न वीकेंड एग्जाम की टेंशन, न CGPA का दबाव! IIT दिल्ली ने छात्रों के लिए बदले कई नियम
IIT दिल्ली ने छात्रों पर पढ़ाई के दबाव को कम करने के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। CGPA नियमों में राहत से लेकर 24x7 मेंटल हेल्थ सपोर्ट, छोटी क्लास और कमजोर छात्रों के लिए ट्यूशन जैसी सुविधाएं शुरू की गई हैं। जानिए संस्थान ने क्या-क्या बदला है।

In Short
- IIT दिल्ली ने B.Tech डिग्री के लिए न्यूनतम CGPA की अनिवार्यता खत्म की, छात्रों को पढ़ाई के दबाव से राहत मिलेगी।
- छात्रों के लिए AIIMS और VIMHANS विशेषज्ञों के साथ 24x7 मेंटल हेल्थ सपोर्ट और इलाज का खर्च उठाने की व्यवस्था की गई।
- फर्स्ट ईयर क्रेडिट लोड कम करने, छोटी क्लास और कमजोर छात्रों के लिए स्पेशल ट्यूशन जैसे बदलाव किए गए।
IIT बॉम्बे में छात्र खुदकुशी विवाद और कैंपस में बढ़ते मानसिक तनाव के बीच IIT दिल्ली ने छात्रों के लिए कई बड़े बदलाव किए हैं। संस्थान ने पढ़ाई के दबाव को कम करने, मानसिक स्वास्थ्य सहायता बढ़ाने और छात्रों के लिए बेहतर माहौल बनाने के लिए अपनी व्यवस्था में बदलाव किया है। IIT दिल्ली का कहना है कि छात्रों का कल्याण उसकी सबसे पहली प्राथमिकता है।
B.Tech छात्रों के लिए CGPA की शर्त खत्म
IIT दिल्ली ने B.Tech डिग्री के लिए न्यूनतम CGPA की अनिवार्यता खत्म कर दी है। यह बदलाव शैक्षणिक सत्र 2024-25 से लागू किया गया है। इससे उन छात्रों को राहत मिलेगी, जो कम CGPA के डर से मानसिक दबाव महसूस करते थे।
इसके अलावा साल 2025 में लागू किए गए नए करिकुलम के तहत फर्स्ट सेमेस्टर का क्रेडिट लोड भी कम किया गया है। इससे नए छात्रों पर पढ़ाई का बोझ कम होगा।
छोटी क्लास और वीकेंड एग्जाम से राहत
IIT दिल्ली ने फर्स्ट ईयर के डिपार्टमेंटल क्लास की संख्या को भी सीमित किया है। अब क्लास साइज 30 से 60 छात्रों के बीच रखा गया है, ताकि प्रोफेसर हर छात्र पर बेहतर ध्यान दे सकें।
संस्थान शनिवार और रविवार को होने वाले टेस्ट और परीक्षाओं को भी कम करने की कोशिश कर रहा है। इसके अलावा नए करिकुलम में लाइफ-स्किल से जुड़े कोर्स भी शामिल किए गए हैं, जिससे छात्रों को पढ़ाई के साथ जीवन से जुड़ी जरूरी चीजें सीखने में मदद मिलेगी।
AIIMS और VIMHANS के विशेषज्ञ देंगे मानसिक स्वास्थ्य सहायता
मेंटल हेल्थ सपोर्ट को मजबूत करने के लिए IIT दिल्ली ने 24x7 काउंसलिंग और साइकियाट्रिस्ट सपोर्ट की व्यवस्था की है। इसमें AIIMS और VIMHANS के विशेषज्ञ भी शामिल हैं।
अगर कोई छात्र कैंपस के बाहर से मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा इलाज या सहायता लेता है, तो उसका पूरा खर्च IIT दिल्ली उठाएगा। इसके अलावा आपात स्थिति से निपटने के लिए इमरजेंसी रिस्पांस प्रोटोकॉल और अकेडमिक यूनिट वेलनेस कमेटियां बनाई गई हैं।
कमजोर छात्रों के लिए शाम की स्पेशल ट्यूशन
पढ़ाई में पीछे रह रहे छात्रों की मदद के लिए IIT दिल्ली ने ‘अकेडमिक प्रोग्रेस ग्रुप’ को और मजबूत किया है। यह ग्रुप साल 2023 से काम कर रहा है और छात्रों को शाम के समय स्पेशल ट्यूशन देने के साथ बैकलॉग पूरा करने में मदद करता है।
नए छात्रों की सहायता के लिए शुरू किया गया ‘UG बडी प्रोग्राम’ अब साल 2025 से PG और इंटरनेशनल स्टूडेंट्स तक भी बढ़ा दिया गया है। वहीं, योग और मेडिटेशन को भी वेलनेस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
भेदभाव रोकने के लिए सख्त गाइडलाइन
IIT दिल्ली ने कैंपस में जाति, लिंग, भाषा या क्षेत्रीयता के आधार पर होने वाले भेदभाव को रोकने के लिए सख्त नियम बनाए हैं। छात्र अपनी शिकायतें सेंट्रलाइज्ड ERP पोर्टल पर गोपनीय तरीके से दर्ज करा सकते हैं।
साल 2022 में बनाए गए ‘ऑफिस ऑफ डाइवर्सिटी एंड इंक्लूजन’ के जरिए दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाएं और भेदभाव विरोधी कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं।
IIT दिल्ली का कहना है कि संस्थान में पढ़ाई के दौरान किसी भी छात्र को अकेलापन या मानसिक तनाव न झेलना पड़े, इसके लिए आगे भी जरूरी कदम उठाए जाते रहेंगे।