महादेव बेटिंग ऐप केस में ED की बड़ी कार्रवाई! EBIX चेयरमैन विकास गर्ग गिरफ्तार - डिटेल्स
रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय मकान, जमीन के प्लॉट, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां शामिल हैं।

महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए EBIX के चेयरमैन विकास गर्ग को गिरफ्तार कर लिया है। इंडिया टुडे के पत्रकार दिव्येश सिंह के रिपोर्ट के मुताबिक इससे पहले जांच एजेंसी गर्ग से जुड़ी 941 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी जब्त कर चुकी है।
रायपुर जोनल कार्यालय की ओर से जारी प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह कार्रवाई प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (PMLA), 2002 के तहत की गई है। जब्त की गई संपत्तियों में आवासीय मकान, जमीन के प्लॉट, इक्विटी शेयर और अन्य वित्तीय प्रतिभूतियां शामिल हैं।
धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोप
इस मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और जालसाजी जैसे गंभीर आरोपों की जांच की जा रही है। ED लगातार महादेव बेटिंग ऐप नेटवर्क से जुड़े लोगों और उनकी वित्तीय गतिविधियों की जांच कर रही है।
इस बीच, महादेव बेटिंग ऐप घोटाले का मुख्य आरोपी सौरभ चंद्राकर ओमान में मिला है। भारतीय एजेंसियों ने उसके प्रत्यर्पण की प्रक्रिया शुरू कर दी है। कुछ सप्ताह पहले रॉयल ओमान पुलिस ने इंटरपोल के रेड नोटिस के आधार पर उसे हिरासत में लिया था। यह रेड नोटिस ED और छत्तीसगढ़ पुलिस के अनुरोध पर जारी हुआ था।
करीब 6,000 करोड़ रुपये के इस कथित घोटाले में ED अब तक चंद्राकर से जुड़ी 1,700 करोड़ रुपये की संपत्तियां भी अटैच कर चुकी है। इनमें दुबई के प्रीमियम इलाकों में स्थित लग्जरी विला और हाई-एंड अपार्टमेंट शामिल हैं। एजेंसी के अनुसार, इनमें बुर्ज खलीफा में मौजूद संपत्तियां भी शामिल हैं।
13 गिरफ्तारियां, 74 संस्थाएं आरोपी
ED के मुताबिक, महादेव बेटिंग ऐप कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म और डोमेन के जरिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अवैध सट्टेबाजी का नेटवर्क संचालित करता था। जांच में सामने आया है कि यह नेटवर्क फ्रेंचाइजी मॉडल पर काम करता था, जबकि इसके कथित संचालक सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरे ऑपरेशन को नियंत्रित करते थे।
अब तक ED इस मामले में 13 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है। वहीं, रायपुर की विशेष PMLA अदालत में दाखिल पांच चार्जशीट में 74 संस्थाओं को आरोपी बनाया गया है।
क्या है पूरा मामला?
महादेव बेटिंग ऐप मामला देश के सबसे चर्चित कथित ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों में से एक है। जांच एजेंसियों के अनुसार, महादेव ऑनलाइन बुक नाम के इस नेटवर्क के जरिए क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों और अन्य इवेंट्स पर अवैध सट्टेबाजी कराई जाती थी।
आरोप है कि इसका संचालन मुख्य रूप से दुबई से किया जाता था और हवाला नेटवर्क, फर्जी बैंक खातों तथा शेल कंपनियों के माध्यम से हजारों करोड़ रुपये का लेनदेन किया गया। इस मामले की जांच प्रवर्तन निदेशालय (ED) और अन्य एजेंसियां कर रही हैं और कई आरोपियों, कारोबारी सहयोगियों और अन्य संबंधित लोगों से पूछताछ की जा चुकी है। मामले की जांच और कानूनी प्रक्रिया अभी जारी है।