'फर्जी' वेब सीरीज देखकर बनाया नकली नोट छापने का प्लान, 5 राज्यों में फैला नेटवर्क, 6 आरोपी गिरफ्तार
वेब सीरीज 'फर्जी' देखकर कुछ लोगों ने ऐसा प्लान बनाया कि पुलिस भी जांच में जुट गई। नकली नोटों का यह खेल एक राज्य से निकलकर पांच राज्यों तक पहुंच गया। आखिर आरोपियों ने कैसे तैयार किया पूरा नेटवर्क और पुलिस ने किस तरह किया इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश? जानिए पूरी कहानी।

In Short
- वेब सीरीज 'फर्जी' से प्रेरित होकर नकली नोट छापने का प्लान बनाने का खुलासा।
- राजस्थान समेत 5 राज्यों तक फैले नेटवर्क के 6 आरोपी गिरफ्तार।
- डूंगरपुर में 4.95 लाख रुपये से ज्यादा के नकली नोट बरामद, मुख्य आरोपी लुधियाना से गिरफ्तार।
राजस्थान पुलिस ने नकली नोट छापने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस गिरोह के कुछ सदस्य मशहूर वेब सीरीज 'फर्जी' से प्रेरित हुए थे। आरोपियों ने नकली नोटों का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला दिया था। पुलिस ने इस मामले में 6 लोगों को गिरफ्तार किया है।
ऑपरेशन नोटफ्लिक्स से हुआ गिरोह का खुलासा
राजस्थान की डूंगरपुर पुलिस ने 'ऑपरेशन नोटफ्लिक्स' के तहत नकली नोट छापने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि इस गिरोह की कड़ियां राजस्थान के अलावा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और छत्तीसगढ़ तक फैली हुई थीं।
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के कुछ सदस्यों ने वेब सीरीज 'फर्जी' देखने के बाद नकली नोट छापने की योजना बनाई थी। इसके लिए आरोपियों ने यूट्यूब, फोटोशॉप और ऑनलाइन माध्यमों की मदद ली। फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह अब तक कितने नकली नोट बाजार में खपा चुका है।
4.95 लाख रुपये के नकली नोटों से खुला राज
इस पूरे मामले की शुरुआत 29 सितंबर को हुई थी। डूंगरपुर पुलिस ने माडा स्कूल ग्राउंड से भावेश खटीक और नयन जोशी को गिरफ्तार किया था। दोनों के पास से 4 लाख 95 हजार 500 रुपये की नकली मुद्रा बरामद हुई थी।
दोनों आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस को गिरोह के दूसरे सदस्यों के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद जांच का दायरा बढ़ाया गया और अलग-अलग राज्यों में मौजूद आरोपियों तक पुलिस पहुंचने लगी।
1300 किलोमीटर दूर पंजाब से पकड़ा गया मुख्य आरोपी
डूंगरपुर के पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार के मुताबिक, मामले का मुख्य आरोपी रवि कुमार पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही फरार हो गया था। गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने ठिकाने और मोबाइल नंबर बदल रहा था।
हालांकि, पुलिस ने उसका पीछा नहीं छोड़ा और आखिरकार करीब 1300 किलोमीटर दूर पंजाब के लुधियाना रेलवे स्टेशन से उसे गिरफ्तार कर लिया। रवि कुमार उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ का रहने वाला है।
वेब सीरीज से आया आइडिया, ऑनलाइन जुटाया सामान
पुलिस जांच में सामने आया कि हरियाणा के अंबाला कैंट निवासी आनंद राजपूत ने वेब सीरीज 'फर्जी' से प्रेरित होकर नकली नोट छापने का विचार बनाया था।
वहीं, उत्तर प्रदेश के कानपुर से गिरफ्तार मोहम्मद आरिफ पर टेलीग्राम के 'अंकित पेपर सेलर' चैनल के जरिए कागज उपलब्ध कराने का आरोप है। छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी तरुण मालेकर पर 500 रुपये के नोट से जुड़ी डिजिटल फाइल उपलब्ध कराने का आरोप है।
इस मामले में पुलिस अब तक रवि कुमार, आनंद राजपूत, मोहम्मद आरिफ, तरुण मालेकर, भावेश खटीक और नयन जोशी समेत कुल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस गिरोह के पूरे नेटवर्क और बाजार में पहुंचाए गए नकली नोटों की जांच कर रही है।