एक मोबाइल ऐप ने मचा दिया हड़कंप! जानिए Bluetooth से कैसे बंद होने लगे ई-रिक्शा

सड़क पर चलती ई-रिक्शा अचानक रुक जाए और ड्राइवर को वजह भी समझ न आए, तो परेशानी कितनी बढ़ सकती है? हाल ही में वायरल वीडियो ने यही सवाल खड़ा कर दिया है। आखिर ई-रिक्शा बीच सड़क पर कैसे बंद हो रहे थे और इस पूरे मामले में मोबाइल ऐप का क्या कनेक्शन है, पढ़ें पूरी खबर।

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By BT बाज़ार डेस्क:

e-Rickshaw Battery Hack: सोचिए, एक ई-रिक्शा ड्राइवर रोज की तरह सड़क पर सवारी लेकर जा रहा है। रास्ता ठीक है, बैटरी भी लगी हुई है, लेकिन अचानक गाड़ी बीच सड़क पर बंद हो जाती है। ड्राइवर को समझ नहीं आता कि गलती कहां है। यात्री परेशान, पीछे ट्रैफिक और ड्राइवर की दिनभर की कमाई खतरे में।

इंडिया टुडे के पत्रकार विजयेश तिवारी और आकाश शर्मा ने अपनी डिटेल रिपोर्ट में इस पूरे मैकेनिज्म को समझाया है आखिर किसी एक ऐप से सिर्फ Bluetooth के जरिए चलती हुई ई-रिक्शा कैसे बंद हो रही है?

दरअसल, पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया पर ऐसे ही कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें चलते हुए e-rickshaw अचानक बंद होते दिखे। शुरुआत में कई लोगों ने इन वीडियो को मजाक की तरह देखा, लेकिन जिन ड्राइवर्स की गाड़ी बार-बार बीच रास्ते रुक रही थी, उनके लिए यह बड़ी परेशानी बन गई।

आखिर कैसे बंद हो रहे थे e-rickshaw?

मामला ई-रिक्शा में लगी लिथियम बैटरी और उसके बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम यानी BMS से जुड़ा था। कई बैटरियों में ब्लूटूथ लो एनर्जी यानी BLE मॉड्यूल होता है। इसके जरिए मोबाइल ऐप से बैटरी परसेंटेज, वोल्टेज, टेंपरेचर और बैटरी हेल्थ जैसी जानकारी देखी जा सकती है।

समस्या तब सामने आई जब BAT-BMS नाम के मोबाइल ऐप के जरिए कुछ लोग आसपास मौजूद ई-रिक्शा बैटरियों से कनेक्ट कर पा रहे थे। यह ऐप चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology Co., Ltd. ने बनाया है।

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कमजोर एक्सेस कंट्रोल की वजह से कुछ यूजर्स को बैटरी के डिस्चार्ज सर्किट को बंद करने जैसा कंट्रोल मिल गया। जब यह सर्किट बंद होता है, तो मोटर कंट्रोलर को पावर मिलना बंद हो जाती है और ई-रिक्शा रुक जाता है।

ड्राइवरों को नहीं थी जानकारी

India Today की OSINT टीम ने इस पूरे मामले को समझने की कोशिश की और कई ई-रिक्शा ड्राइवरों से बात की। सामने आया कि ज्यादातर ड्राइवरों को BMS में मौजूद पासवर्ड प्रोटेक्शन सिस्टम की जानकारी ही नहीं थी। कई ड्राइवरों ने कहा कि सेलर्स ने उन्हें इन फीचर्स के बारे में कभी नहीं बताया।

ड्राइवरों की कमाई पर असर

एक ड्राइवर ने बताया कि उसकी e-rickshaw एक दिन में सात-आठ बार बंद हुई। उन्हें समझ नहीं आ रहा था कि क्या हो रहा है। दूसरे ड्राइवर ने कहा कि कस्टमर पैसे देने से मना कर रहे थे, क्योंकि वे डेस्टिनेशन तक नहीं पहुंच पाए।

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कुछ ड्राइवर  ने कहा कि यह दिक्कत मुख्य रूप से ड्राई बैटरी वालों में दिखी, जबकि वेट बैटरी वाले इससे बचे रहे।

ऐप अपडेट के बाद कम हुई समस्या

एक बड़े ई-रिक्शा बैटरी मैन्युफैक्चरर ने इंडिया टुडे से बातचीत में बताया कि पुराने BMS सिस्टम में पासवर्ड प्रोटेक्शन नहीं था। यानी ऐसे सिस्टम आसपास मौजूद डिवाइस से आसानी से कनेक्ट हो सकते थे। कंपनी का कहना है कि अब नए और अपडेटेड वर्जन में पासवर्ड प्रोटेक्शन दिया गया है, ताकि बिना अनुमति कोई भी बैटरी सिस्टम से कनेक्ट न हो सके। गूगल प्ले स्टोर के मुताबिक ऐप को 1 जुलाई को अपडेट कर दिया गया है।

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