कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटा, कई गांव जलमग्न! सीएम योगी पहुंचे मौके पर, राहत का ऐलान
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रभावित इलाकों का दौरा कर पीड़ित परिवारों से मुलाकात की। सरकार ने राहत और बचाव कार्य तेज कर दिए हैं। जानिए बाढ़ पीड़ितों के लिए क्या घोषणाएं हुई हैं।

In Short
- कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटने से कई गांव जलमग्न, CM सीएम ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा।
- बाढ़ में जनहानि होने पर पीड़ित परिवार को ₹4 लाख की सहायता, 5,000 सूखे राहत पैकेट भी बांटे गए।
- राहत और बचाव कार्यों में NDRF और SDRF की टीमें तैनात, पानी उतरने के बाद सफाई के निर्देश।
उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में नारायणी नदी का तटबंध टूटने से कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। लगातार हुई भारी बारिश के बाद नदी में अचानक पानी बढ़ने से हालात बिगड़ गए। कई घर पानी में डूब गए हैं और लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार, 29 सितंबर को कुशीनगर पहुंचे और बाढ़ प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया। उन्होंने पीड़ित परिवारों से मुलाकात की और राहत सामग्री भी बांटी।
अचानक बढ़ा नदी का पानी, टूट गया तटबंध
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बताया कि आमतौर पर नारायणी नदी में 3 से 4 लाख क्यूसेक पानी रहता है, लेकिन अचानक पानी का बहाव बढ़कर साढ़े पांच लाख क्यूसेक तक पहुंच गया। इसी वजह से नदी का तटबंध टूट गया और आसपास के कई गांवों में पानी भर गया।
पिछले तीन-चार दिनों से उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार मूसलाधार बारिश हो रही थी। हालांकि सोमवार को मौसम थोड़ा साफ हुआ, लेकिन तब तक कई इलाकों में काफी नुकसान हो चुका था।
सीएम योगी ने बाढ़ पीड़ितों से की मुलाकात
मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कुशीनगर के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने वहां रहने वाले परिवारों से मुलाकात कर उनका हालचाल जाना और राहत सामग्री वितरित की।
मुख्यमंत्री ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस मुश्किल समय में सरकार उनके साथ खड़ी है। उन्होंने बताया कि जनप्रतिनिधि और जिला प्रशासन राहत एवं बचाव कार्यों में जुटे हुए हैं।
मुख्यमंत्री सोमवार को भी लगातार अधिकारियों से बाढ़ के हालात की जानकारी लेते रहे थे।
चार लाख रुपये की सहायता का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घोषणा की है कि बाढ़ के कारण किसी व्यक्ति की मौत होने पर उसके परिवार को चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी।
इसके अलावा बाढ़ प्रभा
वित परिवारों के लिए पांच हजार सूखे राहत पैकेट और खाद्य सामग्री भी बांटी गई है। सरकार का कहना है कि प्रभावित लोगों की हर संभव मदद की जा रही है।
NDRF और SDRF की टीमें तैनात
बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्यों के लिए NDRF और SDRF की टीमें तैनात की गई हैं। प्रशासन भी लगातार हालात पर नजर रख रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि चार दिनों की लगातार बारिश से उत्तर प्रदेश के साथ देश के कई दूसरे हिस्सों में भी मुश्किल हालात बने हैं।
पानी उतरने के बाद सफाई के निर्देश
आने वाले दिनों में कई बड़े त्योहार हैं। इसे देखते हुए राज्य सरकार ने सार्वजनिक सुविधाओं को जल्द बहाल करने और निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांवों में तुरंत साफ-सफाई और सैनिटाइजेशन कराया जाए, ताकि संक्रमित बीमारियों को फैलने से रोका जा सके।