LPG, CNG, PNG Rates Today, 21 May 2026: दिल्ली, मुंबई और नोएडा समेत अपने शहर में देखें घरेलू गैस और ईंधन की ताजा कीमतें

एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी दरें 21 मई को: 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल के ईरान पर हमले और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद ऊर्जा की कीमतें वैश्विक स्तर पर बढ़ गईं, जिससे हॉर्मुज जलसंधि प्रभावी रूप से बंद हो गई।

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एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी की कीमतें 21 मई को: प्रमुख शहरों में दरें जांचें
एलपीजी, सीएनजी, पीएनजी की कीमतें 21 मई को: प्रमुख शहरों में दरें देखें

By BT बाज़ार डेस्क:

एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी की कीमतें आज: देश में ईंधन की कीमतों में एक ही हफ्ते के भीतर दो बार हुई बढ़ोतरी के बाद अब आम जनता के बीच एलपीजी, सीएनजी और पीएनजी के दामों में और इजाफे को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। हाल ही में दिल्ली और मुंबई में सीएनजी (CNG) की कीमतों में पहले 2 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी की गई थी, जिसके बाद दिल्ली में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की एक और वृद्धि दर्ज की गई। सिर्फ सीएनजी ही नहीं, बल्कि पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी एक सप्ताह के भीतर दो बार बढ़ोतरी देखी गई है; पहले ईंधन के दाम 3 रुपये प्रति लीटर और उसके बाद फिर 90 पैसे प्रति लीटर बढ़ाए गए।

ईंधन की कीमतों में आ रही यह हालिया तेजी ऐसे समय में देखी जा रही है, जब पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) में बढ़ते संघर्ष और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) में संभावित नाकेबंदी के कारण वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इस वजह से तेल विपणन कंपनियों (OMCs) को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। गौरतलब है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल और गैस शिपमेंट का एक बहुत बड़ा और महत्वपूर्ण हिस्सा संभालता है, और भारत अपनी ऊर्जा (क्रूड ऑयल और गैस) की जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा इसी रूट के जरिए आयात करता है।

उद्योग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि तेल कंपनियों पर मार्जिन के बढ़ते दबाव को आंशिक रूप से कम करने के लिए ही खुदरा कीमतों में यह बदलाव किए जा रहे हैं। कीमतों को बेहद संतुलित तरीके से बढ़ाया जा रहा है ताकि आम जनता को महंगाई का एकतरफा और बड़ा झटका न लगे। हालांकि, विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि ईंधन दरों में हो रही इस लगातार बढ़ोतरी का देश की कुल खुदरा महंगाई पर कुछ असर पड़ना तय है।

21 मई को 14.2 किग्रा एलपीजी सिलेंडर की कीमतें

शहरकीमत (₹/सिलेंडर)
दिल्ली913
बेंगलुरु915.50
हैदराबाद965
मुंबई912.50
चेन्नई928.50
कोलकाता939

21 मई को व्यावसायिक (19 किग्रा) एलपीजी सिलेंडर की कीमतें

शहरकीमत (₹/सिलेंडर)
दिल्ली3,071.50
बेंगलुरु3,152
हैदराबाद3,315
मुंबई3,024
चेन्नई3,237
कोलकाता3,202

21 मई को प्रमुख शहरों में सीएनजी की कीमतें

शहरकीमत (₹)
दिल्ली80.09
बेंगलुरु90
हैदराबाद97
मुंबई83
चेन्नई91.50
कोलकाता93.50

21 मई को प्रमुख शहरों में पीएनजी की कीमतें

शहरकीमत (₹/SCM)
दिल्ली47.90
बेंगलुरु52
हैदराबाद51
मुंबई50
चेन्नई50
कोलकाता50

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेल की कीमतों को लेकर बनी चिंताओं को हत्व नहीं दिया (खारिज कर दिया)। उन्होंने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, "बाजार में पर्याप्त तेल है, कीमतें तेजी से गिरेंगी। हम उस युद्ध को बहुत जल्दी खत्म कर देंगे।"

भारत में, असम, केरल, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव समाप्त होने के 16 दिन बाद ईंधन की कीमतें बढ़ाई गईं। मतदान अवधि के दौरान पश्चिम एशिया (मिडिल ईस्ट) संकट के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों में तेज वृद्धि हुई थी, इसके बावजूद घरेलू बाजार में कीमतें अपरिवर्तित रहीं।

वैश्विक स्तर पर ऊर्जा की कीमतें 28 फरवरी को अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और उसके बाद तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद से बढ़ी हैं, जिसके कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) प्रभावी रूप से बंद हो गया है। उपभोक्ताओं पर कीमतों का पूरा बोझ न डालने के कारण, तेल कंपनियां वर्तमान में प्रति 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर पर 674 रुपये का नुकसान उठा रही हैं। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने बताया कि हाल ही में ईंधन की कीमतों में की गई वृद्धि से इस नुकसान में एक-चौथाई (25%) की कमी आई है, लेकिन इसके बावजूद तेल कंपनियां अब भी रोजाना लगभग 750 करोड़ रुपये का घाटा झेल रही हैं।

बढ़ते संकट को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों से ईंधन का विवेकपूर्ण उपयो, ग करने, खपत कम करने तथा सार्वजनिक परिवहन और 'वर्क-फ्रॉम-होम' (घर से काम करने) के विकल्पों को अधिक अपनाने का आग्रह किया है।

एक अन्य रिपोर्ट में, निक्केई इंडिया ने केपलर (Kpler) के डेटा का हवाला देते हुए बताया कि भारत को एलपीजी आपूर्ति में प्रतिदिन 4 लाख बैरल की कमी का सामना करना पड़ रहा है। डेटा के अनुसार, अप्रैल में भारत का एलपीजी आयात घटकर 3,77,620 बैरल प्रतिदिन रह गया, जो कि फरवरी में 8,51,870 बैरल प्रतिदिन था—यानी उस समय से काफी कम जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह चालू था और अमेरिका-इज़राइल ने ईरान पर हमला नहीं किया था।

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