ईरान पर ट्रंप का बड़ा बयान: अमेरिका के सामने दो रास्ते, बातचीत जारी या फिर बेहद कड़ा हमला
ईरान को लेकर डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर सख्त तेवर दिखाए हैं। उन्होंने साफ कहा कि अमेरिका के पास दो रास्ते हैं—ईरान की कमजोर होती इकोनॉमी पर दबाव जारी रखना या फिर उस पर बेहद कड़ा हमला करना। हालांकि इसी बीच पाकिस्तान और कतर ने डील की उम्मीद भी जताई है।

In Short
- ट्रंप बोले, ईरान के साथ अभी नेगोशिएशन जारी है लेकिन अमेरिका के पास कड़े हमले का ऑप्शन भी खुला है
- पाकिस्तान का दावा, अमेरिका और ईरान किसी समझौते के करीब; कतर ने होर्मुज स्ट्रेट वार्ता को एडवांस स्टेज में बताया
- अमेरिकी मिसाइल और एम्युनिशन स्टॉक पर उठे सवाल, ट्रंप ने कहा तेजी से बढ़ाया जा रहा प्रोडक्शन
अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव के बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर तेहरान को लेकर कड़ा बयान दिया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका के सामने फिलहाल दो रास्ते हैं। पहला, ईरान की खराब होती इकोनॉमी को और कमजोर होने दिया जाए और दूसरा, उस पर पहले से कहीं ज्यादा कड़ा हमला किया जाए। इसी बीच पाकिस्तान और कतर की तरफ से ऐसे संकेत मिले हैं कि बातचीत भी आगे बढ़ रही है। ऐसे में अब पूरा मामला ट्रंप के बताए इन दोनों रास्तों और पर्दे के पीछे चल रही डील की कोशिशों पर टिक गया है।
ईरान से अभी बातचीत कर रहे हैं ट्रंप
रियल अमेरिका वॉइस को दिए फोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के साथ एक तरह से नेगोशिएशन कर रहे हैं। उन्होंने ईरान को बहुत चालाक नेगोशिएटर बताया। ट्रंप के मुताबिक अमेरिका मौजूदा पॉलिसी को जारी रख सकता है और यह देख सकता है कि ईरान की इकोनॉमी कितनी खराब होती जाती है। उनका दावा है कि ईरान आर्थिक मुश्किलों में है और उसके लिए पैसा उधार लेना भी मुश्किल हो रहा है।
फ्रोजन ईरानी एसेट्स पर भी बोले ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका के पास ईरान के फ्रोजन एसेट्स का कंट्रोल है। उन्होंने खुद को ईरान का ‘बैंकर’ तक बताया। ट्रंप का इशारा था कि आर्थिक दबाव बनाए रखना भी अमेरिका की स्ट्रैटेजी का हिस्सा हो सकता है। हालांकि इसके साथ ही उन्होंने दूसरा और ज्यादा आक्रामक ऑप्शन भी सामने रखा।
दूसरा ऑप्शन बेहद कड़ा हमला
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का दूसरा रास्ता ईरान पर “बहुत ज्यादा कड़ा” हमला करना है। फरवरी के आखिर में कॉन्फ्लिक्ट शुरू होने के बाद से ट्रंप कई बार एक तरफ सैन्य कार्रवाई तेज करने की चेतावनी देते रहे हैं, तो दूसरी तरफ यह भी कहते रहे हैं कि पीस डील करीब है।
पाकिस्तान और कतर ने दिए डील के संकेत
इसी बीच पाकिस्तान ने कहा है कि अमेरिका और ईरान किसी तरह की डील के करीब हैं। वहीं कतर का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट को मैनेज करने को लेकर बातचीत एडवांस स्टेज में पहुंच चुकी है। हालांकि रीजनल वाटर्स में जहाजों पर नए हमलों की रिपोर्ट्स ने हालात को अब भी संवेदनशील बनाया हुआ है।
अमेरिकी हथियारों के स्टॉक पर भी उठे सवाल
ट्रंप ने अमेरिकी एम्युनिशन स्टॉक कम होने की चिंताओं को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका तेजी से हथियार बना रहा है और मौजूदा स्थिति ठीक है। ट्रंप ने इसके लिए पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन को जिम्मेदार ठहराते हुए दावा किया कि उन्होंने यूक्रेन को 300 अरब डॉलर के हथियार दिए।
यह बयान उस रिपोर्ट के बाद आया है जिसमें कहा गया कि ईरान के साथ पांच महीने से चल रहे युद्ध में अमेरिकी सेना अपने बेहद सटीक लॉन्ग रेंज मिसाइल स्टॉक का बड़ा हिस्सा इस्तेमाल कर चुकी है। इसी वजह से भविष्य के किसी दूसरे कॉन्फ्लिक्ट के लिए अमेरिकी मिलिट्री की तैयारी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।