होर्मुज पर ईरान की नो फीस नो एंट्री पॉलिसी? दोहा वार्ता में रखीं शर्तें, क्या मानेंगे ट्रंप
दोहा में बात तो शांति की हुई, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर ईरान की एक शर्त ने नई हलचल मचा दी है। अब सवाल है कि क्या अमेरिका इसे मानेगा या तनाव और बढ़ेगा? आइए आसान भाषा में जानते हैं कि पूरा मामला क्या है।

In Short
- दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच दो दिन बातचीत हुई, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट पर कोई बड़ा समझौता नहीं हो पाया।
- ईरान चाहता है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों से फीस ली जाए और इस रास्ते पर उसके अधिकार को माना जाए।
- अमेरिका ने ईरान की मांगों को ठुकराते हुए कहा कि होर्मुज स्ट्रेट से सभी देशों के जहाजों को बिना रोक-टोक गुजरने की छूट मिलनी चाहिए।
Hormuz Strait Tension: कतर के दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच दो दिन तक बातचीत हुई। इस दौरान तनाव कम करने, जहाजों की आवाजाही और ईरान के फंड जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। लेकिन बातचीत के बाद भी कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। सबसे बड़ा विवाद होर्मुज स्ट्रेट को लेकर रहा, जो दुनिया का बेहद अहम समुद्री रास्ता है।
होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों से फीस चाहता है ईरान
बातचीत में सबसे बड़ा मुद्दा होर्मुज स्ट्रेट रहा। ईरान चाहता है कि इस समुद्री रास्ते पर उसके अधिकार को माना जाए। ईरान का कहना है कि यहां से कौन सा जहाज गुजरेगा और किससे फीस ली जाएगी, इसका फैसला उसे करने दिया जाए। ईरान ने यह भी कहा कि अगस्त के मध्य से होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कारोबारी जहाजों से फीस ली जा सकती है।
अमेरिका ने ईरान की मांगों को ठुकराया
अमेरिका ने ईरान की इन मांगों को नहीं माना है। अमेरिका का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट ऐसा समुद्री रास्ता है, जहां सभी देशों के जहाजों को बिना रोक-टोक आने-जाने की छूट होनी चाहिए। अमेरिका नहीं चाहता कि कोई एक देश यहां जहाजों से फीस वसूले या उन्हें रोके। बैठक में ओमान के पास एक दूसरा समुद्री रास्ता बनाने की बात भी हुई, लेकिन ईरान ने इसे मानने से इनकार कर दिया।
तनाव कम करने के लिए सीधी बात पर चर्चा
समुद्र में किसी घटना के बाद बात बिगडे नहीं, इसके लिए अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बात करने का तरीका बनाने पर चर्चा हुई। दोनों देश ऐसी जानकारी भी साझा कर सकते हैं, जिससे आगे किसी गलतफहमी से बचा जा सके। ट्रंप ने कहा कि बातचीत सही दिशा में चल रही है और उन्हें उम्मीद है कि हालात ज्यादा नहीं बिगडेंगे। हालांकि होर्मुज को लेकर दोनों देशों के बीच खींचतान अभी खत्म नहीं हुई है।