चटनी पर भी नजर
कॉटन कैंडी के अलावा स्ट्रीट फूड के कई दूसरे आइटम भी FDA की जांच के दायरे में आए हैं। मंचूरियन और शेजवान चटनी जैसे खाने में भी तेज रंगों के इस्तेमाल को लेकर सवाल उठे हैं।
लोगों ने FDA की कार्रवाई का किया स्वागत
रंगहीन कॉटन कैंडी को लेकर सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया मिली-जुली रही। कुछ लोगों ने इसे मजाकिया अंदाज में लिया तो कई यूजर्स ने फूड सेफ्टी पर ध्यान देने के लिए FDA की कार्रवाई की तारीफ की।
एक यूजर ने लिखा, "We got the original buddhi ke baal before GTA 6"। वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि अब बुढ्ढी के बाल का असली मतलब सामने आया है। कुछ लोगों ने यह भी लिखा कि एक अधिकारी की कार्रवाई के बाद लोगों को नियम याद आने लगे हैं।