UAE में प्रॉपर्टी रखने वालों पर इनकम टैक्स विभाग की नजर! विदेश में छिपाई संपत्ति तो 31 दिसंबर तक करें खुलासा
UAE में प्रॉपर्टी खरीदने वाले भारतीयों पर इनकम टैक्स विभाग की नजर है। विदेश में अघोषित संपत्ति रखने वाले कुछ टैक्सपेयर्स से विभाग ने संपर्क करना शुरू कर दिया है। सरकार ने ऐसी संपत्तियों का खुलासा करने के लिए खास स्कीम शुरू की है। जानिए किसे मिलेगा फायदा और क्या हैं नियम।

In Short
- UAE में अघोषित प्रॉपर्टी रखने वाले टैक्सपेयर्स से इनकम टैक्स विभाग ने संपर्क शुरू किया।
- FAST-DS स्कीम के तहत विदेशी संपत्ति की मार्केट वैल्यू पर 30% टैक्स और उतनी ही पेनल्टी देनी होगी।
- स्कीम की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है, अब तक करीब 1,100 टैक्सपेयर्स आवेदन कर चुके हैं।
UAE Property Tax: अगर आपने विदेश में प्रॉपर्टी खरीदी है और उसकी जानकारी इनकम टैक्स विभाग को नहीं दी है, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। सरकार विदेशों में मौजूद ऐसी संपत्तियों का पता लगाने में जुटी है, जिनकी जानकारी टैक्स रिटर्न में नहीं दी गई है। इसके लिए एक खास स्कीम भी शुरू की गई है। आइए जानते हैं कि विभाग किन लोगों से संपर्क कर रहा है, कितनी रकम चुकानी होगी और खुलासा करने की आखिरी तारीख क्या है।
UAE में प्रॉपर्टी रखने वालों से संपर्क कर रहा विभाग
बिजनेस टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, इनकम टैक्स विभाग ने UAE में रेजिडेंशियल और कमर्शियल प्रॉपर्टी में निवेश करने वाले कुछ टैक्सपेयर्स से संपर्क करना शुरू किया है। ये ऐसे लोग हैं, जिनके पास विदेश में अघोषित संपत्ति होने का शक है।
23 अक्टूबर 2026 को हुई एक हाई-लेवल मीटिंग में फैसला लिया गया कि विभाग के पास मौजूद जानकारी जरूरत के मुताबिक संबंधित टैक्सपेयर्स के साथ शेयर की जा सकती है, ताकि वे सरकार की नई स्कीम का फायदा उठा सकें।
PAN से देख सकेंगे विदेश में मौजूद संपत्ति की जानकारी
इनकम टैक्स विभाग ने अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर एक नई सुविधा शुरू की है। इसके जरिए टैक्सपेयर्स अपने PAN से जुड़ी विदेशी संपत्तियों की जानकारी देख और डाउनलोड कर सकते हैं।
यह डेटा दूसरे देशों से ऑटोमैटिक एक्सचेंज ऑफ इंफॉर्मेशन (AEOI) के तहत मिला है। इसमें CRS और FATCA के जरिए मिली 2022 से 2024 तक की जानकारी उपलब्ध है।हालांकि, पोर्टल पर सभी जानकारियां नहीं दिखाई गई हैं। दूसरे अंतरराष्ट्रीय समझौतों और इंटेलिजेंस सोर्स से मिली जानकारी भी विभाग के पास मौजूद है।
कितनी देनी होगी टैक्स और पेनल्टी?
सरकार ने फॉरेन एसेट्स ऑफ स्मॉल टैक्सपेयर्स डिस्क्लोजर स्कीम 2026 (FAST-DS) शुरू की है।इसके तहत पात्र टैक्सपेयर्स विदेशी संपत्ति की फेयर मार्केट वैल्यू पर 30% टैक्स और इतनी ही रकम पेनल्टी के तौर पर देकर उसका खुलासा कर सकते हैं।
यह स्कीम पूरी तरह ऑनलाइन है और इसमें टैक्सपेयर्स खुद अपनी संपत्ति की जानकारी दे सकते हैं। वैध डिक्लेरेशन करने पर ब्लैक मनी एक्ट 2015 के तहत आगे की असेसमेंट, पेनल्टी और कानूनी कार्रवाई से राहत मिलेगी।
₹1 लाख देकर भी मिल सकती है राहत
इस स्कीम में ऐसी विदेशी संपत्ति और इनकम का खुलासा करने का भी विकल्प है, जिसका हिसाब पहले से मौजूद है। इसके लिए ₹1 लाख की फीस देनी होगी।इससे ब्लैक मनी एक्ट के तहत हर साल लगने वाली ₹10 लाख की पेनल्टी से बचा जा सकता है।
अब तक 1,100 आवेदन, 31 दिसंबर आखिरी तारीख
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज (CBDT) कंपनियों, शिक्षण संस्थानों, प्रोफेशनल बॉडीज और इंडस्ट्री एसोसिएशंस के जरिए लोगों को स्कीम की जानकारी देगा।
टैक्सपेयर्स के सवालों का जवाब देने के लिए रीजनल कमेटियां भी बनाई गई हैं।अब तक करीब 1,100 टैक्सपेयर्स आवेदन कर चुके हैं। FAST-DS स्कीम में आवेदन करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर 2026 है।