सरकार का बड़ा एक्शन! चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से लगी रोक - ग्लोबल मार्केट में मची हलचल
डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने बीते 13 मई 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी कर चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार का यह कदम देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और चीनी की कीमतों को काबू में रखने की कोशिश माना जा रहा है।

Sugar Export Ban: भारत सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की किल्लत और बढ़ती महंगाई को थामने के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन आने वाले डायरेक्टरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने बीते 13 मई 2026 को एक नोटिफिकेशन जारी कर चीनी के निर्यात पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। सरकार का यह कदम देश में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और चीनी की कीमतों को काबू में रखने की कोशिश माना जा रहा है। इस पाबंदी के दायरे में कच्ची चीनी (Raw Sugar), सफेद चीनी और रिफाइंड चीनी, सभी को रखा गया है।
निर्यात के लिए खुले रहेंगे कुछ रास्ते
भले ही आम कारोबारियों के लिए एक्सपोर्ट बंद कर दिया गया है, लेकिन सरकार ने कुछ रणनीतिक और विशेष स्थितियों में ढील दी है। यूरोपीय यूनियन (EU) और अमेरिका को किए जाने वाले तय कोटा निर्यात जारी रहेंगे। साथ ही, अगर कोई मित्र देश अपनी खाद्य सुरक्षा के लिए भारत से मदद मांगता है, तो सरकार-से-सरकार (G2G) स्तर पर निर्यात की अनुमति दी जा सकती है।
इसके अलावा, जो शिपमेंट नोटिफिकेशन जारी होने से पहले ही बंदरगाह पर पहुंच चुके थे या जिनकी लोडिंग शुरू हो गई थी, उन्हें भी जरूरी दस्तावेजों की जांच के बाद जाने की इजाजत मिलेगी।
महंगाई पर लगाम और ग्लोबल प्रभाव
भारत दुनिया के सबसे बड़े चीनी उत्पादकों में से एक है, इसलिए इस फैसले की गूंज अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सुनाई देगी। भारतीय सप्लाई रुकने से ग्लोबल स्तर पर चीनी की कीमतों में उछाल आ सकता है।
देश के अंदर, सरकार का मकसद त्योहारों के सीजन से पहले पर्याप्त स्टॉक जमा करना है ताकि आम आदमी को सस्ती चीनी मिल सके। DGFT ने स्पष्ट किया है कि यह पाबंदी फिलहाल 30 सितंबर 2026 तक प्रभावी रह सकती है, जिसके बाद स्थिति की समीक्षा की जाएगी।