डिफेंस सेक्टर में बड़ा कदम! सरकार की नई लिस्ट से HAL, BEL, BDL समेत कंपनियों को मिलेंगे नए मौके

डिफेंस मिनिस्ट्री की छठी पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट में 405 अहम डिफेंस आइटम शामिल किए गए हैं। इससे भारत में हथियारों और सैन्य उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा मिलेगा। एचएएल बीईएल और बीडीएल जैसी कंपनियों के साथ एमएसएमई और स्टार्टअप के लिए भी नए अवसर खुल सकते हैं।

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In Short

  • डिफेंस मिनिस्ट्री की छठी पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट में 405 रणनीतिक डिफेंस आइटम शामिल किए गए हैं जिनकी अनुमानित बिजनेस क्षमता 3,070 करोड़ रुपये है।
  • एचएएल बीईएल और बीडीएल जैसी प्रमुख डिफेंस कंपनियों को घरेलू उत्पादन बढ़ाने के नए अवसर मिल सकते हैं।
  • श्रीजन पोर्टल के जरिए जून 2026 तक 33,000 से ज्यादा डिफेंस आइटम इंडिजेनाइजेशन के लिए उपलब्ध कराए जा चुके हैं।

By Gaurav Kumar:

डिफेंस सेक्टर की कंपनियां जैसे भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड बीईएल हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड एचएएल और भारत डायनेमिक्स लिमिटेड बीडीएल एक बार फिर चर्चा में हैं। इसकी वजह है डिफेंस मिनिस्ट्री की ओर से जारी की गई छठी पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट पीआईएल। इस लिस्ट का मकसद भारत में ही डिफेंस इक्विपमेंट बनाने को बढ़ावा देना और विदेशी आयात पर निर्भरता कम करना है। इस कदम से डिफेंस कंपनियों और घरेलू इंडस्ट्री के लिए नए मौके खुल सकते हैं।

405 डिफेंस आइटम होंगे भारत में तैयार

डिफेंस मिनिस्ट्री की छठी पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट में 405 रणनीतिक रूप से जरूरी आइटम शामिल किए गए हैं। इनकी अनुमानित बिजनेस क्षमता 3,070 करोड़ रुपये है। इस लिस्ट में लाइन रिप्लेसेबल यूनिट्स, सब सिस्टम्स, सब असेंबली, स्पेयर पार्ट्स, कंपोनेंट्स और रॉ मटेरियल शामिल हैं।

इसमें इंडियन कोस्ट गार्ड आईसीजी के 16 आइटम और डिफेंस पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स डीपीएसयू के 389 आइटम शामिल हैं। सफल घरेलू विकास के बाद इन सभी आइटम की खरीद भारतीय इंडस्ट्री से की जाएगी।

एचएएल बीडीएल और बीईएल को मिल सकता है फायदा

इस लिस्ट में कई बड़े डिफेंस प्लेटफॉर्म और सिस्टम शामिल हैं। एचएएल के डिफेंस पोर्टफोलियो में एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर एएलएच लाइट यूटिलिटी हेलिकॉप्टर एलयूएच सुखोई एसयू 30 एमकेआई लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट और एएल 31 एफपी इंजन शामिल हैं।

वहीं भारत डायनेमिक्स लिमिटेड बीडीएल से जुड़े कॉन्कर्स एम इनवार और एमआरएसएएम जैसे मिसाइल सिस्टम भी इस लिस्ट का हिस्सा हैं। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड बीईएल टी 72 टी 90 और बीएमपी टू जैसे आर्मर्ड व्हीकल्स के लिए जरूरी इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम थर्मल इमेजर्स और फायर कंट्रोल सिस्टम सप्लाई करती है।

डिफेंस सिस्टम से लेकर हथियारों तक शामिल

पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट में एयर प्लेटफॉर्म के अलावा आर्मर्ड प्लेटफॉर्म वारशिप मिसाइल सिस्टम और डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स को शामिल किया गया है।

इसमें रडार सोनार फायर कंट्रोल सिस्टम सैटेलाइट कम्युनिकेशन सिस्टम हाई एक्सप्लोसिव एंटी टैंक एम्युनिशन और अन्य जरूरी डिफेंस इक्विपमेंट शामिल हैं। इनका निर्माण भारत में होने से घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ेगी।

एमएसएमई और स्टार्टअप को भी मिलेगा मौका

डीपीएसयू और इंडियन कोस्ट गार्ड इन आइटम के इंडिजेनाइजेशन के लिए मेक प्रोसीजर और इन हाउस डेवलपमेंट जैसे रास्तों का इस्तेमाल करेंगे। इसमें खास तौर पर एमएसएमई और स्टार्टअप कंपनियों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।

सरकार का लक्ष्य सिर्फ बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाना नहीं है बल्कि पूरे डिफेंस सप्लाई चेन को मजबूत बनाना है। इससे नई कंपनियों को रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में आगे बढ़ने का मौका मिलेगा।

श्रीजन पोर्टल से तेज हुई आत्मनिर्भरता की कोशिश

डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस प्रोडक्शन डीडीपी ने अगस्त 2020 में श्रीजन डिफेंस पोर्टल शुरू किया था। इस प्लेटफॉर्म के जरिए डीपीएसयू और सर्विस हेडक्वार्टर ऐसे डिफेंस इक्विपमेंट की पहचान करते हैं जिन्हें भारत में बनाया जा सकता है।

जून 2026 तक इस पोर्टल के जरिए 33,000 से ज्यादा डिफेंस आइटम को इंडिजेनाइजेशन के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसमें पहली पांच पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट के 5,012 आइटम भी शामिल हैं।

15,700 से ज्यादा आइटम भारत में बने

सरकार की इंडिजेनाइजेशन मुहिम से अब तक बड़े नतीजे सामने आए हैं। पिछले पांच साल में 15,700 से ज्यादा डिफेंस आइटम सफलतापूर्वक भारत में तैयार किए गए हैं। इससे करीब 9,000 करोड़ रुपये के आयात को कम करने में मदद मिली है।

इसके अलावा मार्च 2026 तक डीपीएसयू ने घरेलू कंपनियों से करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोक्योरमेंट ऑर्डर दिए हैं। इसमें इन हाउस प्रोडक्शन से जुड़े ऑर्डर भी शामिल हैं।

डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग को मजबूत करने की तैयारी

सरकार लगातार डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता बढ़ाने पर काम कर रही है। नई पॉजिटिव इंडिजेनाइजेशन लिस्ट इसी रणनीति का हिस्सा है।इस पहल से घरेलू डिफेंस कंपनियों को नए बिजनेस अवसर मिलेंगे और भारत का डिफेंस इंडस्ट्रियल बेस और मजबूत होगा।

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