नदी साफ करते-करते बदल गई जिंदगी, Bittu Tabahi को Dutch CEO ने दिया नौकरी का ऑफर
मध्य प्रदेश के एक 20 साल के युवक ने बिना किसी बड़ी टीम या अभियान के महीनों तक प्रदूषित नदी की सफाई की। सोशल मीडिया पर उनकी मेहनत की तस्वीरें सामने आने के बाद कहानी नीदरलैंड्स तक पहुंची। वहां से मिला एक छोटा-सा जवाब अब उनकी जिंदगी बदल सकता है और उन्हें दुनिया के बड़े पर्यावरण संगठन से जोड़ सकता है।

In Short
- 20 साल के Surendra Singh Choudhry ने महीनों तक अकेले Ajnar River की सफाई की
- Bittu Tabahi की मेहनत और Before After तस्वीरों ने सोशल मीडिया पर खींचा ध्यान
- The Ocean Cleanup के CEO Boyan Slat ने कहा Come work with us
कभी-कभी किसी बड़े बदलाव की शुरुआत किसी बड़ी टीम या करोड़ों रुपये के अभियान से नहीं, बल्कि एक अकेले इंसान से होती है। मध्य प्रदेश के 20 साल के Surendra Singh Choudhry, जिन्हें सोशल मीडिया पर Bittu Tabahi के नाम से जाना जाता है, इसकी एक मिसाल बन गए हैं।
वह महीनों से Ajnar River को अकेले साफ करने में जुटे थे। नदी में जमा प्लास्टिक, कचरा और दूसरी गंदगी निकालने के साथ-साथ वह आसपास की सार्वजनिक जगहों की भी सफाई करते रहे। खास बात यह थी कि इसके पीछे कोई बड़ा संगठन या सरकारी अभियान नहीं था। वह अपने स्तर पर जरूरी सामान जुटाकर सफाई का काम करते थे।
पहले और बाद की तस्वीर ने खींचा ध्यान
Bittu ने सोशल मीडिया पर नदी की सफाई से पहले और बाद की तस्वीरें भी शेयर कीं। तस्वीरों में दोनों स्थितियों का अंतर साफ दिखाई देता है। एक तरफ कचरे से भरी नदी और दूसरी तरफ सफाई के बाद बदली हुई तस्वीर ने लोगों का ध्यान खींचा।
यही कोशिश धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर चर्चा में आने लगी और फिर उनकी कहानी भारत से निकलकर दुनिया के सामने पहुंच गई।
Dutch CEO की एक लाइन ने बदल दी कहानी
Bittu की मेहनत की कहानी एक X पोस्ट के जरिए Boyan Slat तक पहुंची। Slat नीदरलैंड्स के रहने वाले हैं और The Ocean Cleanup के संस्थापक हैं। यह संगठन समुद्रों और नदियों से प्लास्टिक प्रदूषण हटाने के लिए काम करता है।
Bittu की कहानी और नदी की सफाई की तस्वीरें देखने के बाद Slat ने सिर्फ तीन शब्दों में जवाब दिया-“Come work with us.”
अकेले शुरू किया काम, अब दुनिया के सामने मौका
इस ऑफर ने Bittu की कहानी को एक नया मोड़ दे दिया है। जिस काम की शुरुआत उन्होंने अपने आसपास की एक नदी को साफ करने के इरादे से की थी, वही कोशिश अब उन्हें दुनिया के बड़े पर्यावरणीय संगठनों में से एक के साथ काम करने का मौका दे सकती है।
यह कहानी सिर्फ नौकरी मिलने की नहीं है। यह उस कोशिश की कहानी है जिसमें एक युवा ने बिना बड़ी टीम, बड़े बजट या किसी औपचारिक अभियान के अपने आसपास बदलाव लाने की कोशिश की।
Bittu Tabahi के लिए अब अगला कदम क्या होगा, यह देखना दिलचस्प होगा। लेकिन उनकी कहानी ने एक बात जरूर दिखा दी है कभी-कभी बदलाव शुरू करने के लिए भीड़ नहीं, सिर्फ शुरुआत करने वाला एक इंसान चाहिए।