Gen Z का बदला खरीदारी का तरीका, ब्रांड और ट्रेंड से ज्यादा खुद की रिसर्च पर भरोसा
Gen Z का खरीदारी करने का तरीका तेजी से बदल रहा है। अब युवा सिर्फ ट्रेंड या विज्ञापन से प्रभावित नहीं होते, बल्कि प्रोडक्ट की क्वालिटी, कीमत और खुद की रिसर्च को ज्यादा महत्व देते हैं। AI की मदद लेने के बावजूद वे अंतिम फैसला अपने हाथ में रखना पसंद करते हैं।

In Short
- Gen Z अब सिर्फ ट्रेंड या विज्ञापन देखकर खरीदारी नहीं करती, बल्कि प्रोडक्ट की क्वालिटी, कीमत और ब्रांड की विश्वसनीयता को प्राथमिकता देती है।
- स्टडी के मुताबिक, 82 फीसदी Gen Z कंज्यूमर्स ब्रांड्स से ईमानदारी और ट्रांसपेरेंसी की उम्मीद रखते हैं।
- फेस्टिव सीजन में 60 फीसदी Gen Z ज्यादा खर्च करती है, जबकि 74 फीसदी लोग गिफ्टिंग में परिवार को प्राथमिकता देते हैं।
आज के समय में युवा सिर्फ किसी ट्रेंड या विज्ञापन को देखकर खरीदारी नहीं करते हैं। प्रोडक्ट की क्वालिटी, कीमत, ब्रांड पर भरोसा और खुद जानकारी जुटाना उनके खरीदारी के फैसलों का अहम हिस्सा बन गया है। खासकर Gen Z के कंज्यूमर बिहेवियर में यह बदलाव साफ नजर आ रहा है।
रुकम कैपिटल की नई स्टडी के अनुसार, Gen Z खरीदारी में टेक्नोलॉजी और AI का इस्तेमाल तो कर रही है, लेकिन अंतिम फैसला खुद लेना चाहती है।
क्वालिटी और कीमत सबसे बड़े फैक्टर
‘Gen Z: अ डीप डाइव इंटू इंडियाज़ मोस्ट इन्फ्लुएंशियल कंज्यूमर कोहोर्ट’ नाम की स्टडी के मुताबिक, 82 फीसदी Gen Z कंज्यूमर्स ब्रांड्स से ईमानदारी और ट्रांसपेरेंसी की उम्मीद रखते हैं।
वहीं, 51 फीसदी युवाओं के लिए खरीदारी में क्वालिटी सबसे बड़ा फैक्टर है, जबकि 49 फीसदी के लिए कीमत सबसे ज्यादा मायने रखती है।
त्योहारी सीजन में भी Gen Z का खर्च बढ़ता है। स्टडी में 60 फीसदी लोगों ने बताया कि वे फेस्टिव सीजन के दौरान ज्यादा खर्च करते हैं। गिफ्टिंग के मामले में परिवार सबसे आगे है और 74 फीसदी लोगों की पसंद में माता-पिता और परिवार शामिल हैं।
AI से मदद लेते हैं, लेकिन कंट्रोल खुद रखते हैं
AI अब Gen Z की शॉपिंग जर्नी का हिस्सा बन रहा है। करीब 10 में से 6 Gen Z कंज्यूमर्स प्रोडक्ट रिसर्च के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं।
AI का इस्तेमाल मुख्य रूप से प्रोडक्ट्स की तुलना करने, विकल्पों को समझने और कीमतों की जानकारी लेने के लिए किया जाता है। हालांकि, 70 फीसदी लोग AI की सिफारिशों को लेकर सहज हैं, लेकिन सिर्फ 49 फीसदी लोग AI को अपनी मंजूरी के बिना फैसला लेने देना चाहते हैं।
AI का इस्तेमाल सिर्फ शॉपिंग तक सीमित नहीं है। 66 फीसदी Gen Z हेल्थकेयर से जुड़े फैसलों के लिए AI का इस्तेमाल करते हैं या ऐसा करने पर विचार कर रहे हैं। वहीं, 63 फीसदी लोग करियर गाइडेंस के लिए AI को लेकर ऐसा ही रुख रखते हैं।
इंफ्लुएंसर से ज्यादा खुद की रिसर्च पर भरोसा
स्टडी में सामने आया कि Gen Z खरीदारी से पहले खुद रिसर्च करना ज्यादा पसंद करती है। 27 फीसदी लोगों ने खुद की रिसर्च को सबसे बड़ा ट्रस्ट सोर्स बताया। इसके बाद दोस्त 20 फीसदी और रिव्यूज 15 फीसदी पर रहे।
सोशल मीडिया और क्रिएटर्स 29 फीसदी लोगों के लिए नए प्रोडक्ट खोजने का जरिया हैं, लेकिन सिर्फ 6 फीसदी लोग क्रिएटर की सिफारिश के तुरंत बाद खरीदारी करते हैं।
खरीदने से पहले जांच पड़ताल जरूरी
Gen Z अब खरीदारी से पहले ज्यादा रिसर्च कर रही है। 46 फीसदी लोगों ने कहा कि वे पहले से ज्यादा जानकारी जुटाते हैं, जबकि सिर्फ 4 फीसदी लोग प्रोडक्ट देखने के तुरंत बाद खरीदारी करते हैं।
फेक या डीपफेक कंटेंट की चिंता के चलते 32 फीसदी लोग सेलर को वेरिफाई करते हैं, जबकि 29 फीसदी लोग पहले से भरोसेमंद ब्रांड्स को प्राथमिकता देते हैं।
स्टडी में यह भी सामने आया कि 28 फीसदी लोग क्विक कॉमर्स का इस्तेमाल करते हैं। वहीं, 20 फीसदी लोगों का कहना है कि वे अब पहले से ज्यादा अचानक खरीदारी कर लेते हैं।
यह स्टडी यूगोव ने रुकम कैपिटल के साथ मिलकर की है, जिसमें भारत के 18 राज्यों के 18 से 29 साल की उम्र वाले 4,002 Gen Z रिस्पॉन्डेंट्स को शामिल किया गया था।