विदेश यात्रा को लेकर डेटा में सामने आई चौंकाने वाली तस्वीर, जानें कौन से देश रहे सबसे आगे
विदेश घूमने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन आंकड़े बताते हैं कि अलग-अलग देशों में इसका अंतर काफी बड़ा है। कुछ देशों के ज्यादातर लोग विदेश यात्रा कर चुके हैं, वहीं भारत जैसे देशों में यह संख्या काफी कम है। इसकी वजह सिर्फ पसंद नहीं, बल्कि कमाई और दूरी भी है।

In Short
- नीदरलैंड और स्वीडन में 99% लोगों ने विदेश यात्रा की है, जबकि भारत में यह आंकड़ा सिर्फ 3% है।
- जर्मनी, ब्रिटेन, कनाडा और फ्रांस जैसे देशों में विदेश घूमने वालों की संख्या काफी ज्यादा है।
- विदेश यात्रा पर सिर्फ शौक नहीं बल्कि कमाई, भौगोलिक दूरी और देशों के बीच कनेक्टिविटी का भी असर पड़ता है।
International Travel Data India: भारतीयों को घूमना काफी पसंद है। देश के अंदर फ्लाइट, ट्रेन और होटल की बुकिंग से इसका अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। लेकिन जब बात विदेश घूमने की आती है, तो तस्वीर काफी अलग दिखती है। एक डेटा के मुताबिक, भारत में सिर्फ 3% लोगों ने ही कभी विदेश यात्रा की है।
नीदरलैंड और स्वीडन में 99% लोग जा चुके हैं विदेश
विजुअल कैपिटलिस्ट के डेटा के मुताबिक, जिसे प्यू रिसर्च सेंटर से लिया गया है, नीदरलैंड और स्वीडन के 99% लोग विदेश यात्रा कर चुके हैं। इसके मुकाबले भारत में यह आंकड़ा सिर्फ 3% है।
जर्मनी में 96%, ब्रिटेन में 94%, कनाडा में 92% और फ्रांस में 90% लोग विदेश जा चुके हैं। वहीं इंडोनेशिया में यह आंकड़ा 6% और नाइजीरिया में 9% है।
सिर्फ शौक नहीं, कमाई भी बड़ी वजह
डेटा बताता है कि विदेश घूमना सिर्फ पसंद या लाइफस्टाइल का मामला नहीं है। इसमें लोगों की कमाई भी बड़ी भूमिका निभाती है। जिन देशों में लोगों की आमदनी ज्यादा है, वहां विदेश यात्रा करने वालों की संख्या भी ज्यादा है।
रैंकिंग के टॉप 16 स्थानों पर हाई-इनकम इकोनॉमी वाले देश हैं। देशों की इनकम कैटेगरी वर्ल्ड बैंक की 2024-2025 की क्लासिफिकेशन के आधार पर तय की गई है।
वहीं जिन 8 देशों में आधे से भी कम वयस्क विदेश यात्रा कर चुके हैं, वे सभी लोअर-मिडिल या अपर-मिडिल इनकम इकोनॉमी में आते हैं।
यूरोप में एक देश से दूसरे देश जाना आसान
विदेश यात्रा के आंकड़ों पर जगह और दूरी का भी असर पड़ता है। यूरोप में कई देश एक-दूसरे के काफी करीब हैं। साथ ही एक देश से दूसरे देश जाने के लिए अच्छा ट्रांसपोर्ट नेटवर्क भी मौजूद है।
इसी वजह से विदेश यात्रा करने वालों की लिस्ट में यूरोपीय देश ऊपर नजर आते हैं।
अमेरिका और जापान के आंकड़े यूरोप से कम
हालांकि हर हाई-इनकम देश में विदेश यात्रा का आंकड़ा बहुत ज्यादा नहीं है। जापान में 65% वयस्क विदेश जा चुके हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 76% है।
दोनों देश हाई-इनकम इकोनॉमी हैं, लेकिन यहां घरेलू पर्यटन का बाजार भी बड़ा है। इसके अलावा इन देशों की दूसरे देशों से दूरी भी ज्यादा है। यही वजह है कि इनके आंकड़े कई यूरोपीय देशों के मुकाबले कम हैं।
कुल मिलाकर डेटा से पता चलता है कि विदेश यात्रा पर सिर्फ घूमने का शौक नहीं, बल्कि कमाई, दूरी और दूसरे देशों तक आसानी से पहुंच जैसे कारण भी असर डालते हैं।