Iceland से Bhutan तक, इन 10 देशों में प्रति व्यक्ति सबसे ज्यादा फ्रेशवॉटर; देखें पूरी रैंकिंग
दुनिया में पानी की कमी बड़ी चिंता बन रही है, लेकिन कुछ देश फ्रेशवॉटर के मामले में बेहद खास हैं। बारिश, ग्लेशियर, जंगल और कम आबादी ने इन्हें इस लिस्ट में आगे पहुंचाया है। जानिए कौन से देश टॉप 10 में हैं और भारत के पड़ोसी भूटान की रैंक क्या है।

In Short
- आइसलैंड प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर के मामले में दुनिया में पहले नंबर पर है।
- भूटान, कनाडा और नॉर्वे भी दुनिया के टॉप वॉटर-रिच देशों में शामिल हैं।
- ज्यादा बारिश, ग्लेशियर, जंगल और कम आबादी इन देशों की रैंकिंग में बड़ी वजह हैं।
दुनिया के कई देश पानी की कमी, सूखे और घटते जल स्रोतों की परेशानी से जूझ रहे हैं, लेकिन कुछ देश ऐसे भी हैं जहां आबादी के मुकाबले फ्रेशवॉटर की उपलब्धता बेहद ज्यादा है। विजुअल कैपिटलिस्ट की रैंकिंग बताती है कि बारिश, ग्लेशियर, नदियां, जंगल और कम आबादी इसमें बड़ी भूमिका निभाते हैं। हालांकि ज्यादा फ्रेशवॉटर होने का मतलब यह नहीं कि हर व्यक्ति तक साफ पीने का पानी आसानी से पहुंचता ही हो। आइए जानते हैं इस लिस्ट में कौन से 10 देश शामिल हैं और उनके पास प्रति व्यक्ति कितना फ्रेशवॉटर है।
1. Iceland सबसे आगे
आइसलैंड इस रैंकिंग में पहले नंबर पर है। यहां प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 15,715,042 है। ग्लेशियर, भरपूर बारिश, नदियां और कम आबादी इसकी बड़ी वजह हैं।
2. Guyana दूसरे नंबर पर
गुयाना में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 10,357,802 है। बड़े रेनफॉरेस्ट, भारी बारिश और कम पॉपुलेशन डेंसिटी की वजह से यहां पानी की उपलब्धता काफी ज्यादा है।
3. Suriname को जंगलों का फायदा
सूरीनाम तीसरे नंबर पर है और यहां प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 5,611,506 है। देश का 90% से ज्यादा हिस्सा ट्रॉपिकल फॉरेस्ट से ढका है। ज्यादा बारिश और कम आबादी भी इसे फायदा देती है।
4. Bhutan भी टॉप देशों में
भूटान में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 3,527,939 है। हिमालयी क्षेत्र में होने की वजह से इसे ग्लेशियर, स्नोमेल्ट और पहाड़ों से निकलने वाली नदियों का फायदा मिलता है। यहां बड़े फॉरेस्ट एरिया भी वॉटर सिस्टम को बनाए रखने में मदद करते हैं।
5. Papua New Guinea पांचवें नंबर पर
पापुआ न्यू गिनी में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 2,772,204 है। ट्रॉपिकल क्लाइमेट, भारी बारिश और बड़े रिवर सिस्टम की वजह से यहां पानी के स्रोत भरपूर हैं।
6. Canada के पास विशाल जल स्रोत
कनाडा में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 2,585,036 है। देश में बड़ी झीलें, नदियां, ग्लेशियर और ग्राउंडवॉटर मौजूद हैं। विशाल लैंड एरिया और कम पॉपुलेशन डेंसिटी इसे छठा स्थान दिलाती है।
7. Norway भी पानी से भरपूर
नॉर्वे में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 2,472,029 है। पहाड़ी इलाका, ग्लेशियर, झीलें, नदियां और ज्यादा बारिश इसे दुनिया के सबसे वॉटर-रिच देशों में शामिल करती हैं।
8. Gabon को रेनफॉरेस्ट का सहारा
गैबॉन में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 2,383,742 है। ट्रॉपिकल क्लाइमेट, बड़े रेनफॉरेस्ट और कम आबादी इसकी प्रति व्यक्ति पानी की उपलब्धता बढ़ाते हैं।
9 .New Zealand नौवें स्थान पर
न्यूजीलैंड में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 2,270,735 है। भरपूर बारिश, कई नदियां और झीलें, बर्फ से मिलने वाला पानी और कम पॉपुलेशन डेंसिटी इसकी बड़ी ताकत हैं।
10. Solomon Islands ने भी बनाई जगह
सोलोमन आइलैंड्स में प्रति व्यक्ति फ्रेशवॉटर 2,020,001 है। ट्रॉपिकल क्लाइमेट, ज्यादा बारिश और कम आबादी की वजह से यह टॉप 10 में शामिल है।
आखिर इन देशों के पास इतना पानी क्यों?
रैंकिंग में एक साफ पैटर्न दिखता है। टॉप देशों में ज्यादातर के पास ज्यादा बारिश, जंगल, ग्लेशियर, पहाड़ या बड़े रिवर सिस्टम हैं। इसके साथ कम आबादी भी अहम है। किसी देश के पास कुल पानी ज्यादा हो और आबादी कम हो, तो प्रति व्यक्ति उपलब्ध फ्रेशवॉटर का आंकड़ा काफी बढ़ जाता है।