नेपाल बाढ़: 21वें दिन भी नहीं थमा बचाव अभियान, 1399 मौतें और 5179 लोग लापता
नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ के 21 दिन बाद भी राहत और खोज अभियान जारी है। अब तक 1399 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5 हजार से ज्यादा लोग लापता हैं। करीब 21 हजार सुरक्षाकर्मी दुर्गम इलाकों, नदियों, सुरंगों और क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में तलाशी अभियान चला रहे हैं।

In Short
- नेपाल बाढ़ में अब तक 1399 लोगों की मौत, 5179 लोग अभी भी लापता।
- 21 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी खोज और राहत अभियान में तैनात।
- जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों और दुर्गम इलाकों में तलाश जारी।
नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ के 21 दिन बाद भी खोज, बचाव और राहत अभियान जारी है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के मुताबिक, अब तक 1,399 लोगों के शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि 5,179 लोग अभी भी लापता हैं। प्रभावित इलाकों में करीब 21 हजार सुरक्षाकर्मी राहत और तलाशी अभियान में जुटे हैं।
करीब 21 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात
लापता लोगों की तलाश जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों, नदी किनारों, जंगलों और बाढ़ से क्षतिग्रस्त मकानों में की जा रही है। नेपाली सेना के प्रवक्ता राजाराम बस्नेत के मुताबिक, सेना के करीब 8,900 जवान सीधे खोज, बचाव और समन्वय के काम में लगे हैं।
इसके अलावा सशस्त्र पुलिस के करीब 5,000 और नेपाल पुलिस के करीब 8,000 जवान भी अभियान में शामिल हैं। बचाव कार्य में रस्सियों के साथ ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। बाढ़ में रसुवा और नुवाकोट में नेपाल पुलिस के पांच कार्यालय बह गए थे, जिन्हें अभी पूरी तरह दोबारा स्थापित नहीं किया जा सका है।
ड्रोन से पहुंचाई जा रही राहत सामग्री
रसुवा के स्याफ्रुबेसी में सेना की तीन टीमें तैनात हैं। बाढ़ में बाजार का बड़ा हिस्सा और वहां तक पहुंचने वाली सड़क बह जाने से राहत अभियान प्रभावित हुआ है। सेना कोलोनी, तुप्चे, दानसिंग, सामरी भंज्यांग, कालिकास्थान और मानचेत समेत कई इलाकों में पैदल गश्त कर रही है।
सड़क संपर्क से कटे इलाकों तक ड्रोन से जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है। नेपाली सेना के ड्रोन नुवाकोट में 16,138 किलोग्राम और रसुवा में 5,861 किलोग्राम राहत एवं आवश्यक सामग्री पहुंचा चुके हैं।
टिमुरे में 100 से ज्यादा शव मिले
चीन सीमा के पास स्थित टिमुरे बाजार में भी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। यहां सशस्त्र पुलिस की BOP को छोड़कर लगभग सभी सरकारी कार्यालय बह गए हैं। टिमुरे से 100 से ज्यादा शव निकाले जा चुके हैं, लेकिन ध्वस्त मकानों में अब तक खुदाई शुरू नहीं हो सकी है।
इलाके का सड़क संपर्क पूरी तरह टूट चुका है। टिमुरे से करीब दो किलोमीटर दूर रसुवागढ़ी नाके और करीब 16 किलोमीटर दूर स्याफ्रुबेसी तक जाने वाले रास्ते भी बुरी तरह प्रभावित हुए हैं।
जलविद्युत परियोजनाओं की सुरंगों में तलाश
बाढ़ से क्षतिग्रस्त 13 जलविद्युत परियोजनाओं में लापता कर्मचारियों और श्रमिकों की तलाश की गई। फिलहाल चिलिमे, अपर त्रिशूली-1 और अपर त्रिशूली-3 ‘बी’ में खोज एवं बचाव अभियान जारी है। स्वतंत्र ऊर्जा उत्पादक संघ नेपाल के अनुसार, 11 परियोजनाओं में काम करने वाले 868 लोग अभी भी संपर्क से बाहर हैं।
चिलिमे और लांगटांग परियोजनाओं की सुरंगों में भारतीय तकनीकी विशेषज्ञों के साथ संयुक्त बचाव दल काम कर रहा है। चिलिमे की सुरंग में टीम करीब 130 मीटर अंदर पहुंच चुकी है। वहीं अपर त्रिशूली-1 के ‘ऑडिट-3’ में बचाव दल करीब 600 मीटर अंदर तक पहुंचा है।
लंबे समय से चल रहे अभियान के बावजूद अधिकांश परियोजनाओं में किसी जीवित व्यक्ति के नहीं मिलने के कारण अब मलबे में दबे लोगों के जीवित मिलने की संभावना बेहद कम मानी जा रही है।