इस तेल कंपनी ने बढ़ाया दाम! पेट्रोल प्रति लीटर ₹5 और डीजल प्रति लीटर ₹3 किया महंगा
वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच नायरा एनर्जी का यह कदम आने वाले दिनों में अन्य कंपनियों पर भी दबाव बढ़ा सकता है। अगर हालात ऐसे ही रहे, तो उपभोक्ताओं को ईंधन के लिए और ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।

नायरा एनर्जी (Nayara Energy) ने पेट्रोल की कीमत ₹5 प्रति लीटर और डीजल ₹3 प्रति लीटर बढ़ा दिए हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, यह हालिया ग्लोबल कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर है। इसके साथ ही नायरा देश की पहली बड़ी फ्यूल रिटेलर बन गई है जिसने बढ़ती लागत का बोझ उपभोक्ताओं पर डाला है।
वेस्ट एशिया तनाव का सीधा असर
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल वेस्ट एशिया में जारी संघर्ष के कारण आया है। फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के ईरान पर सैन्य हमलों के बाद सप्लाई चेन बाधित हुई, जिससे कीमतें करीब 50% तक बढ़ गईं। इस महीने क्रूड $119 प्रति बैरल तक पहुंच गया था, जो अब करीब $100 के आसपास है।
राज्यों में अलग-अलग असर
सूत्रों के मुताबिक, टैक्स स्ट्रक्चर (जैसे VAT) के कारण अलग-अलग राज्यों में बढ़ोतरी का असर अलग दिखेगा। कुछ जगहों पर पेट्रोल की कीमत ₹5.30 प्रति लीटर तक बढ़ी है। नायरा के पास देशभर में करीब 6,967 पेट्रोल पंप हैं, जो कुल 1 लाख से ज्यादा आउटलेट्स का हिस्सा हैं।
बाकी कंपनियां ने नहीं बढ़ाया दाम
दिलचस्प बात यह है कि Jio-bp और सरकारी कंपनियां जैसे Indian Oil Corporation, Bharat Petroleum Corporation Ltd और Hindustan Petroleum Corporation Ltd ने अभी तक कीमतों में बदलाव नहीं किया है, जबकि उन्हें भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
सूत्रों का कहना है कि निजी कंपनियों को कीमत स्थिर रखने के लिए कोई सरकारी सहायता नहीं मिलती, जबकि सरकारी कंपनियां 'गुड कॉरपोरेट सिटीजन' की भूमिका निभाते हुए कीमतें कंट्रोल रखती हैं। इससे निजी खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ता है।
आयात निर्भरता बनी चुनौती
भारत अपनी करीब 88% कच्चे तेल की जरूरत आयात से पूरी करता है, जिसमें बड़ा हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से होकर आता है। इस रूट पर तनाव और बीमा जोखिम बढ़ने से सप्लाई और महंगी हो गई है।