चीन से आने वाले Titanium Dioxide पर सरकार का बड़ा फैसला! 5 साल तक लगेगी एंटी-डंपिंग ड्यूटी, जानें कितना बढ़ेगा टैक्स
चीन से आने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड को लेकर भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इससे घरेलू कंपनियों को राहत मिल सकती है, लेकिन कुछ सेक्टर्स पर इसका अलग असर पड़ सकता है। आखिर सरकार ने यह कदम क्यों उठाया, कितनी ड्यूटी लगेगी और किन प्रोडक्ट्स को छूट मिलेगी? जानिए पूरी खबर।

In Short
- चीन से आने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड पर 5 साल के लिए एंटी-डंपिंग ड्यूटी लगाई गई।
- सरकार ने 460 से 681 डॉलर प्रति टन तक ड्यूटी तय की है।
- फूड, फार्मा और स्किनकेयर समेत कुछ खास इस्तेमाल वाले प्रोडक्ट्स को छूट दी गई है।
Anti-Dumping Duty: भारत सरकार ने चीन से आने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड (Titanium Dioxide) पर बड़ा फैसला लिया है। इस केमिकल का इस्तेमाल कई तरह के प्रोडक्ट बनाने में होता है। सरकार के इस कदम का मकसद देश की कंपनियों को सस्ते विदेशी सामान से होने वाले नुकसान से बचाना है। हालांकि, सभी तरह के टाइटेनियम डाइऑक्साइड पर यह नियम लागू नहीं होगा। आइए जानते हैं कि सरकार ने कितनी ड्यूटी लगाई है, यह कब तक लागू रहेगी और किन प्रोडक्ट्स को इससे छूट मिलेगी।
5 साल तक लगेगी एंटी-डंपिंग ड्यूटी
वित्त मंत्रालय ने चीन से इंपोर्ट होने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी (Anti-Dumping Duty) लगा दी है। मंत्रालय ने शनिवार, 24 अक्टूबर को जारी गजट नोटिफिकेशन में इसकी जानकारी दी। यह ड्यूटी अगले 5 साल तक लागू रहेगी। हालांकि, सरकार चाहे तो इस अवधि के खत्म होने से पहले भी इसे हटा सकती है, बदल सकती है या इसकी जगह नया नियम ला सकती है।
हर टन पर कितनी लगेगी ड्यूटी?
सरकार ने चीन से आने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड पर 460 डॉलर से 681 डॉलर प्रति टन तक एंटी-डंपिंग ड्यूटी तय की है। यानी इस केमिकल को चीन से भारत लाने पर इंपोर्टर्स को तय दर के हिसाब से अतिरिक्त ड्यूटी देनी होगी। इसका मकसद चीन से कम कीमत पर आने वाले सामान और घरेलू कंपनियों के बीच कीमतों के अंतर से पैदा होने वाली परेशानी को कम करना है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
जांच में सामने आया कि चीन से टाइटेनियम डाइऑक्साइड भारत में घरेलू कंपनियों के मुकाबले काफी कम कीमत पर बेचा जा रहा था। इसे डंपिंग (Dumping) कहा जाता है। इससे भारतीय कंपनियों को बड़ा नुकसान हो रहा था। जांच में यह भी पाया गया कि सस्ता इंपोर्ट जारी रहने से घरेलू इंडस्ट्री को आगे और नुकसान होने का खतरा है। इसी वजह से सरकार ने ड्यूटी लगाने का फैसला किया।
किन प्रोडक्ट्स को मिलेगी छूट?
सरकार ने कुछ खास इस्तेमाल वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड को इस ड्यूटी से बाहर रखा है। इनमें फूड एडिटिव्स (Food Additives), दवाओं की टैबलेट पर कोटिंग, स्किनकेयर प्रोडक्ट्स, कुछ टेक्सटाइल और फाइबर से जुड़े इस्तेमाल और डेकोर पेपर बनाने में इस्तेमाल होने वाला टाइटेनियम डाइऑक्साइड शामिल है।
इसके अलावा 100 नैनोमीटर से छोटे पार्टिकल साइज वाले नैनो या अल्ट्राफाइन टाइटेनियम डाइऑक्साइड को भी छूट दी गई है।
कपड़ों की प्रिंटिंग पर मिलेगी छूट?
हालांकि, कपड़ों, गारमेंट्स और फैब्रिक पर प्रिंटिंग के लिए पिगमेंट (Pigment) के तौर पर इस्तेमाल होने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड को छूट नहीं दी गई है। यानी इस इस्तेमाल के लिए चीन से आने वाले टाइटेनियम डाइऑक्साइड पर भी तय एंटी-डंपिंग ड्यूटी लागू होगी।