हैदराबाद में नकली घी का बड़ा नेटवर्क बेनकाब, 25.5 टन मिलावटी घी समेत पाम ऑयल और वनस्पति जब्त
हैदराबाद में नकली घी बनाने वाले बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 25.5 टन मिलावटी घी समेत भारी मात्रा में पाम ऑयल, वनस्पति और अन्य सामग्री जब्त की है। जांच में सामने आया कि सस्ते तेल और कृत्रिम फ्लेवर से तैयार उत्पादों को शुद्ध घी बताकर बेचा जा रहा था।

In Short
- हैदराबाद पुलिस ने 130 ठिकानों पर कार्रवाई कर 36 टन मिलावटी घी और कच्चा माल जब्त किया।
- नकली घी में पाम ऑयल वनस्पति स्टार्च और कृत्रिम फ्लेवर मिलाने का आरोप।
- पुलिस ने लोगों से लाइसेंस वाले विक्रेताओं से ही घी खरीदने की अपील की।
हैदराबाद में नकली घी बनाने और बेचने वाले एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में मिलावटी घी और उसे बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की है। आरोप है कि सस्ते तेल और दूसरे केमिकल मिलाकर तैयार किए गए इस उत्पाद को शुद्ध घी बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। इस पूरे मामले में पुलिस ने कई जगहों पर जांच की और मिलावट के तरीके से लेकर सप्लाई नेटवर्क तक की जानकारी जुटाई।
130 ठिकानों पर छापेमारी, 36 टन सामान जब्त
हैदराबाद सिटी पुलिस ने बताया कि मंगलवार को की गई कार्रवाई में 36 टन मिलावटी घी और कच्चा माल जब्त किया गया। यह अभियान हैदराबाद फूड एडल्ट्रेशन सर्विलांस टीम (एच-फास्ट) और फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट ने मिलकर चलाया। पुलिस ने 39 मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और 91 घी बेचने वाले आउटलेट की जांच की।
ऐसे तैयार किया जा रहा था नकली घी
पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार के मुताबिक नकली घी बनाने के लिए दो तरीके अपनाए जा रहे थे। पहले तरीके में दूध या मिल्क फैट का इस्तेमाल बिल्कुल नहीं किया जाता था। इसमें पाम ऑयल, वनस्पति और आर्टिफिशियल घी फ्लेवर मिलाकर घी जैसा स्वाद और खुशबू तैयार की जाती थी।
दूसरे तरीके में स्किम्ड मिल्क पाउडर, पाम ऑयल, वनस्पति, स्टार्च और आर्टिफिशियल फ्लेवर मिलाकर ऐसा उत्पाद बनाया जाता था जिसमें मिल्क फैट नहीं होता था। पुलिस के अनुसार असली घी में करीब 95.5 प्रतिशत मिल्क फैट होता है।
सस्ते दाम में बिक रहा था नकली घी
पुलिस ने बताया कि असली घी बनाने में करीब 30 से 35 लीटर दूध की जरूरत होती है। प्रोसेसिंग, पैकिंग और दूसरे खर्च जोड़ने के बाद एक लीटर घी की कीमत 1500 रुपये से ज्यादा हो सकती है। वहीं मिलावटी घी को बाजार में 600 से 700 रुपये प्रति लीटर तक बेचा जा रहा था।
जब्त सामान में घी से लेकर पाम ऑयल तक शामिल
जांच के दौरान पुलिस ने 25.5 टन मिलावटी घी, 8.7 टन क्रीम, 1200 लीटर पाम ऑयल, 600 लीटर वनस्पति, 30 किलो स्टार्च और आर्टिफिशियल घी फ्लेवर की 6 बोतलें जब्त कीं। फूड सेफ्टी अधिकारियों ने सैंपल लेकर लैब जांच के लिए भेजे हैं।
कई जगहों तक पहुंच रहा था सप्लाई नेटवर्क
पुलिस के अनुसार इस नेटवर्क का कनेक्शन कई राज्यों से जुड़ा था। क्रीम महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु से मंगाई जा रही थी। इसके बाद तैयार उत्पाद तेलंगाना और आसपास के राज्यों में सप्लाई किया जा रहा था।
पैकेट पर लिखे थे बड़े दावे
पुलिस ने बताया कि कई उत्पादों को 100 प्रतिशत प्योर घी, प्रीमियम घी, फार्म फ्रेश घी और नेचुरल घी जैसे नामों से बेचा जा रहा था। कई पैकेट में बैच नंबर, एफएसएसएआई लाइसेंस, मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जैसी जरूरी जानकारी भी नहीं थी।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
पुलिस ने कहा कि पाम ऑयल, पाम कर्नल ऑयल, पामोलिन और आर्टिफिशियल फ्लेवर जैसी चीजों का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। इससे कोलेस्ट्रॉल, हार्ट डिजीज और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि घी और डेयरी प्रोडक्ट हमेशा भरोसेमंद और लाइसेंस वाले विक्रेताओं से ही खरीदें।