Ola, Uber, Rapido के लिए नया नियम! जुलाई 2027 से सिर्फ इलेक्ट्रिक होंगी बाइक टैक्सी
महाराष्ट्र में Ola, Uber और Rapido समेत बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स को जुलाई 2027 तक अपने पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक करना होगा। सरकार ने कंपनियों को इसके लिए 9 महीने का समय दिया है। हालांकि, एग्रीगेटर्स ने बदलाव पूरा करने के लिए 2030 तक की मोहलत मांगी थी।

In Short
- महाराष्ट्र में जुलाई 2027 तक सभी बाइक टैक्सी को 100% इलेक्ट्रिक करना होगा।
- Ola, Uber और Rapido समेत बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स को बदलाव के लिए 9 महीने का समय मिला।
- एग्रीगेटर्स ने 2030 तक का समय मांगा था, लेकिन सरकार ने केवल 9 महीने की मोहलत दी।
महाराष्ट्र सरकार ने बाइक टैक्सी चलाने वाली कंपनियों के लिए बड़ा फैसला लिया है। Ola, Uber और Rapido समेत दूसरे बाइक टैक्सी एग्रीगेटर्स को जुलाई 2027 तक अपने पूरे बाइक टैक्सी बेड़े को इलेक्ट्रिक करना होगा। यानी तय समय के बाद कंपनियों को 100% इलेक्ट्रिक बाइक टैक्सी के साथ ही काम करना होगा।
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, राज्य परिवहन विभाग ने अक्टूबर में राइड-हेलिंग एग्रीगेटर्स और महाराष्ट्र के रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिस यानी RTO को इस संबंध में एक पत्र जारी किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के निर्देश के बाद कंपनियों को बदलाव के लिए 9 महीने का समय दिया गया है।
दो चरणों में पूरा होगा बदलाव
योजना के मुताबिक, अभी पेट्रोल से चलने वाली बाइक टैक्सी ऑपरेट करने वाले एग्रीगेटर्स को पहले चरण में इलेक्ट्रिक व्हीकल से जुड़े नियम का पालन करने के लिए 6 महीने का समय मिलेगा।
इसके बाद महाराष्ट्र बाइक टैक्सी रूल्स 2025 के तहत प्रोविजनल या टेम्परेरी लाइसेंस रखने वाले ऑपरेटर्स को अतिरिक्त 3 महीने दिए जाएंगे। इस तरह कंपनियों को अपने बाइक टैक्सी बेड़े को पूरी तरह इलेक्ट्रिक करने के लिए कुल 9 महीने का समय मिलेगा।
बाइक टैक्सी एसोसिएशन ने मांगा था ज्यादा समय
इलेक्ट्रिक वाहनों पर पूरी तरह शिफ्ट होने के फैसले को लेकर बाइक टैक्सी एसोसिएशन और राइडर्स ने अपनी चिंताएं भी जाहिर की थीं। सितंबर में महाराष्ट्र बाइक टैक्सी वेलफेयर एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और दूसरे अधिकारियों को पत्र लिखकर इस बदलाव के लिए डेढ़ साल का समय मांगा था।
एसोसिएशन के अध्यक्ष अमित गावडे के मुताबिक, ज्यादातर बाइक टैक्सी राइडर्स मिडिल या लोअर-मिडिल क्लास परिवारों से आते हैं। ऐसे में उनके लिए एक साथ इलेक्ट्रिक वाहन खरीदना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने EV चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी और इलेक्ट्रिक वाहनों की कम लाइफ को भी चुनौती बताया।
कंपनियों ने 2030 तक मांगा था समय
एग्रीगेटर्स ने महाराष्ट्र इलेक्ट्रिक व्हीकल पॉलिसी का हवाला देते हुए सरकार से 2030 तक का समय मांगा था। उनका कहना था कि पूरे बेड़े को इलेक्ट्रिक करने के लिए ज्यादा वक्त की जरूरत है। हालांकि, सरकार ने कंपनियों को केवल 9 महीने का समय दिया है।
50:50 मॉडल पर भी हुआ था विचार
महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के मुताबिक, सरकार ने शुरुआत में बाइक टैक्सी के लिए 50:50 मॉडल पर विचार किया था। इसके तहत पेट्रोल और इलेक्ट्रिक मोटरसाइकिल दोनों को बराबर अनुपात में चलाने की योजना थी।
हालांकि, कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी नहीं दी। चिंता थी कि इलेक्ट्रिक वाहनों की कीमत ज्यादा होने के कारण कंपनियां क्षमता होने के बावजूद उन्हें खरीदने से बच सकती हैं। यह फैसला महाराष्ट्र में बिना अनुमति और नियमों का पालन किए बिना चल रही बाइक टैक्सी के खिलाफ बढ़ी कार्रवाई के बीच आया है।