होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान-ओमान में समझौता करीब, जहाजों की आवाजाही हो सकती है आसान
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर समझौता लगभग तैयार है। लेकिन इससे यह रास्ता पूरी तरह नहीं खुलेगा। समझौते को लागू करने के लिए ईरान के सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी होगी। साथ ही अमेरिका और ईरान के बीच तनाव भी अभी खत्म नहीं हुआ है।

In Short
- ईरान और ओमान के बीच जहाजों के आने-जाने के रास्ते पर शुरुआती सहमति बन गई है।
- समझौता होने के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह नहीं खोला जाएगा।
- समझौता लागू करने के लिए ईरान के सुप्रीम लीडर की मंजूरी जरूरी है।
ईरान और ओमान के बीच होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही को लेकर समझौता लगभग तैयार हो गया है। हालांकि, इस समझौते के बाद भी होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोले जाने की उम्मीद नहीं है।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान ने कहा है कि ओमान के साथ प्रस्तावित शिपिंग रूट को लेकर लगभग सभी मुद्दों पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है और बातचीत अब अंतिम चरण में है।
पिछले महीने से चल रही बातचीत
ईरान और ओमान दोनों होर्मुज स्ट्रेट की सीमा से जुड़े देश हैं। दोनों देशों के बीच पिछले महीने से इस अहम समुद्री रास्ते पर जहाजों की आवाजाही को लेकर बातचीत चल रही है।
प्रस्तावित योजना के तहत यह तय किया जाना है कि जहाज किस रास्ते से होर्मुज स्ट्रेट में प्रवेश करेंगे और किस रास्ते से बाहर निकलेंगे। हाल के दिनों में ईरान और अमेरिका दोनों ने संकेत दिए हैं कि इस मुद्दे का समाधान जल्द निकल सकता है।
ईरान के उप विदेश मंत्री काजेम ग़रीबाबादी ने मंगलवार को कहा कि समुद्री यातायात के एंट्री और एग्जिट रूट के नक्शे समेत लगभग सभी मुद्दों पर शुरुआती सहमति बन गई है।
पूरी तरह नहीं खुलेगा होर्मुज स्ट्रेट
ईरान ने साफ किया है कि ओमान के साथ होने वाला समझौता होर्मुज स्ट्रेट को पूरी तरह खोले जाने का मतलब नहीं होगा। तेहरान का कहना है कि अमेरिका इस समझौते का हिस्सा नहीं है।
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ईरान ने यह संकेत भी दिया है कि होर्मुज स्ट्रेट में सामान्य आवाजाही तभी बहाल हो सकती है, जब अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगाई गई नाकेबंदी हटाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार देर रात कहा कि होर्मुज स्ट्रेट को लेकर समझौता जल्द हो सकता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रशासन ईरान के संपर्क में है और बातचीत जारी है।
तेल बाजार में उतार-चढ़ाव
समझौते को लेकर जारी इंतजार का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी दिखाई दिया। कारोबारियों ने फारस की खाड़ी से तेल की सप्लाई जल्द बढ़ने की संभावना को देखते हुए सतर्क रुख अपनाया।
गुरुवार को ब्रेंट क्रूड हल्की बढ़त के साथ 79.60 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा था।
मंजूरी पर अब भी सवाल
होर्मुज स्ट्रेट से जुड़ा कोई भी समझौता लागू होने से पहले ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई की मंजूरी जरूरी होगी। रिपोर्ट के मुताबिक, फरवरी में अमेरिका और इजरायल के शुरुआती हमलों में घायल होने के बाद वह छिपे हुए हैं।
यह साफ नहीं है कि उन्होंने समझौते को मंजूरी दी है या नहीं। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि उनसे संपर्क करने में समय लग रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने बुधवार को एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि खामेनेई से संपर्क करना फिलहाल बेहद मुश्किल हो गया है।
परमाणु बातचीत का रास्ता खुलने की उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर कई महीनों से गतिरोध बना हुआ है। समुद्री जहाजों की आवाजाही इस विवाद का बड़ा मुद्दा रही है।
ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट पार करने वाले जहाज उससे अनुमति लें और संभव है कि उनसे किसी तरह की फीस भी ली जाए। होर्मुज स्ट्रेट पर समझौता दोनों देशों को ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर दोबारा बातचीत की मेज पर ला सकता है।