Gas Prices: ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे इस संघर्ष का असर अब लोगों के आम जीवन पर भी दिखने लगा है। फिलहाल तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन दुनिया भर में गैस की कीमतें बढ़ने लगी हैं। इसका असर लोगों के घरों, इंडस्ट्री और फ्यूनरल सर्विस तक में दिखने लगा है।
कुकिंग गैस पर बढ़ता दबाव
भारत में भी बढ़ती गैस की कीमतों का असर लोगों के किचन पर दिखाई देने लगा है। घरों में इस्तेमाल होने वाले LPG सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। जिस 14.2 किलोग्राम के गैस सिलेंडर के लिए आपको पहले 853 रुपये देने पड़ते थे, अब उसी सिलेंडर के लिए आपको 913 रुपये देने होंगे।
भारत के एलएनजी आयात का करीब आधा हिस्सा कतर से आता है, लेकिन कतर ने पहले ही अपने देश में इसका उत्पादन रोक दिया है। भारत के मौजूदा गैस स्टॉक्स 2 से 4 हफ्ते तक चलने के अनुमान हैं।
दूसरी तरफ इंडस्ट्रियल और ट्रांसपोर्ट यूजर्स को अभी से गैस की बढ़ती कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। अडाणी टोटल गैस ने इंडस्ट्रियल इस्तेमाल के लिए एक्स्ट्रा गैस रेट को 40 रुपये से बढ़ाकर 119 रुपये प्रति स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर कर दिया है। दिल्ली और गुजरात के कई हिस्सों में CNG की कीमतों में भी 5 से 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जहां अब हर किलोग्राम गैस 85 से 88 रुपये तक बिक रही है।
श्मशानों तक पहुंची बढ़ती गैस कीमतों की आंच
रिपोर्ट्स के अनुसार गैस की कम होती सप्लाई का असर अब पुणे जैसे शहर के श्मशानों में भी दिखने लगा है। पुणे म्युनिसिपल कॉरपोरेशन ने श्मशान घाटों पर गैस द्वारा दाह संस्कार को अस्थायी तौर पर बंद कर दिया है। यह फैसला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के निर्देशों को ध्यान में रखकर लिया गया है।
इस फैसले के चलते वैकुंठ धाम जैसे बड़े श्मशान घाटों में गैस भट्टियां बंद हैं और अब केवल लकड़ी और बिजली के माध्यम से दाह संस्कार किए जा रहे हैं।
सरकार ने दिया है आश्वासन
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आश्वासन दिया है कि घरेलू LPG सप्लाई में कोई बाधा नहीं आएगी और भारत के पास पर्याप्त मात्रा में ऊर्जा संसाधन हैं। Indian Oil Corporation ने भी कहा है कि फ्यूल डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम सही तरीके से काम कर रहा है। लोगों को डरने या घबराहट में फ्यूल और गैस की खरीद से बचने की सलाह दी गई है।
इसके साथ ही अधिकारियों का कहना है कि भारत रूस जैसे अन्य देशों से तेल और गैस के इंपोर्ट को बढ़ा रहा है, जिससे भविष्य में किसी तरह की कमी न हो।
फिलहाल के लिए पेट्रोल पंप अपनी पूरी क्षमता पर काम कर रहे हैं और घरों में भी गैस की डिलीवरी जारी है। लेकिन इस तनाव के असर अब घरों से लेकर श्मशान घाटों तक महसूस होने लगा है।
