₹4000 में एक गैस सिलेंडर! डिलिवरी में देरी से बढ़ी कालाबाजारी, सप्लाई सिस्टम पर उठे सवाल
देश के कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की कमी से लोग परेशान हैं। डिलिवरी में देरी के कारण कई परिवार ब्लैक मार्केट से महंगे दाम पर सिलेंडर खरीदने को मजबूर हैं। सर्वे के मुताबिक सप्लाई सिस्टम की खामियां, जमाखोरी और बिचौलियों की सक्रियता इस संकट की बड़ी वजह हैं।

In Short
- कई शहरों में एलपीजी सिलेंडर की भारी किल्लत, डिलिवरी में देरी से लोग परेशान
- ब्लैक मार्केट में सिलेंडर ₹300 से ₹4000 तक महंगा, बिचौलियों की सक्रियता बढ़ी
- सप्लाई सिस्टम की खामियां, जमाखोरी और ‘घोस्ट डिलिवरी’ जैसे मामलों से संकट गहरा गया
भारत के कई शहरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर की किल्लत ने आम आदमी की रसोई का बजट बिगाड़ दिया है। डिलिवरी में हो रही देरी की वजह से मजबूरन लोग ब्लैक मार्केट (कालाबाजारी) का रुख कर रहे हैं, जहां एक सिलेंडर के लिए ₹4,000 तक की भारी कीमत वसूली जा रही है।
'लोकलसर्किल्स' के एक ताजा सर्वे के मुताबिक, करीब 43% परिवारों ने पिछले एक हफ्ते में गैस डिलिवरी में देरी की शिकायत की है। वहीं, 8% लोगों ने माना कि समय पर सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें ऊंचे दामों पर इसे ब्लैक में खरीदना पड़ा।
आधिकारिक सप्लाई फेल, बिचौलियों की चांदी
सरकारी सप्लाई सिस्टम और जमीनी हकीकत के बीच की खाई लगातार चौड़ी हो रही है। सर्वे में शामिल 72% लोगों का कहना है कि उनके इलाके में बिचौलिए एक सिलेंडर पर ₹300 से लेकर ₹4,000 तक का एक्स्ट्रा मुनाफा कमा रहे हैं। तमिलनाडु और पुणे जैसे इलाकों में तो हालात और भी खराब हैं, जहां किल्लत का फायदा उठाकर सिलेंडर कई गुना महंगी कीमतों पर बेचे जा रहे हैं।
फाइनेंस एक्सपर्ट डॉ. रमेश कुमार बताते हैं कि जब मांग और आपूर्ति में अंतर आता है, तो अनौपचारिक बाजार सक्रिय हो जाता है। उनके अनुसार, यह पूरी तरह से मॉनिटरिंग सिस्टम की विफलता है, जिसका खामियाजा सीधे तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों को भुगतना पड़ रहा है।
बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडर
परेशानी सिर्फ देरी तक सीमित नहीं है, बल्कि बुकिंग सिस्टम में भी गड़बड़ी देखी जा रही है। लखनऊ और प्रयागराज जैसे शहरों में उपभोक्ताओं ने शिकायत की है कि बुकिंग कन्फर्म होने और ओटीपी (OTP) आने के बावजूद एक-एक हफ्ते तक सिलेंडर घर नहीं पहुंच रहा है।
भुवनेश्वर में तो 'घोस्ट डिलिवरी' के मामले सामने आए हैं, जहां बिना सिलेंडर मिले ही मोबाइल पर 'डिलिवरी सफल' होने का मैसेज आ जाता है। सर्वे के अनुसार, 13% लोग तो ऐसे हैं जो जरूरत पड़ने पर बुकिंग तक नहीं कर पा रहे हैं।
सप्लाई चेन में सेंध और जमाखोरी
इस पूरे संकट के पीछे डिस्ट्रीब्यूटर स्तर पर होने वाली गड़बड़ियां और सिलेंडरों की चोरी एक मुख्य कारण है। सीतापुर में एक गैस एजेंसी से करीब 800 सिलेंडर गायब पाए गए, जिसके बाद उसे सील कर दिया गया। वहीं दिल्ली में भी प्रशासन ने छापेमारी कर 1,700 से ज्यादा अवैध सिलेंडर जब्त किए हैं।