WFI के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को दिल्ली कोर्ट से राहत, यौन उत्पीड़न केस में सभी आरोपों से बरी

महिला पहलवानों के आरोपों से जुड़े चर्चित मामले में दिल्ली कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। इस केस ने भारतीय कुश्ती से लेकर राजनीति तक लंबी बहस छेड़ी थी। अब कोर्ट के फैसले के बाद बृज भूषण शरण सिंह को राहत मिली है, लेकिन पूरा मामला आखिर कहां से शुरू हुआ था?

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In Short

  • दिल्ली कोर्ट ने छह महिला पहलवानों की ओर से दर्ज sexual harassment केस में बृज भूषण शरण सिंह को बरी कर दिया।
  • आरोपों के बाद 2023 में विनेश फोगाट साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया समेत कई पहलवानों ने जंतर मंतर पर लंबे समय तक प्रदर्शन किया था।
  • नए संसद भवन की ओर मार्च के दौरान खिलाड़ियों को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला international level पर भी चर्चा में आया था।

By Gaurav Kumar:

भारतीय कुश्ती से जुड़े सबसे चर्चित मामलों में से एक में बड़ा फैसला आया है। महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए सेक्सुअल हैरेसमेंट के आरोपों का सामना कर रहे भारतीय कुश्ती महासंघ यानी WFI के पूर्व अध्यक्ष बृज भूषण शरण सिंह को दिल्ली की कोर्ट ने बरी कर दिया है। इस फैसले के साथ उस कानूनी लड़ाई का अहम पड़ाव पूरा हो गया, जिसने खेल जगत से लेकर देश की राजनीति तक सबका ध्यान खींचा था। आइए जानते हैं कि कोर्ट का फैसला क्या रहा और यह पूरा मामला कैसे शुरू हुआ।

दिल्ली कोर्ट ने आरोपों से किया बरी

दिल्ली की कोर्ट ने सोमवार, 3 अगस्त को छह महिला पहलवानों की ओर से दर्ज कराए गए सेक्सुअल हैरेसमेंट केस में बृज भूषण शरण सिंह को बरी कर दिया। कोर्ट के इस वर्डिक्ट से WFI के पूर्व अध्यक्ष और राजनीतिक नेता बृज भूषण को बड़ी राहत मिली है। यह मामला भारतीय खेल जगत की सबसे हाई-प्रोफाइल कानूनी लड़ाइयों में शामिल रहा है।

छह महिला पहलवानों ने लगाए थे आरोप

यह केस छह महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद शुरू हुआ था। पहलवान विनेश फोगाट ने कहा था कि वह उन छह महिला खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनके साथ बृज भूषण शरण सिंह के WFI अध्यक्ष रहने के दौरान सेक्सुअल हैरेसमेंट हुआ था।

हालांकि, बृज भूषण शरण सिंह शुरुआत से ही अपने ऊपर लगाए गए सभी आरोपों से इनकार करते रहे। उनका कहना था कि उन्होंने किसी भी महिला पहलवान के साथ गलत व्यवहार नहीं किया है। मामले में लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

2023 में शुरू हुआ था पहलवानों का प्रदर्शन

महिला पहलवानों की ओर से लगाए गए इन आरोपों के बाद साल 2023 में देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए थे। ओलंपिक मेडल जीतने वाले और देश के कई बड़े पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर धरने पर बैठ गए थे।

प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों में विनेश फोगाट, साक्षी मलिक और बजरंग पूनिया जैसे बड़े नाम शामिल थे। पहलवान बृज भूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी और उन्हें कुश्ती महासंघ के पद से हटाने की मांग कर रहे थे। उनका प्रदर्शन कई महीनों तक चला और पूरे देश में इसकी चर्चा हुई।

संसद की ओर मार्च के दौरान हिरासत में लिए गए थे खिलाड़ी

मामले ने उस समय और ज्यादा तूल पकड़ लिया था, जब प्रदर्शनकारी पहलवानों ने नए संसद भवन की ओर मार्च करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस ने कई खिलाड़ियों को हिरासत में ले लिया था।

खिलाड़ियों को हिरासत में लिए जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद इस मामले ने इंटरनेशनल लेवल पर भी ध्यान खींचा। दुनिया की कई स्पोर्टिंग बॉडीज़ ने घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया दी और इसकी आलोचना की। अब दिल्ली कोर्ट के फैसले के बाद बृज भूषण शरण सिंह को छह महिला पहलवानों से जुड़े सेक्सुअल हैरेसमेंट केस में आरोपों से बरी कर दिया गया है।

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