चांद पर इंसानों को बसाने की तैयारी! NASA का 3 रॉकेट लॉन्च करने का प्लान, SpaceX और Blue Origin की होगी परीक्षा

चांद पर इंसानों की वापसी के लिए NASA एक बेहद चुनौतीपूर्ण अंतरिक्ष मिशन की तैयारी कर रहा है। Artemis IV के तहत तीन रॉकेट कम अंतराल में लॉन्च करने और पृथ्वी से करीब 435 किलोमीटर ऊपर दो अलग-अलग लूनर लैंडर्स की तकनीक परखने की योजना है। इस मिशन में एलन मस्क की SpaceX और जेफ बेजोस की Blue Origin की अहम भूमिका होगी। जानिए पूरा प्लान।

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आइजकमैन ने माना कि चांद पर इंसानों की वापसी की दौड़ अब उम्मीद से कहीं ज्यादा कड़ी हो गई है।
आइजकमैन ने माना कि चांद पर इंसानों की वापसी की दौड़ अब उम्मीद से कहीं ज्यादा कड़ी हो गई है।

In Short

  • NASA ने Artemis IV के लिए कम अंतराल में तीन रॉकेट लॉन्च करने की योजना बनाई।
  • चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से 435 किलोमीटर ऊपर डॉकिंग परीक्षण करेंगे।
  • SpaceX और Blue Origin के लूनर लैंडर्स की तकनीक परखी जाएगी।

By Shakshi:

NASA Artemis IV Mission: अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA चांद पर इंसानों की वापसी की तैयारी में एक अहम मिशन की योजना बना रही है। Artemis IV के तहत तीन रॉकेट कम अंतराल में लॉन्च किए जाएंगे और चार अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से करीब 435 किलोमीटर ऊपर अंतरिक्ष में दो अलग-अलग मून लैंडर्स के साथ डॉकिंग का परीक्षण करेंगे। इस मिशन में एलन मस्क की SpaceX और जेफ बेजोस की Blue Origin की तकनीक की परीक्षा होगी।

NASA का लक्ष्य भविष्य में चांद की सतह पर इंसानों को उतारना और वहां लंबे समय तक रहने के लिए जरूरी तकनीक विकसित करना है। इसके लिए अंतरिक्ष एजेंसी Artemis IV मिशन की तैयारियों में जुटी है।

NASA एक के बाद एक क्यों लॉन्च करेगा 3 रॉकेट?

Artemis IV मिशन के तहत NASA तीन रॉकेट कम समय के अंतराल पर लॉन्च करने की योजना बना रहा है।

एक रॉकेट से Orion स्पेसक्राफ्ट में सवार चार अंतरिक्ष यात्री अंतरिक्ष में जाएंगे। इनमें तीन अमेरिकी और एक इतालवी अंतरिक्ष यात्री शामिल होंगे। बाकी दो लॉन्च के जरिए SpaceX और Blue Origin के मानवरहित लूनर लैंडर्स को अंतरिक्ष में भेजने की योजना है।

पृथ्वी से करीब 270 मील यानी 435 किलोमीटर की ऊंचाई पर Orion इन लैंडर्स के साथ डॉकिंग का परीक्षण करेगा। डॉकिंग का मतलब अंतरिक्ष में दो यानों को आपस में जोड़ना है।

SpaceX और Blue Origin के बीच क्या है मुकाबला?

NASA चांद पर इंसानों को उतारने के लिए SpaceX और Blue Origin दोनों की तकनीक का परीक्षण करना चाहता है। योजना के मुताबिक, Orion पहले Blue Origin के लैंडर और फिर SpaceX के Starship के साथ डॉकिंग करेगा।

इन परीक्षणों से पता चलेगा कि दोनों कंपनियों के लैंडर्स अंतरिक्ष यात्रियों को चांद तक पहुंचाने के लिए कितने तैयार हैं। NASA फिलहाल दोनों कंपनियों के साथ काम जारी रखना चाहता है। Artemis IV के तहत 2028 में चंद्रमा पर लैंडिंग का लक्ष्य रखा गया है।

चांद के दक्षिणी ध्रुव पर क्यों है NASA की नजर?

Apollo मिशनों के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों को चांद के भूमध्यरेखीय क्षेत्रों में उतारा गया था। लेकिन Artemis कार्यक्रम का लक्ष्य चंद्रमा का दक्षिणी ध्रुव है।

इस इलाके में पानी की बर्फ मौजूद होने के संकेत मिले हैं। भविष्य में यह पानी अंतरिक्ष यात्रियों की जरूरतों को पूरा करने और चांद पर स्थायी ठिकाना बनाने में मददगार हो सकता है।

Apollo मिशन से प्रेरणा ले रहा NASA

NASA प्रशासक जेरेड आइजकमैन ने कहा कि एजेंसी Apollo कार्यक्रम की रणनीति से प्रेरणा ले रही है। उन्होंने याद दिलाया कि Apollo 7 की वापसी से Apollo 11 की ऐतिहासिक चंद्र लैंडिंग तक केवल नौ महीने का समय लगा था।

हालांकि, तीन रॉकेट लॉन्च और दो अलग-अलग डॉकिंग परीक्षणों को कम समय में पूरा करना तकनीकी रूप से चुनौतीपूर्ण होगा। फिलहाल Artemis IV की यह प्रस्तावित योजना है। मिशन की वास्तविक समयसीमा और परीक्षणों की सफलता आगे की तैयारियों पर निर्भर करेगी।

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