कर्नाटक में 1 करोड़ से ज्यादा वोटरों के नाम कटे! नई लिस्ट जारी

कर्नाटक में एसआईआर प्रक्रिया पूरी होने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी गई है। नई लिस्ट में लाखों मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, जबकि कई नए नाम भी जुड़े हैं। आखिर किन वजहों से नाम हटाए गए और घर बैठे कैसे पता करें कि आपका नाम लिस्ट में है या नहीं?

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In Short

  • कर्नाटक की फाइनल वोटर लिस्ट में 99.32 लाख मतदाता कम हुए, अब कुल 4.55 करोड़ वोटर हैं।
  • ड्राफ्ट लिस्ट से 1.07 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए, जबकि फाइनल लिस्ट में 8.64 लाख नाम जुड़े।
  • - वोटर चुनाव आयोग की वेबसाइट और ईसीआईनेट ऐप से अपना नाम चेक कर सकते हैं।

By Gaurav Kumar:

कर्नाटक में वोटर लिस्ट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। चुनाव आयोग ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी एसआईआर की प्रक्रिया पूरी करने के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी कर दी है। ऐसे में लोगों के लिए यह जानना जरूरी हो गया है कि उनका नाम नई लिस्ट में है या नहीं। आइए जानते हैं कि कितने नाम हटाए गए, इसकी वजह क्या रही और घर बैठे अपना नाम कैसे चेक कर सकते हैं।

129 दिन की जांच के बाद कितने वोटर बचे?

कर्नाटक में 129 दिन तक चली एसआईआर प्रक्रिया के बाद फाइनल वोटर लिस्ट में 4,55,00,011 मतदाता दर्ज किए गए हैं। इससे पहले राज्य में 5,54,32,314 रजिस्टर्ड वोटर थे। यानी कुल 99.32 लाख नाम कम हो गए हैं।

24 अगस्त को जारी ड्राफ्ट लिस्ट में 4,46,35,975 वोटर थे। इसके बाद फाइनल लिस्ट में 8.64 लाख नाम जोड़े गए। ड्राफ्ट लिस्ट से 1.07 करोड़ से ज्यादा नाम हटाए गए थे।

आखिर क्यों हटाए गए इतने लोगों के नाम?

ड्राफ्ट लिस्ट से 80.62 लाख नाम ऐसे लोगों के हटाए गए, जो दूसरी जगह चले गए थे या जांच के दौरान नहीं मिले। इनमें 65.45 लाख लोग स्थायी रूप से दूसरी जगह शिफ्ट हो चुके थे।

इसके अलावा 16.39 लाख नाम मृत मतदाताओं के थे। सात लाख से ज्यादा डुप्लिकेट नाम और 3.83 लाख नाम अन्य कारणों से हटाए गए।

नाम दोबारा जुड़वाने के लिए फॉर्म 6 भरना जरूरी था। 16 जून से 23 सितंबर के बीच नए वोटरों सहित 7,87,534 आवेदन मिले। वहीं 4,530 एनआरआई ने फॉर्म 6ए के जरिए आवेदन किया।

नई लिस्ट में महिलाओं और युवाओं की कितनी हिस्सेदारी?

फाइनल वोटर लिस्ट में 2.25 करोड़ से ज्यादा पुरुष और 2.29 करोड़ से ज्यादा महिला मतदाता हैं। इसके अलावा 2,841 थर्ड जेंडर वोटर भी शामिल हैं।लिस्ट में 18 से 19 साल के 6.83 लाख से ज्यादा युवा और 85 साल से अधिक उम्र के 3.92 लाख से ज्यादा मतदाता दर्ज हैं।

एसआईआर के दौरान क्या-क्या हुआ?

कर्नाटक में एसआईआर के लिए 20 जून से 59,050 बूथ लेवल ऑफिसर तैनात किए गए थे। बाद में इनकी संख्या बढ़ाकर 60,932 कर दी गई। राजनीतिक दलों ने भी 1.33 लाख बूथ लेवल एजेंट नियुक्त किए।

24 अगस्त से शुरू हुई दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया में ड्राफ्ट लिस्ट के करीब 43.8 लाख मतदाताओं को नोटिस भेजे गए। इनमें लगभग 60,000 नाम फाइनल लिस्ट से हटाए गए।

इस दौरान 58,475 आपत्तियां और नाम हटाने के आवेदन आए। वहीं 10.99 लाख लोगों ने नाम की स्पेलिंग और पोलिंग बूथ जैसी जानकारी ठीक कराने की मांग की।

घर बैठे वोटर लिस्ट में अपना नाम कैसे चेक करें?

सबसे पहले चुनाव आयोग के इलेक्टोरल सर्च पोर्टल पर जाएं। यहां 'Search by EPIC' चुनें और अपना वोटर आईडी नंबर डालें। इसके बाद कर्नाटक राज्य चुनकर कैप्चा भरें और सर्च करें।

वोटर चुनाव आयोग के वोटर पोर्टल से विधानसभा क्षेत्र की पीडीएफ लिस्ट भी देख सकते हैं। ईसीआईनेट ऐप पर भी वोटर आईडी नंबर से जानकारी मिल सकती है।

अगर स्क्रीन पर 'No Result Found' दिखाई दे, तो तुरंत यह न मानें कि नाम कट गया है। पहले आधिकारिक लिस्ट चेक करें या चुनाव अधिकारियों से संपर्क करें।

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