भारतीय पायलट की बहादुरी को इजरायल का सलाम! स्मित मच्छार को मिलेगा खास सम्मान
भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर की बहादुरी को इजरायल सलाम करने जा रहा है। फ्लाईदुबई की फ्लाइट में कथित आतंकी हमले के दौरान उन्होंने 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। इजरायली राष्ट्रपति ने उन्हें सम्मानित करने का ऐलान किया है। जानिए विमान में आखिर क्या हुआ था।

In Short
- 174 यात्रियों की जान बचाने वाले भारतीय पायलट को सम्मानित करेगा इजरायल।
- फ्लाईदुबई की फ्लाइट में को-पायलट ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से किया हमला।
- अबू धाबी में कैप्टन स्मित का इलाज जारी, सेहत में सुधार।
Indian Pilot Smit Machchhar: भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छर (Smit Machchhar) को इजरायल बड़े सम्मान से नवाजने जा रहा है। फ्लाईदुबई की एक फ्लाइट में कथित आतंकी हमले को रोकने और 174 यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाने के लिए उन्हें इजरायल का प्रेसिडेंशियल अवॉर्ड फॉर सिविल हीरोइज्म दिया जाएगा। इजरायल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने गुरुवार को इसकी घोषणा की। कैप्टन स्मित फिलहाल अबू धाबी के एक अस्पताल में गंभीर चोटों से उबर रहे हैं।
इजरायल के राष्ट्रपति ने की भारतीय पायलट की तारीफ
राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने यरुशलम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान भारतीय पायलट की बहादुरी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित की हिम्मत और सूझबूझ ने एक बड़ी विमान दुर्घटना को रोकने में मदद की।
हर्जोग ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि जब कैप्टन स्मित पूरी तरह ठीक हो जाएंगे, तब उन्हें इजरायल की जनता की ओर से नागरिक वीरता सम्मान देना गर्व की बात होगी।
फ्लाइट में आखिर क्या हुआ था?
यह घटना पिछले हफ्ते फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 में हुई थी। विमान 174 यात्रियों को लेकर तेल अवीव जा रहा था।
आरोप है कि ओमान के रहने वाले को-पायलट हमाम अल-हम्मामी ने कॉकपिट में कैप्टन स्मित पर क्रैश एक्स से हमला किया और विमान पर कब्जा करने की कोशिश की।
इस दौरान विमान से इमरजेंसी सिग्नल भेजे गए। विमान करीब 34,000 फीट की ऊंचाई से 17,000 फीट से ज्यादा नीचे आया और बाद में सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। यूएई ने बाद में इस घटना को आतंकी हमले की कोशिश बताया।
छह इजरायली यात्रियों को भी मिला सम्मान
इजरायल के राष्ट्रपति ने विमान में मौजूद छह यात्रियों को भी बहादुरी के लिए सम्मानित किया। इनमें ताली मानेस, ज्विका मानेस, यानिव हायून, डॉ. शोटा मुसायेव, असफ राजुआन और ओर पार्डिलोव शामिल हैं।
ताली मानेस ने सबसे पहले खतरे की जानकारी दी थी। अन्य यात्रियों ने कथित हमलावर को-पायलट को काबू करने में मदद की, जबकि डॉ. मुसायेव ने घायल पायलट का इलाज किया।
हर्जोग ने कहा कि इन लोगों की बहादुरी ने 174 कीमती जिंदगियां बचाईं। उन्होंने घटना की पूरी जांच की जरूरत पर भी जोर दिया।
भारतीय पायलट की सेहत पर विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
कैप्टन स्मित को पहले सऊदी अरब के तबूक में इलाज दिया गया। इसके बाद उन्हें अबू धाबी शिफ्ट किया गया।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मंगलवार को बताया कि कैप्टन स्मित की सेहत में सुधार हो रहा है और वह इलाज पर अच्छी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। यूएई में भारतीय दूतावास उनके परिवार और अस्पताल प्रशासन के संपर्क में है।
नेतन्याहू भी कर चुके हैं बहादुरी की तारीफ
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित से फोन पर बात कर उनकी बहादुरी की सराहना की थी। उन्होंने भारतीय पायलट और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इजरायल के स्वतंत्रता दिवस समारोह में मशाल जलाने के लिए आमंत्रित किया था।