राफेल से तेजस तक... IAF कितनी ताकतवर? चीन से भी आगे भारतीय वायुसेना- पाकिस्तान का टॉप 10 में नामोनिशान नहीं
8 अक्टूबर को भारत 94वां भारतीय वायुसेना दिवस मना रहा है। 1932 में शुरू हुई IAF ने 94 वर्षों में लंबा सफर तय किया है। आज इसके बेड़े में राफेल, सुखोई-30MKI और तेजस जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान शामिल हैं। आखिर दुनिया की ताकतवर एयरफोर्स में भारत की स्थिति क्या है और IAF कितनी बड़ी है?

भारत आज यानी 8 अक्टूबर को भारतीय वायुसेना दिवस (Indian Air Force Day) मना रहा है। साल 2026 में यह भारतीय वायुसेना का 94वां स्थापना दिवस है। यह दिन देश की हवाई सीमाओं की रक्षा करने वाले एयर वॉरियर्स के साहस, शौर्य और योगदान को सम्मान देने के लिए मनाया जाता है। भारतीय वायुसेना ने पिछले 94 वर्षों में एक छोटी सी एयर यूनिट से दुनिया की प्रमुख सैन्य वायु शक्तियों में अपनी जगह बनाई है।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारतीय वायुसेना की शुरुआत कब हुई थी? आज इसके पास कितने विमान हैं? दुनिया की ताकतवर एयरफोर्स में भारत का नंबर क्या है? चलिए जानते हैं भारतीय वायुसेना से जुड़ी हर जरूरी जानकारी।
8 अक्टूबर को ही क्यों मनाया जाता है Air Force Day?
भारतीय वायुसेना की आधिकारिक स्थापना 8 अक्टूबर 1932 को हुई थी। उस समय भारत ब्रिटिश शासन के अधीन था और इसे ब्रिटिश रॉयल एयर फोर्स की सहायक यूनिट के तौर पर स्थापित किया गया था।
इसी स्थापना दिवस की याद में हर साल 8 अक्टूबर को Indian Air Force Day मनाया जाता है। इसका मकसद देश की सुरक्षा में वायुसेना के योगदान और एयर वॉरियर्स के साहस को सम्मान देना है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए.पी. सिंह हैं।
भारतीय वायुसेना कितनी बड़ी है?
Global Firepower के 2026 के आंकड़ों के मुताबिक भारत के पास कुल 2,183 सैन्य विमान हैं। इस संख्या के आधार पर भारत दुनिया में चौथे नंबर पर है।
इसमें करीब:
- 476 लड़ाकू विमान
- 124 समर्पित हमलावर विमान
- 277 परिवहन विमान
- 334 प्रशिक्षण विमान
- 72 विशेष मिशन विमान
- 6 टैंकर विमान
- 594 हेलीकॉप्टर
- 79 अटैक हेलीकॉप्टर
शामिल हैं। Global Firepower के आंकड़ों में UAVs को इस कुल संख्या में शामिल नहीं किया जाता।
दुनिया में भारतीय वायुसेना की रैंकिंग क्या है?
Global Air Powers Ranking (2026) के डेटा के मुताबिक इंडिया एयरफोर्स यूएस और रूस के बाद तीसरे नंबर पर है। चीन की बात करें तो चीन भारत के बाद चौथे नंबर पर है और पाकिस्तान टॉप 10 देशों की लिस्ट से बाहर है।
चीन से आगे क्यों है भारतीय वायुसेना?
Global Air Powers Ranking केवल विमानों की संख्या देखकर तैयार नहीं होती। इसमें एयरक्राफ्ट की क्वालिटी, फ्लीट बैलेंस, मॉडर्नाइजेशन, लॉजिस्टिक्स, ऑपरेशनल कैपेबिलिटी और दूसरे फैक्टर्स को भी देखा जाता है।
IAF के पास कौन-कौन से प्रमुख लड़ाकू विमान हैं?
भारतीय वायुसेना के बेड़े में कई तरह के लड़ाकू विमान शामिल हैं।
इनमें प्रमुख हैं:
- राफेल (Rafale)
- सुखोई-30MKI (Su-30MKI)
- तेजस (Tejas)
- मिराज-2000 (Mirage 2000)
- मिग-29 (MiG-29)
- जगुआर (Jaguar)
इसके अलावा IAF के पास C-17 Globemaster III, C-130J Super Hercules और C-295 जैसे ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट भी हैं।
हेलीकॉप्टर बेड़े में अपाचे (Apache), चिनूक (Chinook), Mi-17 और स्वदेशी लाइट कॉम्बैट हेलीकॉप्टर (LCH) जैसे प्रमुख प्लेटफॉर्म शामिल हैं। रक्षा मंत्रालय के 2026 के वायु शक्ति अभ्यास (Vayushakti) में भी तेजस, राफेल, जगुआर, मिराज-2000, सुखोई-30MKI, मिग-29, C-17, C-130J, C-295, अपाचे, चिनूक और LCH समेत कई प्लेटफॉर्म की ऑपरेशनल क्षमताओं का प्रदर्शन किया गया था।
स्वदेशी ताकत पर IAF का कितना जोर?
भारतीय वायुसेना अब केवल विदेशी विमानों और हथियारों पर निर्भर नहीं है, बल्कि स्वदेशी रक्षा तकनीक को भी तेजी से बढ़ावा दे रही है। तेजस इसका प्रमुख उदाहरण है। इसके अलावा स्वदेशी हथियार, रडार, एयर डिफेंस सिस्टम और हेलीकॉप्टर भी भारतीय वायु शक्ति को मजबूत कर रहे हैं।
Vayushakti-26 में भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी प्लेटफॉर्म और हथियारों के जरिए सटीक निशाना लगाने (Precision Targeting) और मल्टी-डोमेन ऑपरेशन की अपनी क्षमता का भी प्रदर्शन किया था।