आज जन्माष्टमी पर कहां जाएं घूमने? Mathura-Vrindavan से Dwarka तक ये हैं 5 खास जगहें
जन्माष्टमी के मौके पर अगर आप भी भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में रंगना चाहते हैं, तो भारत की इन खास जगहों का रुख कर सकते हैं। कहीं कृष्ण जन्मभूमि का अनुभव मिलेगा, तो कहीं भजन-कीर्तन और दही हांडी का उत्साह आपका मन मोह लेगा। जानिए कौन-सी जगह रहेगी आपके लिए खास।

In Short
- आज जन्माष्टमी के मौके पर भारत की किन खास जगहों पर जाकर कृष्ण भक्ति का अनुभव ले सकते हैं।
- Mathura, Vrindavan, Dwarka, Delhi और Mumbai-Pune में जन्माष्टमी पर होने वाले खास उत्सव और धार्मिक आयोजनों के बारे में जानें।
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तौर पर मनाई जाने वाली जन्माष्टमी देशभर में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाई जाती है। इस साल जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026, शुक्रवार को है। शुक्रवार को त्योहार होने की वजह से लोगों को लंबा वीकेंड मिल सकता है। ऐसे में अगर आप इस बार जन्माष्टमी का त्योहार किसी खास जगह जाकर मनाने का प्लान बना रहे हैं, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां इस दिन का माहौल बेहद खास होता है।
मंदिरों की सजावट से लेकर भजन-कीर्तन और झांकियों तक, हर जगह कृष्ण भक्ति देखने को मिलती है। आइए जानते हैं जन्माष्टमी पर घूमने के लिए 5 खास जगहों के बारे में।
1) मथुरा में लें कृष्ण जन्मभूमि का अनुभव
उत्तर प्रदेश का मथुरा भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि है और जन्माष्टमी मनाने के लिए सबसे खास जगहों में शामिल है। यमुना किनारे बसे इस शहर में जन्माष्टमी के दौरान हर तरफ भक्तिमय माहौल नजर आता है। यहां उत्सव की शुरुआत झूलन उत्सव से होती है। इस दौरान भगवान कृष्ण की प्रतिमाओं को खूबसूरत और रंग-बिरंगे झूलों पर विराजमान किया जाता है। मंदिरों को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है। इसके साथ ही कृष्ण लीला पर आधारित झांकियां और रासलीला के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।
2) वृंदावन की गलियों में गूंजता है कृष्ण नाम
मथुरा से करीब 17 किलोमीटर दूर वृंदावन भी जन्माष्टमी के दौरान श्रद्धालुओं से भर जाता है। यहां त्योहार की तैयारियां कई दिन पहले शुरू हो जाती हैं। शहर की गलियों में भजन-कीर्तन और कृष्ण नाम के जयघोष सुनाई देते हैं। बांके बिहारी मंदिर, इस्कॉन मंदिर और प्रेम मंदिर को फूलों, दीपकों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जाता है। जन्माष्टमी का आध्यात्मिक माहौल महसूस करने के लिए वृंदावन एक खास जगह है।
3) दिल्ली का बिरला मंदिर भी है खास
दिल्ली स्थित लक्ष्मी नारायण मंदिर को आमतौर पर बिरला मंदिर के नाम से जाना जाता है। जन्माष्टमी पर यहां विशेष सजावट की जाती है। मंदिर को फूलों और आकर्षक रोशनी से सजाया जाता है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के मौके पर आधी रात को महाआरती और अभिषेक जैसे धार्मिक अनुष्ठान होते हैं। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं।
4) द्वारकाधीश मंदिर में दिखती है भव्यता
गुजरात का द्वारकाधीश मंदिर, जिसे जगत मंदिर भी कहा जाता है, जन्माष्टमी के लिए खास माना जाता है। यहां दिन की शुरुआत मंगला आरती से होती है। इसके बाद भगवान कृष्ण की विशेष पूजा, श्रृंगार और महापूजा की जाती है। मंदिर को फूलों और रोशनी से सजाया जाता है और देश-विदेश से श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
5) मुंबई-पुणे में दही हांडी का उत्साह
महाराष्ट्र के मुंबई और पुणे में जन्माष्टमी का सबसे खास आकर्षण दही हांडी होती है। भगवान कृष्ण के माखन प्रेम से जुड़ी इस परंपरा में युवा मिलकर ऊंचा मानव पिरामिड बनाते हैं और ऊपर लटकी मिट्टी की हांडी फोड़ते हैं। हांडी में दही, मट्ठा और सूखे मेवे भरे होते हैं। इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं और पूरे शहर में उत्सव का माहौल बन जाता है।