RE-NEET परीक्षा से पहले सरकार का बड़ा फैसला, टेलीग्राम पर लगाई अस्थायी रोक

NEET परीक्षा से पहले केंद्र सरकार ने Telegram पर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने भारत में Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। आखिर क्यों लगाया गया अस्थायी बैन और मैसेज एडिट फीचर पर रोक? जानिए पूरी खबर।

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By Gaurav Kumar:

Telegram ban in India: केंद्र सरकार ने RE-NEET परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से कराने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने भारत में Telegram पर अस्थायी रोक लगाने का फैसला किया है। यह फैसला राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर लिया गया है। पिछले कुछ वर्षों में कई बार Telegram ग्रुप्स पर पेपर लीक और परीक्षा से जुड़ी गलत जानकारियां फैलाने के आरोप लगते रहे हैं।

22 जून तक टेलीग्राम पर रहेगी पाबंदी

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिशों के आधार पर सरकार ने यह फैसला लिया है। सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69A के अंतर्गत ये आदेश जारी किया है।

इसके तहत भारत में टेलीग्राम प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल पर एक तय और सीमित समय के लिए पाबंदी लगा दी गई है। यह पाबंदी 22 जून 2026 की आधी रात तक लागू रहेगी।

Telegram पर क्यों उठाना पड़ा कदम?

पेपर लीक और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों में अक्सर Telegram का नाम सामने आता रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि प्लेटफॉर्म के कुछ फीचर्स का गलत इस्तेमाल करके ठग और साइबर अपराधी बड़ी संख्या में लोगों तक आसानी से पहुंच जाते हैं। 

बड़े ग्रुप्स बनाना आसान

Telegram पर हजारों लोगों वाले बड़े ग्रुप और चैनल बनाए जा सकते हैं। इसी वजह से किसी भी जानकारी या संदेश को बहुत कम समय में बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचाया जा सकता है। कई बार इसका गलत इस्तेमाल भी देखने को मिला है।

मैसेज एडिट करने वाले फीचर पर भी रोक

इस कार्रवाई के तहत टेलीग्राम के लिए एक और जरूरी निर्देश जारी किया गया है। इसके मुताबिक टेलीग्राम को भारत में पहले से पोस्ट किए जा चुके  मैसेजों को एडिट (बदलने) करने वाले फीचर को बंद करना होगा। यह रोक 30 जून 2026 तक के लिए लगाई गई है। असल में जांच में यह बात सामने आई है कि टेलीग्राम के इसी खास फीचर का गलत इस्तेमाल करके पेपर लीक होने के झूठे सबूत तैयार किए जा रहे थे।

परीक्षा खत्म होने के बाद पुराने मैसेजों को एडिट करके ऐसा दिखाया जाता था जैसे पेपर पहले ही लीक हो गया हो। अब इस फीचर पर रोक लगने से ऐसी धोखाधड़ी नहीं हो पाएगी।

यह ही वजह है कि सरकार ने टेलीग्राम पर अस्थायी बैन लगाया है। इसके साथ ही NTA का मानना है कि छात्रों के हित में लिया गया यह फैसला 21 जून 2026 को होने वाली परीक्षा को पूरी तरह से सुरक्षित और साफ-सुथरे ढंग से कराने में बहुत मददगार साबित होगा।

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