दिल्ली में ट्रेनों की आवाजाही पर रेलवे का नया अपडेट, फिलहाल और ट्रेनें रद्द नहीं होंगी
दिल्ली के नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर हालात अब धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। CJP के प्रदर्शन के चलते 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द की गई थीं। रेलवे के ताजा अपडेट के मुताबिक फिलहाल और ट्रेनें रद्द करने की योजना नहीं है। पहले इस फैसले की काफी आलोचना हुई थी।

In Short
- दिल्ली के नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं।
- CJP के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी थीं।
- रेलवे सूत्रों के मुताबिक फिलहाल किसी और ट्रेन को रद्द करने की योजना नहीं है।
दिल्ली के नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर हालात धीरे-धीरे सामान्य हो रहे हैं। रेलवे सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल किसी और ट्रेन को रद्द करने की योजना नहीं है। रेलवे अधिकारी कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के लगातार संपर्क में हैं। इससे पहले कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने दोनों स्टेशनों से जुड़ी 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द कर दी थीं। इस फैसले के बाद यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा था।
CJP के प्रदर्शन के चलते रद्द हुई थीं 250 से ज्यादा ट्रेनें
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर प्रदर्शन बुलाया था। इसी प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों से जुड़ी 250 से ज्यादा ट्रेनें रद्द करने का फैसला लिया था।
रद्द की गई ट्रेनों में 9 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशन से रवाना होने वाली ट्रेनें शामिल थीं। इसके अलावा 10 अक्टूबर को सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली या हजरत निजामुद्दीन पहुंचने वाली ट्रेनें भी रद्द की गई थीं। इन दोनों स्टेशनों से आगे के लिए रवाना होने वाली ट्रेनें और लोकल ट्रेनें भी इस फैसले से प्रभावित हुई थीं।
रेलवे के फैसले की हुई थी आलोचना
इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करने के रेलवे बोर्ड के फैसले की रेलवे विशेषज्ञों, यात्री संगठनों और मान्यता प्राप्त रेलवे कर्मचारी संगठनों ने आलोचना की थी। रेलवे बोर्ड के पूर्व सदस्य (इंजीनियरिंग) सुबोध जैन ने इस फैसले पर सवाल उठाए थे।
उन्होंने कहा था कि इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनें रद्द करना प्रदर्शनकारियों के सामने झुकने जैसा है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण भी बताया था। जैन के मुताबिक, पहले आंदोलनों के दौरान एक या दो ट्रेनें रद्द की जाती थीं, लेकिन एक साथ इतनी बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द करने का फैसला पहले कभी नहीं देखा गया।
यात्री संगठनों ने भी जताई थी नाराजगी
ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन के महासचिव शिव गोपाल मिश्रा ने भी रेलवे के इस फैसले को अभूतपूर्व और यात्रियों के लिए नुकसानदेह बताया था। उन्होंने कहा था कि अचानक ट्रेनें रद्द होने से हजारों यात्रियों को परेशानी हुई।
इन यात्रियों में इलाज के लिए यात्रा करने वाले लोग, कामकाज के सिलसिले में सफर करने वाले यात्री और पारिवारिक कार्यक्रमों में शामिल होने जा रहे लोग भी शामिल थे। अचानक हुए इस फैसले के कारण कई यात्रियों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हुई थीं।
फिलहाल ट्रेनें रद्द करने की कोई नई योजना नहीं
रेलवे सूत्रों के ताजा अपडेट के मुताबिक, नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशनों पर स्थिति अब धीरे-धीरे सामान्य हो रही है। फिलहाल रेलवे की किसी और ट्रेन को रद्द करने की योजना नहीं है। रेलवे अधिकारी कानून लागू कराने वाली एजेंसियों के लगातार संपर्क में बने हुए हैं। ऐसे में फिलहाल रेलवे की ओर से अतिरिक्त ट्रेनों को रद्द करने का कोई नया फैसला नहीं लिया गया है।