SCO Summit में मोदी, पुतिन और जिनपिंग आमने-सामने, बिश्केक में सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर होगी चर्चा
**Story Kicker:** बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान दुनिया की नजरें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात पर टिकी हैं। बैठक में सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी और वैश्विक चुनौतियों जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होगी, जबकि कई द्विपक्षीय वार्ताएं भी अहम रहेंगी।

In Short
- SCO Summit में मोदी, जिनपिंग और पुतिन की मुलाकात, जहां क्षेत्रीय सुरक्षा, व्यापार और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होगी।
- आतंकवाद, सीमा पार अपराध, ऊर्जा, कनेक्टिविटी और डिजिटल सहयोग जैसे अहम विषयों पर SCO देशों के नेता मंथन करेंगे।
- पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठकों पर नजर, जिसमें रूस, किर्गिस्तान और अन्य देशों के नेताओं के साथ रणनीतिक साझेदारी पर बातचीत संभव है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन आज किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में होने वाले 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में हिस्सा ले रहे हैं। दो दिवसीय यह बैठक SCO के 25 साल पूरे होने के मौके पर आयोजित की जा रही है।
क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक मुद्दों पर नजर
SCO शिखर सम्मेलन में क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद, सीमा पार अपराध, व्यापार, ऊर्जा, परिवहन कनेक्टिविटी और डिजिटल सहयोग जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, यूक्रेन युद्ध और अन्य क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी नेताओं के बीच बातचीत होने की उम्मीद है।सम्मेलन में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन समेत कई देशों के नेता शामिल हो रहे हैं।
बिश्केक पहुंचे पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को उज्बेकिस्तान की दो दिवसीय यात्रा के बाद बिश्केक पहुंचे। किर्गिस्तान के कैबिनेट ऑफ मिनिस्टर्स के चेयरमैन अदिलबेक कासिमालिएव ने उनका स्वागत किया। एयरपोर्ट पर पारंपरिक किर्गिज नृत्य के जरिए भी पीएम मोदी का स्वागत किया गया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने पीएम मोदी के SCO शिखर सम्मेलन में शामिल होने की जानकारी दी। भारत रवाना होने से पहले मोदी ने कहा था कि वह क्षेत्र में सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों को लेकर भारत के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएंगे। उन्होंने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से मुक्त क्षेत्र की जरूरत पर जोर दिया, जिसे उन्होंने शांति और स्थिरता के लिए खतरा बताया।
मोदी की द्विपक्षीय बैठकों पर भी नजर
SCO बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी की किर्गिस्तान के राष्ट्रपति सदर जापारोव, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और अन्य नेताओं के साथ द्विपक्षीय मुलाकातें हो सकती हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन के ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ अलग-अलग बातचीत करने की संभावना है।
किर्गिस्तान दौरे के दौरान पीएम मोदी 6वें वर्ल्ड नोमैड गेम्स के उद्घाटन समारोह में भी शामिल होंगे। उन्होंने कहा है कि यह यात्रा मध्य एशिया के साथ भारत की रणनीतिक साझेदारी और सभ्यतागत संबंधों को मजबूत करेगी।
SCO में भारत की भूमिका
SCO की स्थापना 2001 में चीन, रूस, कजाकिस्तान, किर्गिस्तान, ताजिकिस्तान और उज्बेकिस्तान ने की थी। भारत और पाकिस्तान 2017 में इसके पूर्ण सदस्य बने, जबकि ईरान 2023 और बेलारूस 2024 में सदस्य बना। आज SCO में 10 सदस्य देश, 15 संवाद साझेदार और दो पर्यवेक्षक देश अफगानिस्तान व मंगोलिया शामिल हैं। संगठन खुद को सैन्य गठबंधन के बजाय सहयोग के मंच के रूप में पेश करता है। करीब 3.4 अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करने वाला SCO अब सुरक्षा सहयोग, आर्थिक साझेदारी और क्षेत्रीय कूटनीति का प्रमुख मंच बन चुका है।