ये दिल का मामला है, हल्कें में ना लें। हार्ट-अटैक के लक्षणों को कैसे पहचानें और डॉक्टर से लें सलाह
दिल का दौरा हमेशा सीने में तेज दर्द से शुरू नहीं होता। यहां आपको उन लक्षणों के बारे में सब कुछ जानना चाहिए जिन्हें डॉक्टर कभी भी नजरअंदाज नहीं करने की सलाह देते हैं।

In Short
- ये दिल का मामला है, इग्नोर ना करें!
- हार्ट के आसपास की तकलीफ को गैस ना समझें
- दिल के दौरे के लक्षणों को कैसे पहचानें?
- महिलाओं में अलग हो सकते हैं हार्ट अटैक लक्षण, जानिए जरूरी
भारतीय निशानेबाज और कोच जसपाल राणा की मौत के बाद हार्ट अटैक के शुरुआती लक्षणों पर फिर से चर्चा तेज हो गई है। डॉक्टरों के अनुसार कई बार लोग दिल की तकलीफ को एसिडिटी और गैस या सामान्य थकान समझ लेते हैं, जिससे इलाज में देर हो जाती है।
सीने में दबाव सबसे बड़ा संकेत
हृदय रोग विशेषज्ञों के अनुसार, हार्ट अटैक का सबसे आम लक्षण सीने के बीचोंबीच दबाव, भारीपन, जकड़न, जलन या सिकुड़न जैसा महसूस होना है। यह दर्द तेज भी हो सकता है और हल्का भी, और कभी-कभी कुछ मिनटों के लिए आता-जाता रहता है। डॉक्टर बताते हैं कि यह दर्द सिर्फ सीने तक सीमित नहीं रहता। यह कंधे, हाथ, गर्दन, जबड़े, पीठ और गले तक भी फैल सकता है।
सांस फूलना और पसीना भी खतरे के संकेत
हार्ट अटैक के दौरान कई लोगों को सांस लेने में दिक्कत, ठंडा पसीना, बैचेनी, चक्कर और अचानक थकान जैसी समस्या भी होती है। ये लक्षण अक्सर सामान्य बीमारी समझकर नजरअंदाज कर दिए जाते हैं।
महिलाओं और डायबिटीज मरीजों में अलग लक्षण
डॉक्टरों के मुताबिक महिलाओं, बुजुर्गों और डायबिटीज मरीजों में हार्ट अटैक के लक्षण अलग हो सकते हैं। इनमें असामान्य थकान, कमजोरी, सांस फूलना, बैचेनी या जबड़े और पीठ में दर्द शामिल हो सकता है। इसी वजह से कई बार सही समय पर इलाज नहीं मिल पाता।
क्यों होता है हार्ट अटैक?
विशेषज्ञों का कहना है कि हार्ट अटैक तब होता है जब दिल की धमनियों में कोलेस्ट्रॉल जमकर ब्लॉकेज बना देता है। इससे दिल तक खून और ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती और समय पर इलाज न मिले तो दिल को नुकसान हो सकता है।
किन लोगों को ज्यादा खतरा है?
डॉक्टरों के अनुसार इन बातों का रखे ध्यान- ये खतरें के संकेत हैं।
परिवार में हार्ट रोग का इतिहास
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर
ज्यादा कोलेस्ट्रॉल
धूम्रपान
मोटापा और कम शारीरिक गतिविधि
समय पर इलाज क्यों जरूरी है?
डॉक्टरों का साफ कहना है—“समय ही जीवन है”। दिल का मामला है हल्के में ना लें। अगर लक्षणों को जल्दी पहचान लिया जाए और तुरंत इलाज मिले, तो दिल को होने वाले नुकसान को काफी हद तक रोका जा सकता है।