लॉन्च होते ही विवादों में घिरी भारतीय हॉकी टीम की भगवा जर्सी! Hockey India ने दी सफाई
भारतीय हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी लॉन्च होते ही चर्चा में आ गई। जर्सी का रंग बदलने के फैसले पर सवाल उठे, जिसके बाद हॉकी इंडिया ने सफाई दी कि यह बदलाव खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह के बाद तकनीकी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

In Short
- भारतीय हॉकी टीम की नई भगवा जर्सी पर शुरू हुआ विवाद।
- हॉकी इंडिया ने बताया रंग बदलने की तकनीकी वजह।
- नीली पिच पर बेहतर विजिबिलिटी के लिए चुना गया भगवा रंग।
Indian Hockey Team Jersey: भारतीय हॉकी टीम ने आज अपनी नई जर्सी लॉन्च की है, लेकिन लॉन्च होते ही यह विवादों में घिर गई। टीम की नीली जर्सी की जगह अब भगवा रंग की जर्सी नजर आएगी, जिसे लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान वीरन रसकिन्हा ने भी हॉकी इंडिया के इस फैसले पर सवाल उठाए। विवाद बढ़ने के बाद हॉकी इंडिया ने बयान जारी कर बताया कि आखिर जर्सी का रंग बदलने की जरूरत क्यों पड़ी।
खिलाड़ियों की सलाह के बाद बदला गया रंग
हॉकी इंडिया ने कहा कि जर्सी का रंग बदलने का फैसला खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ की सलाह और उनके साथ हुई बातचीत के बाद लिया गया है। संगठन के मुताबिक, इस बदलाव के पीछे मुख्य वजह तकनीकी थी।
हॉकी इंडिया ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हॉकी में अब नीले रंग की सिंथेटिक पिच का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में भारतीय टीम की नीली जर्सी कई बार मैदान की सतह के रंग से मिलती-जुलती दिखाई देती थी। इससे मैदान पर खिलाड़ियों की पहचान और विजिबिलिटी प्रभावित हो सकती थी।
इस समस्या को देखते हुए कोच और खिलाड़ियों ने अलग रंग की जर्सी का सुझाव दिया। इसमें पीले और भगवा रंग के विकल्प पर विचार किया गया। इसके बाद भगवा रंग को अंतिम रूप दिया गया।
भगवा रंग को लेकर क्यों हुआ विवाद?
जर्सी का रंग बदलकर भगवा किए जाने के बाद इस फैसले को लेकर चर्चा शुरू हो गई। पूर्व भारतीय हॉकी कप्तान वीरन रसकिन्हा ने हॉकी इंडिया के इस फैसले पर सवाल उठाए।
इसके बाद हॉकी इंडिया ने सफाई देते हुए कहा कि जर्सी बदलने का फैसला सिर्फ मैदान पर खिलाड़ियों की बेहतर पहचान और खेल से जुड़ी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
हॉकी इंडिया ने बताई भगवा रंग चुनने की वजह
हॉकी इंडिया ने अपने बयान में कहा कि भगवा रंग भारतीय राष्ट्रीय ध्वज का हिस्सा है। यह रंग साहस, बलिदान और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है। इसलिए तकनीकी जरूरत के साथ इस रंग के महत्व को भी ध्यान में रखा गया।
संगठन ने यह भी कहा कि भारतीय हॉकी टीम की जर्सी का रंग पहले भी जरूरत के हिसाब से बदला गया है। 2014 के एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में टीम की जर्सी का रंग पीला किया गया था। वहीं, 2018 के एफआईएच हॉकी वर्ल्ड कप में टीम स्काई ब्लू रंग की अलग डिजाइन वाली जर्सी में खेली थी।
तकनीकी जरूरत के आधार पर लिया गया फैसला
हॉकी इंडिया के मुताबिक, मौजूदा भगवा जर्सी का फैसला खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ से मिले सुझावों के बाद लिया गया है। संगठन का कहना है कि इस बदलाव का मुख्य उद्देश्य मैदान पर खिलाड़ियों को बेहतर तरीके से पहचान दिलाना और खेल के दौरान स्पष्टता बढ़ाना है।
हॉकी इंडिया ने कहा कि भगवा रंग को चुनने का फैसला तकनीकी जरूरत और राष्ट्रीय ध्वज से जुड़े इसके महत्व दोनों को ध्यान में रखकर किया गया है।