नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल संसद में पेश, केतन अग्रवाल केस का दिया गया हवाला

केतन अग्रवाल केस के बाद पुरुषों के लिए अलग आयोग की मांग चर्चा में है। राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि हर पीड़ित को जेंडर से ऊपर उठकर न्याय कानूनी सुरक्षा और अपनी बात रखने का मंच मिलना चाहिए। इसी आधार पर उन्होंने संसद में बिल पेश किया। पढ़ें पूरी खबर।

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In Short

  • राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने संसद में नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल पेश किया है।
  • मित्तल ने केतन अग्रवाल केस का हवाला देते हुए कहा कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं और उन्हें कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।
  • पुणे पुलिस के मुताबिक आरोपियों के फोन से डिलीट डेटा और कोड वर्ड वाली चैट्स रिकवर हुई हैं, जिनकी जांच जारी है।

By Gaurav Kumar:

National Commission For Men Bill: राज्यसभा सांसद अशोक कुमार मित्तल ने संसद में नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल पेश किया है। उन्होंने कहा कि हाल में सामने आया केतन अग्रवाल केस यह याद दिलाता है कि पुरुष भी पीड़ित हो सकते हैं और उन्हें भी संस्थागत सपोर्ट, कानूनी सुरक्षा और अपनी बात रखने के लिए एक मंच मिलना चाहिए।

मित्तल ने कहा कि न्याय सभी के लिए बराबर होना चाहिए, चाहे पीड़ित किसी भी जेंडर का हो। उन्होंने इस मामले को बेहद परेशान करने वाला बताया और कहा कि केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष और गहन जांच के साथ न्याय मिलना चाहिए।

एक्स पर पोस्ट कर उठाई मांग

अशोक कुमार मित्तल ने एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि पुणे का केतन अग्रवाल केस बहुत गंभीर और परेशान करने वाला है। उन्होंने कहा कि केतन और उनके परिवार को निष्पक्ष, पूरी और ईमानदार जांच मिलनी चाहिए और सबसे जरूरी बात, उन्हें न्याय मिलना चाहिए।

उन्होंने आगे लिखा कि उन्होंने संसद में नेशनल कमीशन फॉर मेन बिल पेश किया है। हर पीड़ित को न्याय, सपोर्ट और कानून के तहत बराबर सुरक्षा मिलनी चाहिए।

क्या है केतन अग्रवाल केस?

यह मामला 25 साल के रियल्टर केतन अग्रवाल की मौत से जुड़ा है। केतन 18 जून को पुणे के पास लोहागढ़ फोर्ट में एक चट्टान से गिर गए थे। बाद में इस केस ने नया मोड़ ले लिया, जब आरोप लगे कि उनकी मंगेतर सिया गोयल ने अपने कथित प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उन्हें चट्टान से धक्का देने की साजिश रची।

केतन की सगाई सिया गोयल से हो चुकी थी और बताया गया कि दोनों की शादी इसी साल नवंबर में होने वाली थी। मौत के बाद सामने आए आरोपों और हालातों की वजह से यह केस चर्चा में आ गया।

आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

सिया गोयल और चेतन चौधरी अभी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने से मना कर दिया है।

पुणे पुलिस ने कोर्ट में बताया कि आरोपियों के फोन से डिलीट किया गया डेटा वापस निकाला गया है। पुलिस के मुताबिक, फोन से कुछ चैट्स मिली हैं। इन चैट्स में कोड वर्ड, निकनेम और इमोजी का इस्तेमाल किया गया था।

तीसरे व्यक्ति की भूमिका पर भी जांच

जांच करने वाली टीम अब यह पता लगा रही है कि क्या इन चैट्स से किसी तीसरे व्यक्ति की भूमिका का संकेत मिलता है। इसी मामले के बाद सांसद अशोक कुमार मित्तल ने कहा कि हर पीड़ित को जेंडर से अलग हटकर बराबर न्याय और कानूनी सुरक्षा मिलनी चाहिए।

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