मेट्रो स्टेशन बंद करने के मामले में DMRC ने सुप्रीम कोर्ट से मांगी माफी

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशन बंद करने का मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है. DMRC ने अदालत में हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी है. हालांकि, मेट्रो प्रशासन ने अपने जवाब में कुछ ऐसे आंकड़े पेश किए हैं, जिनसे उस दिन की पूरी स्थिति सामने आई है.

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In Short

  • प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों पर पाबंदी लगाने के मामले में DMRC ने सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी.
  • DMRC के मुताबिक, 10 अक्टूबर को 303 में से 258 मेट्रो स्टेशन खुले थे और 271 ट्रेनें चलाई गई थीं.
  • प्रदर्शन के दिन करीब 32 लाख यात्रियों ने मेट्रो से सफर किया, जबकि सामान्य दूसरे शनिवार को यह संख्या 58 लाख रहती है.

By Gungun Mishra:

दिल्ली में 10 अक्टूबर को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन के दौरान मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने के मामले में दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने सुप्रीम कोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है. DMRC ने जवाबी हलफनामे के साथ बिना शर्त माफी भी मांगी है. हालांकि, मेट्रो प्रशासन ने साफ किया है कि उस दिन पूरी दिल्ली मेट्रो बंद नहीं थी, बल्कि कुछ स्टेशनों पर यात्रियों की एंट्री और एग्जिट पर रोक लगाई गई थी.

DMRC ने सुप्रीम कोर्ट से क्यों मांगी माफी?

डीएमआरसी की चेयरपर्सन सुश्री डी तारा ने मेट्रो प्रशासन की ओर से सुप्रीम कोर्ट से बिना शर्त माफी मांगी है. हालांकि, हलफनामे में डीएमआरसी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने उसका पक्ष सुने बिना ही आदेश पारित कर दिया था. इसके बावजूद डीएमआरसी ने कहा कि वह सुप्रीम कोर्ट का बहुत सम्मान करता है और इसी वजह से बिना शर्त माफी मांग रहा है.

303 में से कितने मेट्रो स्टेशन थे बंद?

डीएमआरसी ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि 10 अक्टूबर 2026 को दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशन बंद नहीं किए गए थे. उस दिन कुल 303 स्टेशनों में से 258 स्टेशन यात्रियों के लिए खुले थे. केवल 45 स्टेशनों पर प्रवेश और बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगाया गया था.

मेट्रो प्रशासन के मुताबिक, इन प्रतिबंधों का मतलब पूरे मेट्रो नेटवर्क को बंद करना नहीं था. यात्रियों के लिए ज्यादातर स्टेशनों पर सेवाएं सामान्य रूप से जारी थीं.

271 ट्रेनें चलीं, 4,157 ट्रिप हुईं पूरी

डीएमआरसी ने अपने हलफनामे में बताया कि 10 अक्टूबर को कुल 271 मेट्रो ट्रेनें चलाई गई थीं. इन ट्रेनों ने पूरे दिन में 4,157 ट्रिप पूरी कीं. प्रशासन के मुताबिक, उस दिन ट्रेन सेवाओं की संख्या में कोई कटौती नहीं की गई थी.

इसके अलावा राजीव चौक, कश्मीरी गेट, केंद्रीय सचिवालय, मंडी हाउस और हौज खास समेत 14 प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों के लिए इंटरचेंज की सुविधा भी जारी रही. यानी यात्री इन स्टेशनों पर एक मेट्रो लाइन से दूसरी लाइन में बदल सकते थे.

कब हटाए गए स्टेशनों पर प्रतिबंध?

डीएमआरसी के मुताबिक, 10 अक्टूबर को जिन 45 स्टेशनों पर प्रतिबंध लगाए गए थे, उन्हें रात 10 बजे से हटा दिया गया था. इसके बाद सभी स्टेशन खोल दिए गए. हालांकि, 12 अक्टूबर को फिर 6 स्टेशनों पर अस्थायी प्रतिबंध लगाए गए थे.

यात्रियों की संख्या में आई बड़ी गिरावट

डीएमआरसी ने बताया कि 10 अक्टूबर को करीब 32 लाख यात्रियों ने दिल्ली मेट्रो से सफर किया. जबकि सामान्य तौर पर दूसरे शनिवार को करीब 58 लाख लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं.

मेट्रो प्रशासन के मुताबिक, विरोध-प्रदर्शन की वजह से यात्रियों की संख्या में कमी आई. इस दौरान आम लोगों को आवाजाही में काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ा.

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